मेडिकल कॉलेज रोड: नाले का गड्ढा बना मुसीबत, दुकानें बंद, लोग घरों में कैद
- एक सितंबर को गड्ढा खोदा, अभी तक नहीं बना नाला, पीडब्ल्यूडी के चक्कर लगा रही जनता
- घरों से बाहर पैदल निकलने के लिए भी नहीं किया इंतजाम, घरों में खड़े-खड़े गाड़ियां भी हो रहीं खराब
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में बिना ठोस योजना के असुरन-मेडिकल कॉलेज फोरलेन और नाला निर्माण सैकड़ों लोगों की मुसीबत का सबब बन गया है। नाले के लिए गड्ढा एक महीने पहले ही खोद दिया गया और निर्माण अभी तक नहीं पूरा हो सका।
तमाम लोगों की दुकानों पर महीने भर से ताला लगा है। वहीं कईयों के घरों तक पैदल जाने का रास्ता तक नहीं है। ठेकेदारों ने नाला खोदने के समय लोगों के घरों से बाहर निकलने तक का वैकल्पिक इंतजाम करना मुनासिब नहीं समझा। कई लोगों की गाड़ियां घरों में कैद हैं और खड़े-खड़े खराब हो रही हैं तो वहीं जेसीबी से मनमानी खुदाई की वजह से कई लोगों के घरों की चहारदीवारी और फर्श तक में दरार पड़ गई है।
यह हाल तब है जब पिछले दो महीने के बीच मुख्यमंत्री जब भी गोरखपुर आए तो असुरन-महराजगंज फोरलेन के निर्माण में तेजी लाने का निर्देश दिया। पिछले दौरे में तो उन्होंने काम की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताते हुए हर हाल में अक्तूबर तक शहरी क्षेत्र की सड़क का निर्माण पूरा कराने का निर्देश दिया था। उन्होंने यहां तक कहा था कि अब बरसात खत्म हो रही है लिहाजा कोई बहाना नहीं चलेगा। मजदूर बढ़ाकर, कार्यदायी संस्था काम में तेजी लाए। मगर इसका भी लोनिवि के अफसरों-अभियंताओं पर कोई फर्क नहीं पड़ा।
यह हम नहीं कह रहे, खुद दो दिन पहले महराजगंज जाते वक्त कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने इस फोरलेन के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया था और काम की गति धीमी मिलने पर उन्होंने भी नाराजगी जताई थी। अभियंताओं को मुख्यमंत्री के निर्देश भी याद दिलाए और मजदूर बढ़ाकर शहर क्षेत्र तक की सड़क और नाले का निर्माण जल्द पूरा कराने को कहा था।
जहां ठेकेदार सक्रिय, वहां पैच बन जा रहा, जहां सुस्त, वहां लटक जा रहा
फोरलेन के साथ ही नाला निर्माण की भी ठीक से मॉनीटरिंग नहीं हो रही। मुख्य ठेकेदार ने छोटे-छोटे कई ठेकेदारों को काम बांट दिया है। जहां ठेकेदार सक्रिय हैं वहां का पैच जल्दी बन जा रहा है मगर जहां सुस्त हैं वहां काम एक महीने में भी पूरा नहीं हो पा रहा। मसलन खरैया पोखरा के पास वी-मार्ट शोरूम के ठीक सामने एक सितंबर को जेसीबी से नाले का गड्ढा खोदा गया और बुधवार यानी 30 सितंबर तक वहां नाले का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका जबकि उसके आसपास के पैच में काम पूरा हो गया।
पैच छोड़-छोड़कर हो रहा निर्माण
एक सिरे से निर्माण कराने की बजाए बीच-बीच का पैच छोड़कर नाले की खुदाई और निर्माण कराया जा रहा है। जिससे एक साथ सभी जगहों के लोग परेशान हैं। कई कॉलोनियों तक ठीक से जाने का रास्ता नहीं। जिनके घर सड़क के किनारे हैं, उनके घर में दाखिल होने की भी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई।
नहीं लगाए गए इंडीकेटर, गिरकर घायल हो रहे लोग
