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यूपी: गांव की बिटिया ने किया गोरखपुर का नाम रोशन, आर्मी मेडिकल कोर में हासिल की ऑफिसर कैप्टन रैंक
Wed, 09 Jun 2021 05:20 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 09 Jun 2021 05:20 PM IST
सार
अस्पा ने वानजाउ यूनिवर्सिटी चाइना से किया है एमबीबीएस, प्रथम प्रयास में ही एमसीआई परीक्षा पास कर ली।
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अस्पा मौर्य ने बढ़ाया गोरखपुर का मान।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में बुधवार को एक अच्छी खबर मिलने से लोगों के चेहरे खिल गए। यहां गोला क्षेत्र के तरयापार गांव की बिटिया अस्पा मौर्य ने आर्मी मेडिकल कोर में मेडिकल ऑफिसर कैप्टन रैंक पर कार्यभार संभाला। यह जानकारी मिलते ही जिले के लोग खुशी से झूम उठे।
मंगलवार को जैसे ही उनके चाचा बृजमोहन मौर्य (शिक्षक, इंटर कॉलेज ककरही) को यह जानकारी मिली। पूरा परिवार व समूचा क्षेत्र खुशी से झूम उठा। बेटी की इस उपलब्धि पर परिवार वालों व क्षेत्रवासियों को भी नाज है।
अस्पा ने एमबीबीएस वानजाउ यूनिवर्सिटी चाइना से किया और अपने प्रथम प्रयास में ही एमसीआई (मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया स्क्रीनिंग टेस्ट) परीक्षा पास कर ली। इसके बाद उसने राजीव चौक रेलवे हॉस्पिटल नई दिल्ली से इंटर्नशिप की।
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एक-एक साल क्रमशः पीजीआई व राममनोहर लोहिया अस्पताल दिल्ली में बतौर डॉक्टर काम किया। इन्होंने पीजी परीक्षा एनेस्थिया के लिए क्वालीफाई किया। इसी दरम्यान आर्मी मेडिकल कोर परीक्षा में उसने 90वां रैंक लाकर मेडिकल ऑफिसर कैप्टन रैंक हासिल की। मंगलवार को आर्मी कर्नल और उनके पिता बृजलाल मौर्य ने बैज लगाया।
उनकी इस सफलता की जानकारी मिलते ही शुभचिंतकों का फोन पर बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया। परिजनों को बधाई देने के लिए लोग दूर-दूर से घर पहुंच रहे हैं। अस्पा के पिता व्यवसायी हैं, जबकि माता गृहणी हैं। दो बहनों में वह छोटी हैं। दो बड़े भाई विनोद व मनोज व्यवसाय करते हैं। बड़ी बहन मीरा की शादी हो चुकी है। उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय माता-पिता, चाचा तथा गुरुजनों को दिया है।
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मंगलवार को जैसे ही उनके चाचा बृजमोहन मौर्य (शिक्षक, इंटर कॉलेज ककरही) को यह जानकारी मिली। पूरा परिवार व समूचा क्षेत्र खुशी से झूम उठा। बेटी की इस उपलब्धि पर परिवार वालों व क्षेत्रवासियों को भी नाज है।
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अस्पा ने एमबीबीएस वानजाउ यूनिवर्सिटी चाइना से किया और अपने प्रथम प्रयास में ही एमसीआई (मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया स्क्रीनिंग टेस्ट) परीक्षा पास कर ली। इसके बाद उसने राजीव चौक रेलवे हॉस्पिटल नई दिल्ली से इंटर्नशिप की।
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एक-एक साल क्रमशः पीजीआई व राममनोहर लोहिया अस्पताल दिल्ली में बतौर डॉक्टर काम किया। इन्होंने पीजी परीक्षा एनेस्थिया के लिए क्वालीफाई किया। इसी दरम्यान आर्मी मेडिकल कोर परीक्षा में उसने 90वां रैंक लाकर मेडिकल ऑफिसर कैप्टन रैंक हासिल की। मंगलवार को आर्मी कर्नल और उनके पिता बृजलाल मौर्य ने बैज लगाया।
उनकी इस सफलता की जानकारी मिलते ही शुभचिंतकों का फोन पर बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया। परिजनों को बधाई देने के लिए लोग दूर-दूर से घर पहुंच रहे हैं। अस्पा के पिता व्यवसायी हैं, जबकि माता गृहणी हैं। दो बहनों में वह छोटी हैं। दो बड़े भाई विनोद व मनोज व्यवसाय करते हैं। बड़ी बहन मीरा की शादी हो चुकी है। उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय माता-पिता, चाचा तथा गुरुजनों को दिया है।