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Gorakhpur News: पुलिस को नचाने वाली ब्योड़ी पूछती है- नशे में कौन नहीं है...मुझे बताओ जरा

Sun, 25 Jun 2023 12:51 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 25 Jun 2023 12:51 AM IST
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BRD: Byodi, who makes the police dance, asks - who is not drunk... tell me
बचपन में लगी नशे की लत ने खुद के साथ परिवार को भी कर दिया तबाह, परिवार के लाेग भी हरकतों से हैं परेशान
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर के बाहर महिला को छोड़ने का मामला

अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती नशे की आदी एक महिला ने पुलिस को नचाकर रख दिया है। पुलिस वालों का कहना है कि उन्होंने बेसुध महिला को अस्पताल पहुंचाकर मदद की थी, मगर हल्ला यह हो गया कि पुलिस अस्पताल के बाहर उसे फेंककर भाग गई। सच बताने की हालत में महिला अब तक नहीं है। पुलिस कहती है कि महिला नशे में है तो वह बोलती है- नशे में कौन नहीं है, मुझे बताओ जरा...।

अस्पताल वालों का कहना है कि महिला को बाहर पड़े देखा तो उसे भर्ती करवाकर इलाज कराया जा रहा है, जबकि पुलिस का कहना है कि अस्पताल वाले तो अब तक तीमारदारों की पिटाई के लिए पहचाने जा रहे थे, इतने मददगार कब से हो गए। फिलहाल, पुलिस महिला को लेकर शनिवार पूरे दिन सफाई देती रही। महिला से पुलिस को बस एक ही राहत मिली कि उसने भाई का मोबाइल नंबर बता दिया। उसके भाई को बिहार से बुलाकर पूछताछ की गई तो सबके होश उड़ गए। भाई ने बताया कि बहन नशेड़ी है। वह बचपन से ही नशा करने लगी थी, मगर किसी को पता नहीं चला। जानवर चराने के दौरान भूसे-चारे वालों ने उसे गांजा पीने की आदत डलवा दी थी। 2004 में जब शादी के बाद उसने नशा करके उत्पात मचाया तो पति ने शिकायत की। मामला उसे भर्ती कराने तक पहुंच गया था। उसी के बाद से पति उसे घर छोड़ गया। इसी तरह आना-जाना लगा रहा और इसी नशे की लत में उसके बेटे की मौत हो गई। किसी तरह पति उसे ले जाने को माना तो फिर महिला ने हंगामा खड़ा कर दिया। मां के घर लौटी तो फिर 2011 में उसे बेटा हो गया। पति ने नशे की लत से आजिज आकर उसे और उसके बेटे को बिहार ही छोड़ा और खुद जम्मू-कश्मीर चला गया। वहां उसने दूसरी शादी कर ली। तब से महिला अपनी मां के घर पर है, मगर बार-बार घर से भाग जाती है। काफी दिनों बाद किसी तरह उसका पता लगता है तो भाई बुला ले जाता है, मगर अबकि वह भी टूट गया है।
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उसने अफसरों ने गुजारिश की कि उसकी बहन को लावारिस घोषित करके मुक्ति दिला दें, क्योंकि वह अब उसकी देखभाल की हालत में नहीं हैं। अफसरों ने मां से बात की तो उसने भी यही बोल दिया। पूरा परिवार उससे मुक्ति चाहता है। ऐसे में अफसर परेशान हैं कि महिला की मदद करके उलटे फंस गए। अब उसे किसके हवाले किया जाए, इसी पर मंथन चल रहा है। उधर महिला ने पूरे वार्ड में हल्ला मचा रखा है। नशे में बार-बार कहती है कि सब गलत हैं। सब नशे में हैं।
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शराब पीकर हो गई थी चोटिल, बेतिया अस्पताल से भाग गई



भाई ने बताया कि बहन 10 दिन पहले चोटिल हो गई थी। तीन दिनों तक बेतिया अस्पताल में भर्ती थी। इस बीच वहां से भी भाग गई। कई दिनों ढूंढ़ा, लेकिन नहीं मिली। बताया कि इसे जुबानी मेरा नंबर याद है। यही वजह है कि मजबूरी में नंबर भी नहीं बदल रहा हूं। नंबर पर पुलिसकर्मियों ने फोन किया तो पता चला कि बीआरडी में भर्ती है।





कोट

पुलिस के जवानों ने एंबुलेंस से ट्रॉमा सेंटर में महिला को भर्ती कराया था। भर्ती के बाद डॉक्टरों को इलाज करना होता है। लावारिस हाल में महिला को नहीं छोड़ा गया था। लावारिस हाल में छोड़ने की बात पूरी तरह से निराधार है। रही बात उसे वाराणसी भेजने की तो अगर पत्र मिलता है तो उसे भिजवाने की व्यवस्था कराई जाएगी।




-मनोज अवस्थी, एसपी नार्थ

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महिला ट्रॉमा सेंटर के बाहर लावारिस हालत में पड़ी थी। उसकी स्थिति बेहद खराब थी। उसके शरीर पर चोट के निशान थे। उसे तत्काल ट्रॉमा में भर्ती कराकर इलाज कराया गया। अब उसकी हालत ठीक है। उसे वाराणसी के मानसिक अस्पताल में भेजना है।

डॉ. गणेश कुमार, प्राचार्य, बीआरडी मेडिकल कॉलेज
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