निलंबित शिक्षकों पर मेहरबान अफसरों के खिलाफ होगी कार्रवाई, जानें क्या है पूरा मामला
- अमर उजाला ने 01 मई के अंक में प्रकाशित की थी खबर
- जांच रिपोर्ट देने में हीलाहवाली कर रहे जांच अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
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बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से निलंबित शिक्षकों की जांच रिपोर्ट लटकाए जाने के मामले का महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने संज्ञान लिया है। साथ ही गोरखपुर के बेसिक शिक्षा अधिकारी से पूरे मामले की रिपोर्ट 48 घंटे के अंदर तलब की है। तय समय सीमा तक निलंबित शिक्षकों की जांच प्रक्रिया लटके रहने का कारण, अगर विभाग नहीं बता सका तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
इसका आदेश चार जून को गोरखपुर के बीएसए दफ्तर पहुंच गया है। अमर उजाला ने 1 मई के अंक में जांच अधिकारियों की ओर से रिपोर्ट लटकाए जाने के मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। जिसमें कूटरचित दस्तावेजों के सहारे नौकरी हासिल करने वाले 33 शिक्षकों को पिछले एक साल में निलंबित किए जाने की बात बताई गई थी।
प्राथमिक जांच में 33 शिक्षकों के दस्तावेज संदिग्ध मिले हैं। जिसके बाद विभाग ने इन्हें निलंबित करते हुए, संबंधित विकास खंड के खंड शिक्षा अधिकारियों को जांच सौंपी है। मगर खंड शिक्षा अधिकारी मामले की जांच में अपेक्षित रूचि नहीं लेते हैं। यही वजह है कि विभाग को 33 शिक्षकों में से बमुश्किल पांच से छह शिक्षकों की रिपोर्ट ही मिल सकी है। जिनको विभाग ने बर्खास्त कर दिया है।
47 शिक्षकों पर दर्ज है मुकदमा
बेसिक शिक्षा विभाग ने फर्जी शिक्षकों के मामले में अब तक 47 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। 37 शिक्षकों पर मुकदमा तो तत्कालीन बीएसए की तहरीर पर हुआ है। करीब 33 शिक्षक निलंबित हैं, जांच अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बीएन सिंह ने बताया कि निलंबित शिक्षकों के मामले की प्रगति रिपोर्ट शासन स्तर से मांगी गई है। रिपोर्ट तैयार की जा रही है। शनिवार को रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी। आरोपी शिक्षकों के खिलाफ जांच चल रही है। फिलहाल लॉकडाउन की वजह से प्रक्रिया ठंडी पड़ी है। अगले महीने निलंबित शिक्षकों की जांच रिपोर्ट मंगाई जाएगी। तत्पश्चात नियमानुसार कार्रवाई होगी।
21 साल से फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी करने वाला शिक्षक बर्खास्त
गोला विकासखंड के पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुनवार बाबू में तैनात सहायक अध्यापक संजीत कुमार को बीपीएड के फर्जी अंकपत्र के आधार पर नौकरी करने के आरोप में बेसिक शिक्षा विभाग ने बर्खास्त कर दिया है।
आरोपी शिक्षक के खिलाफ विभाग को शिकायत मिली थी। प्राथमिक जांच के दौरान शिकायत सही मिलने पर शिक्षक को निलंबित करते हुए विभाग ने इसकी जांच खंड शिक्षा अधिकारी को सौंपी थी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने बर्खास्तगी की कार्रवाई की है।
कोतवाली इलाके के दिलेजाकपुर निवासी अजय कुमार तिवारी ने आईजी एसटीएफ से गोला में तैनात शिक्षक संजीत कुमार के खिलाफ शिकायत की थी। शिकायत कर्ता का आरोप था कि वो सुुजीत कुमार के स्थान पर विद्यालय पर सेवाएं दे रहे हैं।
आरोप सही मिलने पर 21 साल से कार्यरत शिक्षक को बर्खास्त कर दिया गया है। विभाग ने अब 48 फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त किया है। सभी के खिलाफ राजघाट थाने में मुकदमा दर्ज है।