फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Asthma and COPD patients more risk between cold and pollution in Gorakhpur

डॉक्टर की सलाह: ठंड और प्रदूषण के बीच अस्थमा और सीओपीडी के मरीजों को खतरा ज्यादा

Fri, 05 Nov 2021 01:49 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 05 Nov 2021 01:49 PM IST
सार

डॉक्टरों की सलाह, नवंबर से जनवरी के बीच संभल कर रहें इस तरह के मरीज, बदलते मौसम और बढ़ते प्रदूषण के बीच ऐसे 40 से 50 फीसदी मरीज बीआरडी की ओपीडी में पहुंच रहे।

विज्ञापन
Asthma and COPD patients more risk between cold and pollution in Gorakhpur
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : iStock

विस्तार

गोरखपुर में बढ़ती ठंड और दिवाली के दौरान वायु में प्रदूषण बढ़ने से अस्थमा और सीओपीडी (क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज) के मरीजों को खतरा ज्यादा है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के चेस्ट विभाग की ओपीडी में 40 से 50 फीसदी मरीज इन बीमारियों से परेशान होकर पहुंच रहे हैं। ऐसे में डॉक्टर नवंबर से लेकर जनवरी के बीच ऐसे मरीजों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं।

विज्ञापन


मेडिकल कॉलेज के चेस्ट विभागाध्यक्ष डॉ. अश्वनी मिश्रा ने बताया कि अस्थमा, एलर्जी और सीओपीडी के मरीज इस मौसम में ज्यादा सावधानी बरतें। जरा सी लापरवाही से जान तक बन आती है। चिंता की बात यह है कि ओपीडी में आने वाले मरीजों में से 10 से 15 प्रतिशत युवा हैं।
विज्ञापन


इन मरीजों को सलाह दी जा रही है कि अगर वे ठीक हैं और दवा बंद कर चुके हैं, तो तत्काल दवा शुरू कर दें। जो मरीज दवा की कम डोज ले रहे हैं उनकी डोज भी बढ़ाई जा रही है। साथ ही यह भी सलाह दी जा रही है कि इनहेलर अपने पास जरूर रखें। इस मौसम में करीब पांच से 10 प्रतिशत मरीजों को भर्ती तक करना पड़ रहा है।   
विज्ञापन
विज्ञापन


डॉ. अश्वनी मिश्रा ने बताया कि कोहरे के बीच धुआं ज्यादा खतरनाक है। कोहरे के कारण धुआं वायुमंडल में ऊपर नहीं जा पाता है। इसकी वजह से धुआं कोहरे में मिश्रित हो जाता है। यह मरीजों पर बहुत बुरा प्रभाव डालता है। दिवाली के दौरान प्रदूषण ज्यादा फैलता है। ऐसे में अस्थमा, एलर्जी और सीओपीडी के मरीज इस मौसम में दवा बिल्कुल न बंद करें। अगर दवा बंद कर देते हैं तो ऐसे मरीजों को भर्ती करने की नौबत आ जाती है। उन्होंने कहा कि बहुत जरूरी न हो तो ऐसे मरीज घरों में ही रहकर ठंड और प्रदूषण से बचने का प्रयास करें।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed