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62 दिन बाद वसंत पंचमी पर मिला एक शुभ मुहूर्त, जानिए कब गूंजेगी शहनाई
Tue, 09 Feb 2021 08:45 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया।
अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 09 Feb 2021 08:45 AM IST
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शादी। (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : iStock
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तकरीबन 62 दिन की खामोशी के बाद वसंत पंचमी 16 फरवरी को शुभ मुहूर्त आएगा। फिर ढाई महीने शादी-विवाह के मुहूर्त के लिए इंतजार करना होगा। इस साल भी लोगों को वैवाहिक आयोजनों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। गुरु और शुक्र के अस्त होने से फाल्गुन मास में विवाहोत्सव नहीं आयोजित हो पाएंगे। 22 अप्रैल चैत्र शुक्ल दशमी तिथि से मांगलिक कार्य आरंभ होंगे।
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बीता साल 2020 संक्रमण के बीच ही गुजर गया। वैसे तो शादी-विवाह लोगों ने अप्रैल, मई और जून, जुलाई 2021 माह में रखा है। लेकिन वसंत पंचमी के दिन अन्य कार्यक्रम होंगे। शुभ मुहूर्त भले ही एक दिन का है लेकिन कपड़ा, बैंड बाजा, मैरेज हॉल, शहनाई सहित अन्य कारोबारियों को कारोबार को लेकर उम्मीदें हैं।
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अप्रैल, मई, जून में शादियों का शुभ मुहूर्त सात से अधिकतम दस दिन का ही हैं। ऐसे में शुभ मुहूर्त कम पड़ गए हैं। यही वजह है कि नवंबर 2021 में मैरेज हॉल बुक हो गए हैं। वसंत पंचमी के बाद 22 अप्रैल तक कोई शुभ मुहूर्त ही नहीं है।
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नहीं मिल रहा शुभ मुहूर्त, लोग परेशान
बैकुंठनाथ पवहारी संस्कृत महाविद्यालय के सहायक विभागाध्यक्ष विवेक कुमार उपाध्याय के अनुसार, 16 जनवरी को खरमास समाप्त होने के बाद ही गुरु अस्त हो गए। 12 फरवरी को गुरु उदय होंगे। 14 फरवरी को गुरु का बालत्व लगेगा। इसका असर तीन दिन पहले से माना जाता है। 17 फरवरी को शुक्र भी अस्त हो जाएंगे। इनका उदय चैत्र शुक्ल सप्तमी यानी 19 अप्रैल को होगा। 19,20 और 21 शुक्र का बालत्व होने के कारण मांगलिक कार्य विवाह, उपनयन, मुंडन, देव प्रतिष्ठा, वापी-सरोवर, गृहारंभ, गृहप्रवेश आदि कार्य वर्जित होते हैं।
बताया कि पुन: चैत्र शुक्ल दशमी 22 अप्रैल से मांगलिक कार्य प्रारंभ होंगे। 16 जुलाई के बाद कर्क की संक्रांति व 20 जुलाई से हरिशयनी एकादशी होने से पुन: शहनाइयों की गूंज थम जाएगी। कथा व्यास पंडित श्रीप्रकाश मिश्र का कहना है कि 16 फरवरी को शुभ मुहूर्त में लोग रिंग सिरेमनी, जनेऊ, मुंडन एवं अन्य मांगलिक कार्य कर सकते हैं। शादी-विवाह अप्रैल, मई, जून एवं जुलाई में ही हो सकेगा।
विवाह मुहूर्त
अप्रैल: 22, 23, 24, 25, 26, 27, 28, 29, 30
मई: 1, 2, 3, 7, 8, 12, 13, 14, 15, 19, 20, 21, 22, 23, 24, 26, 27, 28, 29, 30
जून: 3, 5, 11, 15, 16, 17, 18, 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 26
जुलाई: 1, 2, 3, 6, 12, 13, 14, 15, 16
