फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Big patch of pneumonia is being found in children like youth

Gorakhpur News: गर्मी के मौसम में भी बच्चों में मिल रहे हैं निमोनिया वायरस

Sat, 20 May 2023 11:58 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 20 May 2023 11:58 PM IST
विज्ञापन
Big patch of pneumonia is being found in children like youth
अक्तूबर और नवंबर में मिलते थे इस तरह के मरीज
विज्ञापन

युवाओं की तरह बच्चों में मिल रहा निमोनिया का बड़ा पैच
बीआरडी में ऐसे मरीजों को भर्ती करने की पड़ रही जरूरत
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज से लेकर जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में वायरल निमोनिया और पीलिया से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है। इन मरीजों में ठंडक में मिलने वाले राइनो और रेस्पिरेटरी सीनसीटियल वायरस (आरएसवी) वायरस मिल रहे हैं, जो आम तौर पर अक्तूबर और नवंबर में मिलते हैं। इसकी वजह से मरीजों को भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है। बताया जा रहा है कि बीआरडी के 458 बेड वाले बच्चों के वार्ड फुल हो चुके हैं।
मौसम में बदलाव का असर अब बच्चों की सेहत पर पड़ने लगा है। बाल रोग विभाग की ओपीडी में बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है। बीआरडी के बाल रोग विभाग में दो माह पहले जहां 100 से 150 मरीजों की ओपीडी होती थी, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 300 के आसपास पहुंच गई है। चिंता की बात यह है कि इनमें वायरल निमोनिया और पीलिया से ग्रसित बच्चे इलाज के लिए आ रहे हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कुलदीप ने बताया कि मौसम में हुए बदलाव के कारण वायरल के निमोनिया के मरीज इस मौसम में मिल रहे हैं। जबकि, यह मौसम निमोनिया के लिए नहीं है। प्रारंभिक जांच में निमोनिया के राइनो और आरएसवी वायरस मिले हैं, जो बच्चों को सांस लेने में ज्यादा तकलीफ दे रहे हैं। ऐसे बच्चों को भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है। इसके अलावा इनके फेफड़े के एक्स-रे में बड़े लोगों जैसे पैच मिल रहे हैं, जो ज्यादा चिंता की बात है।
विज्ञापन

-------
जांच के लिए आरएमआरसी भेजा गया नमूना
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि इस मौसम में निमोनिया के मरीजों का का मिलना चिंताजनक है। इसे लेकर निमोनिया पीड़ित बच्चों का नमूना लेकर रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (आरएमआरसी) भेजा गया है। आरएमआरसी में जांच के बाद यह पता चल पाएगा कि वायरस में बदलाव तो इसका कारण नहीं है। क्योंकि, अमनून निमोनिया के मरीज अक्तूबर के बाद मिलते है।
विज्ञापन
विज्ञापन

----------
न्यू बोर्न बेबी में वायरल निमोनिया के मामले बढ़े
डॉ. भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में मौजूदा समय में 90 से 100 के बीच न्यू बोर्न बेबी भर्ती हैं। इनमें वायरल फीवर और पीलिया की समस्या अधिक है। कुछ में वायरल निमोनिया के भी लक्षण मिले हैं। इसके अलावा ओपीडी में भी वायरल फीवर के मरीज आ रहे हैं।

------------
बच्चों को सांस लेने में हो रही है तकलीफ
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कुछ बच्चों को सांस लेने में तकलीफ की शिकायत मिली है। इन बच्चों की जांच की गई है तो पता चला कि इनमें वायरल निमोनिया का असर ज्यादा मिला है। इसके अलावा फेंफड़े भी संक्रमण की चपेट में हैं। इनकी जांच की गई तो निमोनिया के वायरस मिले हैं। इनका इलाज किया जा रहा है। राहत की बात यह है कि इससे किसी बच्चे की मौत नहीं हुई है।
----------
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed