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Gorakhpur News: कुपोषित बच्चों को फिर से मिलेगा दलिया, हलवा और अंडा
Sun, 10 May 2026 02:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sun, 10 May 2026 02:11 AM IST
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गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कुपोषित बच्चों को अब फिर से दलिया, हलवा और अंडा मिलेगा। अब बजट का इंतजार नहीं होगा। बीआरडी मेडिकल कॉलेज ने अपने खर्चे पर यह व्यवस्था शुरू करने का निर्णय लिया है।
मेडिकल कॉलेज में एनएचएम के तहत संचालित इस केंद्र में शून्य से पांच वर्ष तक के कुपोषित बच्चों का इलाज किया जाता है। पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में 10 बेड वाले वार्ड में इस समय आठ बच्चों का इलाज चल रहा है। बच्चों को 14 से 21 दिनों तक निगरानी में रखा जाता है। उन्हें अंडा, दूध, हलवा, फल, कैलोरीयुक्त भोजन, आयरन, विटामिन और फोलिक एसिड जैसी जरूरी चीजें दी जानी हैं।
बीते छह महीने से बजट के अभाव में बच्चों के पोषण आहार में कटौती कर दी गई थी। मामला सामने आने पर अब मेडिकल काॅलेज ने पहल की है। बच्चों को फिर से भरपूर पोषण आहार मिलना शुरू हो जाएगा, जिससे उनके स्वास्थ्य में सुधार हो सकेगा।
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इस संबंध में बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल ने कहा कि अब बजट का इंतजार नहीं होगा। न्यूट्रीशियन की सलाह के अनुसार बच्चों को जरूरत के हिसाब से पोषण आहार दिया जाएगा। बच्चों के इलाज और भोजन में किसी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
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मेडिकल कॉलेज में एनएचएम के तहत संचालित इस केंद्र में शून्य से पांच वर्ष तक के कुपोषित बच्चों का इलाज किया जाता है। पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में 10 बेड वाले वार्ड में इस समय आठ बच्चों का इलाज चल रहा है। बच्चों को 14 से 21 दिनों तक निगरानी में रखा जाता है। उन्हें अंडा, दूध, हलवा, फल, कैलोरीयुक्त भोजन, आयरन, विटामिन और फोलिक एसिड जैसी जरूरी चीजें दी जानी हैं।
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बीते छह महीने से बजट के अभाव में बच्चों के पोषण आहार में कटौती कर दी गई थी। मामला सामने आने पर अब मेडिकल काॅलेज ने पहल की है। बच्चों को फिर से भरपूर पोषण आहार मिलना शुरू हो जाएगा, जिससे उनके स्वास्थ्य में सुधार हो सकेगा।
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इस संबंध में बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल ने कहा कि अब बजट का इंतजार नहीं होगा। न्यूट्रीशियन की सलाह के अनुसार बच्चों को जरूरत के हिसाब से पोषण आहार दिया जाएगा। बच्चों के इलाज और भोजन में किसी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।