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Kargil Diwas: ऑटो चालक सनी ऐसे करता है देशसेवा, पिता का देहांत, आर्थिक तंगी के कारण छूटी थी पढ़ाई

Tue, 26 Jul 2022 10:32 AM IST
vivek shukla अविनाश श्रीवास्तव, गोरखपुर।
अविनाश श्रीवास्तव, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 26 Jul 2022 10:32 AM IST
सार

सनी दिन में ऑटो तभी निकालते हैं, जब उन्हें किसी सेना के जवान का फोन आता है। जीविकोपार्जन के लिए वह रात में ऑटो चलाते हैं। सवारी की तलाश में रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन निकल जाते हैं।

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Kargil Vijay Diwas Auto Drivers Let Sunny Soldiers Travel For Free
ऑटो ड्राइवर सनी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

सेना में जाकर देशसेवा की ख्वाहिश रखने वाले ऑटो चालक सनी का सपना भले ही पूरा नहीं हुआ, लेकिन उन्होंने देशसेवा का अनोखा तरीका निकाल लिया है। उनके ऑटो में कोई सैनिक यात्रा करता है, तो उससे किराया नहीं लेते हैं। निशुल्क गंतव्य तक पहुंचाकर समझ लेते हैं कि देशसेवा की है।

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ढाई वर्षों में एक हजार से अधिक सेना के जवानों को ऑटो से निशुल्क गंतव्य तक पहुंचाने वाले सनी शहर के हजारीपुर में मां पद्मा शर्मा और दादी गणेशी शर्मा के साथ किराए के मकान में रहते हैं। सनी के पिता महेंद्र शर्मा का निधन उनके जन्म के कुछ समय बाद हो गया था। सनी की मां सिंधी ब्राह्मण होने के कारण परिवार चलाने के लिए सिंधी घरों की जजमानी करने लगीं। जो कमाई होती उससे परिवार का पालन-पोषण करती थीं।
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आर्थिक दिक्कतों के कारण सनी पांचवीं से अधिक नहीं पढ़ पाए। सनी का बचपन का सपना सेना में जाकर देशसेवा करने का था। पहले पैसों की तंगी से पढ़ाई नहीं हो सकी, उसके बाद कद की लंबाई ने सेना में जाने के सपने को तोड़ दिया। किसी तरह लोन पर ऑटो लेकर जिंदगी की गाड़ी खींचने लगे। अब ऑटो चलाते हैं और उसमें यात्रा करने वाले सेना के जवान से किराया नहीं लेते हैं।
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सनी का कहना है कि देश के सैनिकों की सेवा भी देशसेवा ही है। सनी हर दिन किसी न किसी सेना के जवान को निशुल्क उनके गंतव्य तक पहुंचाते हैं। सनी ने अपने ऑटो के आगे आर्मी सेवा निशुल्क का बोर्ड लगवाया है। टेलीफोन नंबर भी अंकित कराया है।

 

रात में चलाते हैं ऑटो

सनी दिन में ऑटो तभी निकालते हैं, जब उन्हें किसी सेना के जवान का फोन आता है। जीविकोपार्जन के लिए वह रात में ऑटो चलाते हैं। सवारी की तलाश में रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन निकल जाते हैं।

परेशान भी करते हैं लोग

निशुल्क आर्मी सेवा का फायदा उठाकर कई लोग सनी को परेशान भी करते हैं। एक बार एक व्यक्ति ने सनी को धोखे से कौड़ीराम बुुला लिया। वह सनी को आजमाना चाहता था कि बुलाने पर पहुंचते हैं या नहीं।

दूसरों से लेना पड़ता है उधार

सनी का ऑटो लोन पर है। ऐसे में हर महीने आठ हजार रुपये की किस्त जमा करनी होती है। सनी की ऑटो से उतनी कमाई नहीं हो पाती है कि वह ऑटो की समय से किस्त भर सकें। किस्त भरने के लिए कभी-कभी उधार लेना पड़ता है।

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