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काम की खबर: एंबुलेंस में बच्चा होता है पैदा तो कहां बनेगा जन्म प्रमाणपत्र, यहां जानिए सब कुछ
Sat, 13 Mar 2021 04:34 PM IST
vivek shukla
राजीव रंजन, गोरखपुर।
राजीव रंजन, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 13 Mar 2021 04:34 PM IST
सार
- नगर निगम ने 143 अस्पतालों और नर्सिंग होम को यह सुविधा उपलब्ध कराई
- सभी को उपलब्ध कराया गया लॉग-इन और पासवर्ड
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गोरखपुर में अगर शहर के किसी अस्पताल या नर्सिंग होम में आपके बच्चे का जन्म होता है तो वहां से भी नवजात का जन्म प्रमाणपत्र बनवा सकते हैं। नगर निगम ने शहर के 143 निजी अस्पताल और नर्सिंग होम को प्रमाणपत्र बनाने के लिए सुविधा प्रदान कर दी है। ऐसे में इन प्रमाणपत्रों को बनवाने के लिए नगर निगम जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वहीं अगर बच्चा एंबुलेंस में पैदा होता है तो उसका जन्म प्रमाण पत्र शहर या ग्रामीण क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से बन जाएगा।
उत्तर प्रदेश सरकार ने यह प्रावधान किया है कि अगर कोई बच्चा एंबुलेंस में पैदा होता है तो इसकी सूचना एंबुलेंस के ड्राइवर के द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में देने के आधार पर जारी किया जा सकता है। वही अगर कोई बच्चा घर में पैदा होता है तो क्षेत्र की संबंधित आशा कार्यकर्ता की सूचना के आधार पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर से जन्म प्रमाण पत्र जारी किया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश सरकार, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग एवं नगर निगम की ओर से संयुक्त रूप से जन्म मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम के तहत यह प्रावधान किया गया है। इसी के अंतर्गत नगर निगम, सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों को जन्म या मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन निजी अस्पतालों एवं नर्सिंग होम के कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। साथ ही नगर निगम की ओर से इन सभी को लॉग-इन और पासवर्ड उपलब्ध करा दिया गया है।
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उत्तर प्रदेश सरकार ने यह प्रावधान किया है कि अगर कोई बच्चा एंबुलेंस में पैदा होता है तो इसकी सूचना एंबुलेंस के ड्राइवर के द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में देने के आधार पर जारी किया जा सकता है। वही अगर कोई बच्चा घर में पैदा होता है तो क्षेत्र की संबंधित आशा कार्यकर्ता की सूचना के आधार पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर से जन्म प्रमाण पत्र जारी किया जा सकता है।
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उत्तर प्रदेश सरकार, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग एवं नगर निगम की ओर से संयुक्त रूप से जन्म मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम के तहत यह प्रावधान किया गया है। इसी के अंतर्गत नगर निगम, सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों को जन्म या मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन निजी अस्पतालों एवं नर्सिंग होम के कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। साथ ही नगर निगम की ओर से इन सभी को लॉग-इन और पासवर्ड उपलब्ध करा दिया गया है।
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कुछ इस तरह होगी प्रक्रिया
किसी भी अस्पताल या नर्सिंग होम में बच्चे का जन्म या मृत्यु हो जाने पर 21 दिन के अंदर उसी अस्पताल या नर्सिंग होम के द्वारा जन्म या मृत्यु का विवरण निर्धारित फॉर्म पर ऑनलाइन भरना होगा। इसे सबमिट करते ही ऑनलाइन फॉर्म नगर निगम की वेबसाइट पर आ जाएगा।
वहां पर नगर निगम की ओर से जारी जन्म या मृत्यु प्रमाणपत्र पर पूरा ब्योरा भरने के बाद जन्म मृत्यु रजिस्ट्रार/ नगर स्वास्थ्य अधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर के साथ वापस उस अस्पताल या नर्सिंग होम को भेज दिया जाएगा। इसके बाद वहीं से इसका प्रिंट निकाल कर संबंधित व्यक्ति को दे दिया जाएगा। यह व्यवस्था पूरी तरह से निशुल्क है।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश रस्तोगी ने कहा कि अब नगर निगम की ओर से जारी होने वाला जन्म प्रमाणपत्र शहर का कोई भी प्राइवेट अस्पताल या नर्सिंग होम उनके यहां जन्म लेने वाले बच्चे के लिए जारी कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें लॉग-इन एवं पासवर्ड उपलब्ध करा दिया गया है।
एडिशनल सीएमओ डॉ. एसएन त्रिपाठी ने कहा कि शहर के 143 प्राइवेट अस्पतालों और नर्सिंग होम को जन्म या मृत्यु संबंधी प्रमाणपत्र जारी करने की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। 21 दिनों के अंदर कोई भी व्यक्ति अस्पताल में होने वाले जन्म या मृत्यु संबंधी प्रमाणपत्र ले सकता है। उन्हें नगर निगम जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
वहां पर नगर निगम की ओर से जारी जन्म या मृत्यु प्रमाणपत्र पर पूरा ब्योरा भरने के बाद जन्म मृत्यु रजिस्ट्रार/ नगर स्वास्थ्य अधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर के साथ वापस उस अस्पताल या नर्सिंग होम को भेज दिया जाएगा। इसके बाद वहीं से इसका प्रिंट निकाल कर संबंधित व्यक्ति को दे दिया जाएगा। यह व्यवस्था पूरी तरह से निशुल्क है।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश रस्तोगी ने कहा कि अब नगर निगम की ओर से जारी होने वाला जन्म प्रमाणपत्र शहर का कोई भी प्राइवेट अस्पताल या नर्सिंग होम उनके यहां जन्म लेने वाले बच्चे के लिए जारी कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें लॉग-इन एवं पासवर्ड उपलब्ध करा दिया गया है।
एडिशनल सीएमओ डॉ. एसएन त्रिपाठी ने कहा कि शहर के 143 प्राइवेट अस्पतालों और नर्सिंग होम को जन्म या मृत्यु संबंधी प्रमाणपत्र जारी करने की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। 21 दिनों के अंदर कोई भी व्यक्ति अस्पताल में होने वाले जन्म या मृत्यु संबंधी प्रमाणपत्र ले सकता है। उन्हें नगर निगम जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।