नाले के लिए खोदे गए गड्ढों के किनारे कहीं भी इंडीकेटर नहीं लगाया गया है जिसकी वजह से रोजाना कई लोग गड्ढे में गिरकर घायल हो रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा स्थानीय लोग हैं।
एक महीने से ठप है दवा का पूरा कारोबार
दवा विक्रेता युवराज सक्सेना ने कहा कि खरैया पोखरा स्थित मेरी दवा की दुकान के आगे एक महीने पहले गड्ढा खोदा गया था मगर अभी तक निर्माण नहीं पूरा हो सका। दुकान तक आने-जाने का कोई रास्ता नहीं होने से कारोबार ठप है। कई दिन तक तो दुकान पर ताला लगा रहा। मुख्य अभियंता और सहायक अभियंता से 10 दिन से समस्या बता रहा हूं। कोई फर्क नहीं पड़ा।
15 दिन से सिर्फ गड्ढा खोद छोड़ दिया
लोटस बेकरी के संचालक विक्रम कुमार ने कहा कि 15 दिन पहले मेरी दुकान के आगे गड्ढा खोदा गया था मगर अभी तक वहां निर्माण नहीं पूरा हो सका। तब से ही दुकान बंद है। दुकान से पहले और बाद दोनों तरफ नाले का निर्माण हो चुका है मगर मेरे और आसपास के चार-पांच घरों के सामने निर्माण ही नहीं शुरू हो रहा है। घरों और दुकानों तक आनेजाने का रास्ता तक नहीं है। दुकान में पड़ा काफी सामान खराब हो गया।
घर का फर्श चटक गया, चोटिल भी हो चुका
सेल्स मैनेजर गोपी कृष्ण ने कहा कि जेसीबी से नाले के लिए गड्ढा खोदते वक्त कोई जिम्मेदार मौके पर नहीं रहता। जेसीबी चालक अपने हिसाब से मनमानी तरीके से गड्ढे खोद दे रहा। कहीं बहुत चौड़ा तो कहीं संकरा गड्ढा खोदा जा रहा है। घर के सामने बिना किसी योजना के अचानक नाले का गड्ढा खोद देने से पूरे फर्श में दरार पड़ गई। मिट्टी धंसने से गड्ढे में गिरकर चोटिल भी हो चुका हूं।
कब पूरा होगा निर्माण, कोई बताने वाला नहीं
मेडिकल कॉलेज रोड निवासी अरुण सिंह ने कहा कि हम विकास के पक्षधर हैं मगर अनियोजित तरीके से नाले का निर्माण होने से स्थानीय लोग बहुत परेशान हैं। निर्माण कार्य बहुत धीमा होने से दुकानों पर ताला लगा हुआ है। कारोबार प्रभावित हो रहा है। ठेकेदार ने घरों-दुकानों तक आने-जाने का कोई वैकल्पिक रास्ता तक नहीं बनाया। भगवान से मनाते हैं कि कोई बीमार न पड़े, वर्ना उसे अस्पताल कैसे ले जाएंगे।
कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने बताया कि तीन दिन पहले असुरन-मेडिकल कॉलेज फोरलेन और नाला निर्माण का निरीक्षण किया था। विभाग में मजदूर और अन्य जरूरी संसाधन बढ़ाकर जल्द नाले का निर्माण पूरा कराने के साथ ही दिसंबर तक हर हाल में शहरी क्षेत्र यानी मेडिकल कॉलेज तक की रोड का निर्माण कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया गया है। नाला निर्माण की वजह से किसी को दिक्कत न हो इसलिए लोनिवि के अभियंताओं को जरूरी सुविधाओं के लिए निर्देशित किया जाएगा।
लोनिवि सहायक अभियंता राजेश कुमार ने कहा कि कुछ लोगों ने शिकायतें की हैं। सभी का संज्ञान लिया जा रहा है। मौके का निरीक्षण किया गया है। निर्देश दिए गए हैं कि अब जब तक खोदे गए गड्ढों में नाले का निर्माण पूरा नहीं हो जाता है तब तक नई जगह गड्ढा नहीं खोदा जाए। लोगों को आवागमन में दिक्कत न हो इसलिए वैकल्पिक व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। बृहस्पतिवार से इसपर अमल भी शुरू हो जाएगा। बारिश की वजह से काम काफी प्रभावित हो गया था। सबसे बड़ी समस्या मिट्टी की हो रही थी। बुधवार से मिट्टी भी मिलने लगी है। अब जल्द निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा।