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गोरखपुर: बिल ऑनलाइन जमा किया, फिर भी बने बकाएदार
Thu, 09 Dec 2021 03:20 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 09 Dec 2021 03:20 PM IST
सार
गोरखपुर शहर के 60 हजार से ज्यादा बिजली उपभोक्ता ऑनलाइन भुगतान करते हैं बिल
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
ऑनलाइन बिजली का बिल समय से जमा करने के बाद भी उपभोक्ताओं को बिजली निगम बकाएदार बना रहा है। शिकायतें लेकर जाने पर पता चल रहा कि उनके मीटर में रीडिंग स्टोर होने की वजह से बकाया दिखा रहा। जबकि उपभोक्ता समय से प्रतिमाह अपने कनेक्शन आईडी पर ऑनलाइन बिल जमा कर देते हैं।
दरअसल यूपीपीसीएल का सॉफ्टवेयर खुद पुराने बिलिंग के हिसाब से औसत बिजली खपत का बिल बनाकर सर्वर पर अपलोड कर देता है। इसी बिल को उपभोक्ता महीने का बिल मानकर भुगतान भी कर देते हैं लेकिन, मीटर की रीडिंग की गणना नहीं हो पाती।
उपभोक्ता के पते पर मीटर रीडर जाकर जब रीडिंग के अनुसार बिल बनाता है तो जमा किए बिल और रीडिंग के अनुसार बिजली बिल में अंतर देख उसके होश उड़ जाते हैं। यही इन उपभोक्ताओं के साथ भी हुआ। अब बिजली निगम की तरफ से इन्हें खंडवार बिलिंग एजेंसी के जिम्मेदारों का व्हाट्सएप नंबर दिया जा रहा। उनसे कहा जा रहा है कि अपने मीटर की रीडिंग इस नंबर पर भेज दें।
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शहरी अधीक्षण अभियंता यूसी वर्मा ने कहा कि बिजली बिल ऑनलाइन जमा करने के दौरान ध्यान रखें कि उनके मीटर की रीडिंग के अनुसार बिल बना कि नहीं। खंड ने नई व्यवस्था के तहत बिलिंग एजेंसी वालों का व्हाट्सएप नंबर भी जारी किया है। उपभोक्ता अपने मीटर की रीडिंग बनाकर भेज सकते हैं और उसी के अनुसार बिल को ऑनलाइन जम कर दें।
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दरअसल यूपीपीसीएल का सॉफ्टवेयर खुद पुराने बिलिंग के हिसाब से औसत बिजली खपत का बिल बनाकर सर्वर पर अपलोड कर देता है। इसी बिल को उपभोक्ता महीने का बिल मानकर भुगतान भी कर देते हैं लेकिन, मीटर की रीडिंग की गणना नहीं हो पाती।
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उपभोक्ता के पते पर मीटर रीडर जाकर जब रीडिंग के अनुसार बिल बनाता है तो जमा किए बिल और रीडिंग के अनुसार बिजली बिल में अंतर देख उसके होश उड़ जाते हैं। यही इन उपभोक्ताओं के साथ भी हुआ। अब बिजली निगम की तरफ से इन्हें खंडवार बिलिंग एजेंसी के जिम्मेदारों का व्हाट्सएप नंबर दिया जा रहा। उनसे कहा जा रहा है कि अपने मीटर की रीडिंग इस नंबर पर भेज दें।
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शहरी अधीक्षण अभियंता यूसी वर्मा ने कहा कि बिजली बिल ऑनलाइन जमा करने के दौरान ध्यान रखें कि उनके मीटर की रीडिंग के अनुसार बिल बना कि नहीं। खंड ने नई व्यवस्था के तहत बिलिंग एजेंसी वालों का व्हाट्सएप नंबर भी जारी किया है। उपभोक्ता अपने मीटर की रीडिंग बनाकर भेज सकते हैं और उसी के अनुसार बिल को ऑनलाइन जम कर दें।