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सर्दी-जुखाम और पेट के रोगी बढ़े: इस मौसम में रहे सावधान, तापमान का उतार-चढ़ाव बना रहा बीमार
Thu, 25 May 2023 02:49 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 25 May 2023 02:49 PM IST
सार
जिला अस्पताल के डॉ. वीके सुमन का कहना है कि मौसम में अचानक बदलाव के चलते बुखार, जुकाम, सर्दी, खांसी व बच्चों में इन्फेक्शन के मरीज इलाज को आ रहे हैं। ओपीडी में सबसे ज्यादा मरीज वायरल फीवर, डायरिया और मौसमी संक्रमण यानि सर्दी-खांसी के आ रहे हैं।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया।
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विस्तार
गोरखपुर शहर में दो दिन की बारिश ने एक बार फिर से संक्रामक बीमारियों को न्योता दे दिया है। हाई-लो तापमान के चलते लोगों का स्वास्थ्य लड़खड़ा रहा है। इससे बुधवार को जिला अस्पताल और नर्सिंग होम के पर्ची काउंटर पर मरीजों की भीड़ देखी गई। मौसम के दिन और रात के तापमान में अंतर होने की वजह से सर्दी -जुकाम, खांसी, उल्टी के साथ-साथ पेट दर्द, गले में खराश, स्किन, एलर्जी, शुगर और बुखार के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो गई है। जिला अस्पताल में 2200 से अधिक मरीज दवा व इलाज को पहुंचे थे।
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डॉक्टर मौसम के सामान्य होने तक लोगों से बच्चों, महिलाओं बुजुर्गों व स्वयं के सेहत का ख्याल रखने की अपील कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बदलते मौसम और तापमान के उतार चढ़ाव में जरा सी भी लापरवाही स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है। लिहाजा, बच्चों को मौसमी खानपान, गुनगुने पानी का सेवन कराएं।
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जिला अस्पताल के डॉ. वीके सुमन का कहना है कि मौसम में अचानक बदलाव के चलते बुखार, जुकाम, सर्दी, खांसी व बच्चों में इन्फेक्शन के मरीज इलाज को आ रहे हैं। ओपीडी में सबसे ज्यादा मरीज वायरल फीवर, डायरिया और मौसमी संक्रमण यानि सर्दी-खांसी के आ रहे हैं। इसके चलते सुबह से ही अस्पताल के नेत्र, फिजिशियन, सर्जन, चाइल्ड, डेंटल विभाग में मरीजों की भीड़ लगी रही।
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तापमान में उतार-चढ़ाव नुकसानदायक
जिला अस्पताल वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. वीके सुमन ने कहा कि नियमित तापमान के मुकाबले दिन व रात के तापमान में घटाव-चढ़ाव लोगों के लिए नुकसानदायक साबित हो रहा है। ऐसी दशा में सर्दी, जुकाम, सिरदर्द, गले में खराश, खांसी, पेट दर्द आम है। इन बीमारियों से बचने के लिए सामान्य पानी का सेवन और गर्म पानी का भाप लेना चाहिए। गले में खराश होने पर गर्म पानी से गरारा करना चाहिए।
जिला अस्पताल बाल रोग विशेषज्ञ डॉ गणेश कुमार ने कहा कि जिला अस्पताल के ओपीडी में रोज लगभग 150 बच्चे आ रहे हैं। इनमें से 90 प्रतिशत को उल्टी, दस्त, पेट दर्द व हल्के बुखार की शिकायत है। जांच में ज्यादातर में टाइफायड निकल रहा है। गर्मी के मौसम में आंतों में बैक्टीरिया तेजी से अपना फैलाव करते हैं। ऐसे में यदि दूषित जल या भोजन लिया जाए तो उनकी वृद्धि में और इजाफा होता है। इस वजह से बच्चों में हल्का बुखार, पेट दर्द, उल्टी, दस्त, सर्दी-खांसी, जुकाम आदि की दिक्कतें तेजी से बढ़ी हैं।
बरते यह सावधानियां
जिला अस्पताल बाल रोग विशेषज्ञ डॉ गणेश कुमार ने कहा कि जिला अस्पताल के ओपीडी में रोज लगभग 150 बच्चे आ रहे हैं। इनमें से 90 प्रतिशत को उल्टी, दस्त, पेट दर्द व हल्के बुखार की शिकायत है। जांच में ज्यादातर में टाइफायड निकल रहा है। गर्मी के मौसम में आंतों में बैक्टीरिया तेजी से अपना फैलाव करते हैं। ऐसे में यदि दूषित जल या भोजन लिया जाए तो उनकी वृद्धि में और इजाफा होता है। इस वजह से बच्चों में हल्का बुखार, पेट दर्द, उल्टी, दस्त, सर्दी-खांसी, जुकाम आदि की दिक्कतें तेजी से बढ़ी हैं।
बरते यह सावधानियां
- बाहर निकलते समय खुद को ठीक से ढककर निकले, टोपी पहने, फूल शर्ट पहनें
- मसालेदार भोजन से बचें, हरी सब्जियों का सेवन जरूरी
- फ्रीज का पानी पीने से बचना चाहिए।
- रात में एसी चलाकर न सोएं।
- पूरी बांह का कपड़ा पहनकर ही घर से बाहर निकलें
- सर्दी, खांसी, जुकाम होने पर बिना चिकित्सक की सलाह के कोई दवा न लें।
- सफाई का विशेष ध्यान रखें।
- बच्चों को खाना खिलाने से पहले अच्छी तरह हाथ धुलें।
- खाना बनाते और परोसते समय सफाई रखें।
- बच्चों को पानी उबाल कर ही पिलाएं।
- छह महीने से छोटे शिशुओं को केवल मां का दूध पिलाएं
- बच्चों को शौच के बाद साबुन से हाथ धुलने की आदत डलवाएं।