बताया कि पुन: चैत्र शुक्ल दशमी 22 अप्रैल से मांगलिक कार्य प्रारंभ होंगे। 16 जुलाई के बाद कर्क की संक्रांति व 20 जुलाई से हरिशयनी एकादशी होने से पुन: शहनाइयों की गूंज थम जाएगी। कथा व्यास पंडित श्रीप्रकाश मिश्र का कहना है कि 16 फरवरी को शुभ मुहूर्त में लोग रिंग सिरेमनी, जनेऊ, मुंडन एवं अन्य मांगलिक कार्य कर सकते हैं। शादी-विवाह अप्रैल, मई, जून एवं जुलाई में ही हो सकेगा।
विवाह मुहूर्त
अप्रैल: 22, 23, 24, 25, 26, 27, 28, 29, 30
मई: 1, 2, 3, 7, 8, 12, 13, 14, 15, 19, 20, 21, 22, 23, 24, 26, 27, 28, 29, 30
जून: 3, 5, 11, 15, 16, 17, 18, 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 26
जुलाई: 1, 2, 3, 6, 12, 13, 14, 15, 16
मैरेज हॉल नवंबर 2021 तक बुक
अप्रैल, मई, जून एवं जुलाई में शुभ मुहूर्त कम होने की वजह से लोगों ने अधिकतर शादियां नवंबर 2021 में रखी हैं। कसया रोड स्थित एक मैरेज हॉल के संचालक जयप्रकाश सैनी और बरहज रोड मैरेज हाल संचालक मोहन गुप्ता का कहना है कि अप्रैल में पांच, मई में दस, जून में आठ, जुलाई में आठ लगन बहुत तेज है। वहीं, नवंबर 2021 में 20 से 29 तक मैरेज हॉल की बुकिंग लोगों ने करवा ली है। लगन कम होने से मैरेज हॉल, होटल, कैटर्स, बैंड बाजा, शहनाई, फूल एवं टेंट कारोबारी परेशान है। वर्ष 2020 का पूरा साल संक्रमण कॉल में ही गुजर गया। 2021 में हालात में सुधार आने पर उम्मीदें बंधीं तो हैं लेकिन लगन ही बहुत कम है।
वहीं लोगों का कहना है कि शादी-विवाह का अच्छा मुहूर्त नहीं मिलने की वजह से काफी परेशानी है। कसया रोड निवासी एक व्यक्ति ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि उन्होंने अप्रैल 2020 में शादी की तिथि तय की थी जो कोविड के संक्रमण की वजह से कैंसिल हो गई। फिर मई में नवंबर में रखा तो घर में अनहोनी हो गई। ऐसे में मई में तिथि रखा तो है, लेकिन अच्छा मुहूर्त नहीं मिलने की वजह से मन में बार-बार अजीब तरह के सवाल उठ रहे थे।
ऐसे में कैंसिल कर फिर 26 नवंबर 2021 को रखा है। बरहज क्षेत्र के एक गांव निवासी एक पूर्व प्रधान का कहना है कि उनके बेटे की शादी तय हुई है। लेकिन अप्रैल, मई, जून में कोई मैरेज हॉल ही खाली नहीं है। जुलाई में बारिश का भय है। ऐसे में वह दिसंबर में तिथि रखने का विचार बना रहे हैं। जो भी हो शुभ मुहूर्त के अभाव में लोग आठ से दस माह तक शादी-विवाह की तिथि टालने को मजबूर है।
वहीं लोगों का कहना है कि शादी-विवाह का अच्छा मुहूर्त नहीं मिलने की वजह से काफी परेशानी है। कसया रोड निवासी एक व्यक्ति ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि उन्होंने अप्रैल 2020 में शादी की तिथि तय की थी जो कोविड के संक्रमण की वजह से कैंसिल हो गई। फिर मई में नवंबर में रखा तो घर में अनहोनी हो गई। ऐसे में मई में तिथि रखा तो है, लेकिन अच्छा मुहूर्त नहीं मिलने की वजह से मन में बार-बार अजीब तरह के सवाल उठ रहे थे।
ऐसे में कैंसिल कर फिर 26 नवंबर 2021 को रखा है। बरहज क्षेत्र के एक गांव निवासी एक पूर्व प्रधान का कहना है कि उनके बेटे की शादी तय हुई है। लेकिन अप्रैल, मई, जून में कोई मैरेज हॉल ही खाली नहीं है। जुलाई में बारिश का भय है। ऐसे में वह दिसंबर में तिथि रखने का विचार बना रहे हैं। जो भी हो शुभ मुहूर्त के अभाव में लोग आठ से दस माह तक शादी-विवाह की तिथि टालने को मजबूर है।