Gorakhpur: सक्करबाग चिड़ियाघर से आएगा बब्बर शेर और भेड़िए का जोड़ा, खाली पड़े हैं बाड़ा
चार शेर लायन सफारी, इटावा में रखते हुए दो शेर (नर, पटौदी और मादा, मरियम) को गोरखपुर चिड़ियाघर भेज दिया गया। ऐसे में अब स्वीकृत बब्बर शेरों में से दो गोरखपुर लाए जाएंगे। प्रबंधन की टीम जब इन्हें लाएगी तो उसी वक्त भेड़ियों को लाए जाने की अनुमित लेकर उन्हें भी गोरखपुर चिड़ियाघर ला दिया जाएगा।
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नए वर्ष में शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान घूमने जाने वाले लोग जोड़े में बब्बर शेर और भेड़िया भी देख सकेंगे। इन्हें गुजरात के सक्कर बाग चिड़ियाघर से लाया जाएगा। प्रबंधन की तरफ से इन्हें लाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। बब्बर शेर को लाने की स्वीकृति 2018 में ही मिली थी, लेकिन अनुमित की अवधि सिर्फ छह माह की ही होती है। ऐसे में चिड़ियाघर प्रबंधन की तरफ से सितंबर में ही सीजेडए को रिमाइंडर (अनुस्मारक) लेटर भेज कर पुन: अनुमित मांगी गई है। अनुमति मिलते ही बब्बर शेर और भेड़िए के जोड़े को गोरखपुर लाया जाएगा।
मार्च 2021 में कुल 152 वन्य जीवों के साथ गोरखपुर चिड़ियाघर का उद्घाटन किया गया था। इसी वक्त भेड़िए का जोड़ा भी लाया जाना था। लेकि, किसी वजह से इन्हें नहीं लाया जा सका। जबकि उनका बाड़ा चिड़ियाघर में पहले से ही बनकर तैयार है। पिछले दिनों सक्कर बाग चिड़ियाघर में भेड़ियों का प्रजनन हुआ है।
इसके बाद प्रबंधन पूरी तरह आश्वस्त है कि सरकार और चिड़ियाघर प्रबंधन से वार्ता कर वहां से जोड़े में भेड़िए भी लाए जा सकेंगे। प्रबंधन ने बचे दोनों बब्बर शेर और भेड़ियों को साथ लाए जाने की योजना तैयार की। पिछले महीने ही रिमाइंडर पत्र सीजेडए को भेज भी दिया गया। इधर, एक घटना में उम्रदराज हो चुका बब्बर शेर पटौदी घायल हो गया। इसी बीच प्रबंधन ने बचे दोनों बब्बर शेरों को लाए जाने की तैयारी और तेज कर दी है।
2018 में गुजरात के सक्करबाग चिड़ियाघर से 11 बब्बर शेर यूपी लाने की स्वीकृति मिली थी। इनमें चार को गोरखपुर चिड़ियाघर और सात को इटावा लायन सफारी लाया जाना था। पहले चरण में कुल सात बब्बर शेर लाए गए, जिनमें एक की मौत हो गई।
गुजरात का मौसम होता है गर्म
चार शेर लायन सफारी, इटावा में रखते हुए दो शेर (नर, पटौदी और मादा, मरियम) को गोरखपुर चिड़ियाघर भेज दिया गया। ऐसे में अब स्वीकृत बब्बर शेरों में से दो गोरखपुर लाए जाएंगे। प्रबंधन की टीम जब इन्हें लाएगी तो उसी वक्त भेड़ियों को लाए जाने की अनुमित लेकर उन्हें भी गोरखपुर चिड़ियाघर ला दिया जाएगा।
गुजरात का मौसम गर्म होता है। ऐसे में वन्य जीवों को नवंबर के अंत तक गोरखपुर चिड़ियाघर ला दिया जाएगा। हालांकि इसकी संभावना कम ही दिख रही है। ऐसे में प्रबंधन की तैयारी है कि फरवरी अंतिम सप्ताह या मार्च की शुरुआत में वन्य जीवों को यहां ला दिया जाए। इससे उन्हें यहां के मौसम में खुद को ढालने में परेशानी नहीं होगी।
गोरखपुर चिड़ियाघर के पीसीएफ प्लानिंग व निदेशक डॉ. एच राजामोहन ने कहा कि गुजरात के सक्कर बाग चिड़ियाघर से बब्बर शेर और भेड़िए के जोड़े लाए जाने हैं। इसकी तैयारी शुरू हो चुकी है। हालांकि, हमने एक रिमाइंडर पत्र पहले ही केंद्रीय चिड़ियाघर को भेज दिया है। चूंकि, स्वीकृति पहले ही मिल चुकी थी तो रिमाइंडर भेजकर सिर्फ उनसे अनुमित मांगी है। मिलते ही प्रबंधन की टीम गुजरात जाकर वहां से वन्य शेर लेते आएगी। जबकि, भेड़िए के लिए पूरी उम्मीद है कि वार्ता सफल रहेगी और वार्ता के बाद जोड़े में उन्हें भी चिड़ियाघर ला दिया जाएगा।