फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Basic Education Department will give artificial legs to student Santosh Kumar in gorakhpur

चार साल पहले सड़क हादसे में गवां दिए थे संतोष ने एक हाथ और पैर, अब सपनों को लग रहे 'पंख'

Wed, 04 Mar 2020 07:39 PM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर Published by: vivek shukla Updated Wed, 04 Mar 2020 07:39 PM IST
सार

  • ट्रेलर ने कुचला था संतोष का बचपन, आज विभाग देगा हौसले को ‘पंख’
  • हादसे में दिव्यांग हुए प्राथमिक विद्यालय डोहरिया बाजार के कक्षा दो के छात्र को बुधवार को मिलेगा कृत्रिम पैर
  • कृत्रिम पैर लगाने का ट्रायल मंगलवार को बीएसए दफ्तर में हुआ पूरा

विज्ञापन
Basic Education Department will give artificial legs to student Santosh Kumar in gorakhpur
विद्यालय के दूसरे बच्चों को पीटी सिखाते संतोष कुमार। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आठ साल के संतोष कुमार के सपनों को बेसिक शिक्षा विभाग बुधवार को कृत्रिम पैर देगा। एक हादसे में अपना बायां पैर और हाथ गंवाने वाला संतोष चार साल बाद इसकी मदद से दोबारा चल सकेगा। मंगलवार को संतोष को कृत्रिम पैर लगाने का आखिरी ट्रायल किया गया। बुधवार को कृत्रिम पैर लगाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
विज्ञापन


बेसिक शिक्षा विभाग में मंगलवार को पिता रामबचन के साथ पहुंचे कक्षा दो के छात्र संतोष से जब कृत्रिम पैर के बारे में अमर उजाला संवाददाता ने बात की तो संतोष तपाक से बोल पड़ा। ‘... अब पीटी कईले में कौउनो दिक्कत नाई होई। एगो गोड़ से करत क तनी परेशानी होत रहल’।  
विज्ञापन


चार साल की उम्र में संतोष कुमार एक ट्रेलर की चपेट में आ गया था। हादसे में उसने अपना बायां पैर और हाथ गवां दिया। जान बची मगर दिव्यांगता के दंश से पूरा बचपन तबाह हो गया। बच्चे का हौसला न टूटे इसलिए मजदूर पिता रामबचन ने संतोष का दाखिला जंगल कौड़िया ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय डोहरिया बाजार में करा दिया। स्कूल में दूसरे बच्चों को पीटी करता देख संतोष के मन में भी उसे करनी की लालसा जगी। एक पैर और हाथ के बल पर कुछ दिनों में धीरे-धीरे वह पीटी करना सीख गया। अब वह आगे खड़े होकर विद्यालय के दूसरे बच्चों को पीटी करना भी सिखाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बीएसए भी हुए प्रतिभा के कायल

फरवरी में विद्यालय के औचक निरीक्षण को पहुंचे बेसिक शिक्षा अधिकारी बीएन सिंह ने जब संतोष को मंच से पीटी कराते देखा तो बच्चे की प्रतिभा के कायल हो गए। बच्चे को पास बुलाकर वजह पूछी तो पास ही खड़ी शिक्षिका ने पूरी बात बताई। जिसके बाद उन्होंने बच्चे को कृत्रिम हाथ और पैर लगवाने का बीड़ा उठाया।

औचक निरीक्षण के दौरान बच्चे का एक हाथ और पैर न होने की बात पता चली। इसके बाद कृत्रिम हाथ और पैर लगवाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। कृत्रिम पैर लगाने का काम बुधवार को विद्यालय परिसर में पूरा होगा। अगले चरण में हाथ लगवाया जाएगा।
- बीएन सिंह, बीएसए
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed