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यूपी: ऐसे में 2022 में कैसे सत्ता में आएगी भाजपा, पदाधिकारियों की कार्यप्रणाली से नाराज हैं कार्यकर्ता
Mon, 09 Aug 2021 11:42 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 09 Aug 2021 11:42 AM IST
सार
दरअसल, पंचायत चुनाव में जिला पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख चुनाव में कई कार्यकर्ता टिकट चाहते थे। यहां पार्टी ने उन्हें मौका नहीं दिया। ब्लॉक प्रमुख चुनाव में दो मंत्रियों ने अपनों को टिकट दिलाकर निर्विरोध प्रमुख बनवा लिया। इसके साथ ही कई जगह बाहरियों को मौका दिया गया। जिनकी निष्ठा समय-समय पर सत्ता के साथ बदलती रहती है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : PTI
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में पंचायत चुनाव खत्म होने के बाद भाजपा में लोग मुखर होने की तैयारी में हैं। शनिवार को इसकी एक छोटी सी छलक दिखी। नगर के एक मैरेज हाल में पूर्व पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने चिंतन बैठक की। इसमें वरिष्ठ नेताओं की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई गई। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में व्यक्ति विशेष पर तो बात हुई, पर पार्टी विरोधी कोई बात नहीं की गई। यह हाल तब है जब पार्टी का शीर्ष नेतृत्व 2022 की तैयारियों में जुट गया है।
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दरअसल, पंचायत चुनाव में जिला पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख चुनाव में कई कार्यकर्ता टिकट चाहते थे। यहां पार्टी ने उन्हें मौका नहीं दिया। ब्लॉक प्रमुख चुनाव में दो मंत्रियों ने अपनों को टिकट दिलाकर निर्विरोध प्रमुख बनवा लिया। इसके साथ ही कई जगह बाहरियों को मौका दिया गया। जिनकी निष्ठा समय-समय पर सत्ता के साथ बदलती रहती है।
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नाम न छापने की शर्त पर एक पूर्व पदाधिकारी ने बताया कि चुनाव में बड़ा ‘खेल’ हुआ। जांच कराई जाए तो कई जनप्रतिनिधियों एवं संगठन से जुड़े लोगों की पोल खुल सकती है। कार्यकर्ता तो अनुशासन में रहते हैं। वहीं बड़े ओहदे पर बैठे लोग खुद प्रोटाकॉल का पालन नहीं करने वालों के आयोजनों में सिरकत करते हैं। इसका उदाहरण है हाल में आयोजित कुछ कार्यक्रमों में एक माननीय को आमंत्रित ही नहीं किया गया। एक पूर्व पदाधिकारी ने संगठन के एक जिम्मेदार पर कई गंभीर आरोप लगाए।
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बैठक में मौजूद जिला कार्य समिति के विशेष आमंत्रित सदस्य शांति स्वरूप दुबे ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि जिला संगठन की उपेक्षा, संवेदनशीलता से पीड़ित कार्यकर्ताओं की बैठक नगर मैरेज हाल में हुई। जिसमें दस मंडल अध्यक्ष, पूर्व संगठन के पदाधिकारियों समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
इस मौके पर जिला उपभोक्ता सहकारी संघ लि.के अध्यक्ष विशम्भर मिश्र, बलराम उपाध्याय, पूर्व उपाध्यक्ष दिनेश तिवारी, पूर्व महामंत्री जितेंद्र पांडेय, संजय राव, अखिलेश तिवारी, राजेंद्र विक्रम सिंह, नित्यानंद पांडेय, सीबी सिंह, हितेंद्र तिवारी, सत्यप्रकाश पांडेय, अशोक मिश्रा, वीरेंद्र सिंह, विनोद मिश्र, सभासद आशुतोष तिवारी, शांति स्वरूप दुबे, जितेंद्र सिंह, अशोक और नगर अध्यक्ष भाजपा संजय पांडेय, दिवाकर मिश्र आदि मौजूद रहे।
नगर अध्यक्ष भाजपा संजय पांडेय ने कहा कि बैठक में मुझे बुलाया गया था, जब संगठन की कार्यप्रणाली के खिलाफ बातें होने लगी तो मैं उठ कर चला आया।
भाजपा जिलाध्यक्ष अंतर्यामी सिंह ने कहा कि यह पार्टी की कोई अधिकृत बैठक नहीं थीं। अगर किसी को कोई तकलीफ है तो हाल ही में मंडल की बैठक इसी को लेकर आयोजित की गई थी। इसमें बात रखनी चाहिए थी। लोगों को आयोजकों ने धोखे से किसी को दावत तो किसी को अन्य बहाने बुला लिया था। बैठक में जो बातें र्हुइं मुझे पता लगा है। सभी बातें बेबुनियाद एवं भ्रामक हैं।
इस मौके पर जिला उपभोक्ता सहकारी संघ लि.के अध्यक्ष विशम्भर मिश्र, बलराम उपाध्याय, पूर्व उपाध्यक्ष दिनेश तिवारी, पूर्व महामंत्री जितेंद्र पांडेय, संजय राव, अखिलेश तिवारी, राजेंद्र विक्रम सिंह, नित्यानंद पांडेय, सीबी सिंह, हितेंद्र तिवारी, सत्यप्रकाश पांडेय, अशोक मिश्रा, वीरेंद्र सिंह, विनोद मिश्र, सभासद आशुतोष तिवारी, शांति स्वरूप दुबे, जितेंद्र सिंह, अशोक और नगर अध्यक्ष भाजपा संजय पांडेय, दिवाकर मिश्र आदि मौजूद रहे।
नगर अध्यक्ष भाजपा संजय पांडेय ने कहा कि बैठक में मुझे बुलाया गया था, जब संगठन की कार्यप्रणाली के खिलाफ बातें होने लगी तो मैं उठ कर चला आया।
भाजपा जिलाध्यक्ष अंतर्यामी सिंह ने कहा कि यह पार्टी की कोई अधिकृत बैठक नहीं थीं। अगर किसी को कोई तकलीफ है तो हाल ही में मंडल की बैठक इसी को लेकर आयोजित की गई थी। इसमें बात रखनी चाहिए थी। लोगों को आयोजकों ने धोखे से किसी को दावत तो किसी को अन्य बहाने बुला लिया था। बैठक में जो बातें र्हुइं मुझे पता लगा है। सभी बातें बेबुनियाद एवं भ्रामक हैं।