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बीआरडी : ईएनटी ओटी में पहुंचे प्राचार्य, दो मरीजों का किया ऑपरेशन
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गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार मंगलवार की सुबह ईएनटी विभाग के ऑपरेशन थिएटर पहुंचे। उन्होंने वहां दो मरीजों का सफल ऑपरेशन किया। कार्यभार संभालने के बाद यह पहली बार है जब प्राचार्य ने कॉलेज में किसी मरीज की सर्जरी की। दोनों ऑपरेशन विशेषज्ञ चिकित्सकों और एनेस्थीसिया टीम के सहयोग से सफलतापूर्वक किए गए।
डॉ. धर्मेंद्र कुमार ईएनटी (नाक, कान और गला) के विशेषज्ञ हैं। पहला ऑपरेशन 30 वर्षीय प्रियंका के कान का किया गया। उन्हें बचपन से कान से पानी और मवाद आने की शिकायत थी। धीरे-धीरे उनकी सुनने की क्षमता भी कम हो रही थी। जांच में क्रॉनिक सपूरेटिव ओटाइटिस मीडिया (सीएसओएम) की पुष्टि हुई। इसके बाद उनकी कॉर्टिकल मास्टॉयडेक्टॉमी और टिम्पेनोप्लास्टी की गई।
वहीं, 31 वर्षीय प्रमशिला पिछले डेढ़ वर्ष से गर्दन में सूजन की समस्या से परेशान थीं। जांच में कोलॉइड गोइटर और सिस्टिक डिजेनेरेशन की पुष्टि हुई। इसके बाद उनकी हेमिथायरॉयडेक्टॉमी की गई। दोनों सर्जरी ईएनटी विभाग की टीम ने प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार के नेतृत्व में की।
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सर्जिकल टीम में डॉ. रविश (एसआर), डॉ. दिग्विजय (जेआर-2) और डॉ. दिव्या (जेआर-1) शामिल रहे। एनेस्थीसिया टीम में डॉ. अविनाश (एपी), डॉ. माता प्रसाद (एपी), डॉ. आयुषी (जेआर-2), डॉ. अनुज (जेआर-1) और डॉ. करिश्मा (जेआर-1) ने सहयोग किया। डॉ. धर्मेंद्र ने बताया कि दोनों मरीजों की स्थिति ठीक है। उन्हें ऑपरेशन के बाद आवश्यक चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
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डॉ. धर्मेंद्र कुमार ईएनटी (नाक, कान और गला) के विशेषज्ञ हैं। पहला ऑपरेशन 30 वर्षीय प्रियंका के कान का किया गया। उन्हें बचपन से कान से पानी और मवाद आने की शिकायत थी। धीरे-धीरे उनकी सुनने की क्षमता भी कम हो रही थी। जांच में क्रॉनिक सपूरेटिव ओटाइटिस मीडिया (सीएसओएम) की पुष्टि हुई। इसके बाद उनकी कॉर्टिकल मास्टॉयडेक्टॉमी और टिम्पेनोप्लास्टी की गई।
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वहीं, 31 वर्षीय प्रमशिला पिछले डेढ़ वर्ष से गर्दन में सूजन की समस्या से परेशान थीं। जांच में कोलॉइड गोइटर और सिस्टिक डिजेनेरेशन की पुष्टि हुई। इसके बाद उनकी हेमिथायरॉयडेक्टॉमी की गई। दोनों सर्जरी ईएनटी विभाग की टीम ने प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार के नेतृत्व में की।
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सर्जिकल टीम में डॉ. रविश (एसआर), डॉ. दिग्विजय (जेआर-2) और डॉ. दिव्या (जेआर-1) शामिल रहे। एनेस्थीसिया टीम में डॉ. अविनाश (एपी), डॉ. माता प्रसाद (एपी), डॉ. आयुषी (जेआर-2), डॉ. अनुज (जेआर-1) और डॉ. करिश्मा (जेआर-1) ने सहयोग किया। डॉ. धर्मेंद्र ने बताया कि दोनों मरीजों की स्थिति ठीक है। उन्हें ऑपरेशन के बाद आवश्यक चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।