यूपी: मनीष गुप्ता हत्याकांड में अशोक वर्मा विधि सलाहकार नियुक्त, दरोगा समेत छह आरोपी जा चुके हैं जेल
एसआईटी ने विधि सलाहकार नियुक्त करने की मांग की थी। घटना में इंस्पेक्टर जेएन सिंह समेत सभी छह आरोपी जेल जा चुके हैं।
विस्तार
कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता हत्याकांड में कानूनी राय देने के लिए वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी अशोक वर्मा को विधि सलाहकार नियुक्त किया गया है। वर्मा की सलाह से एसआईटी हत्यारोपित इंस्पेक्टर जेएन सिंह समेत छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ पुख्ता आरोप पत्र तैयार कर कोर्ट में पेश करेगी।
एसआईटी अब तक जुटाए गए साक्ष्य और सबूतों के आधार पर अब चार्जशीट दाखिल करने की में तैयारी है। इसी क्रम में एसआईटी की ओर से केस को मजबूत करने की खातिर विधिक राय के लिए एक विधि सलाहकार की भी मांग की थी। जिसके बाद अभियोजन निदेशालय की तरफ से अशोक वर्मा को एसआईटी के साथ संबद्ध किया गया है।
कारोबारी मनीष गुप्ता हत्याकांड में इंस्पेक्टर जेएन सिंह समेत छह पुलिसकर्मी आरोपित बनाए गए हैं। सभी की गिरफ्तार भी हो चुकी है। अब एसआईटी मनीष गुप्ता केस में किसी तरह की कानूनी चूक नहीं चाहती है। इस मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज है और उसी के अनुरूप साक्ष्यों को जुटाने पर ही एसआईटी हत्या के आरोप में बेहतर ढंग से चार्जशीट दाखिल कर पाएगी।
यह है पूरा मामला
कानपुर के बर्रा निवासी कारोबारी मनीष गुप्ता 27 सितंबर की सुबह आठ बजे गोरखपुर घूमने आए थे। उनके साथ हरियाणा के उनके दोस्त हरवीर और प्रदीप भी थे। तीनों युवक तारामंडल स्थित होटल कृष्णा पैलेस के कमरा नंबर 512 में रुके थे। रामगढ़ताल थाना प्रभारी जगत नारायण सिंह समेत छह पुलिसकर्मी रात करीब साढ़े 12 बजे कमरे की तलाशी लेने पहुंच गए।
आधी रात को इस तरह कमरे की तलाशी लेने पर मनीष ने आपत्ति जताई तो पुलिसकर्मियों से उनका विवाद हो गया। आरोप है कि इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह और पुलिस टीम ने पीट-पीटकर मनीष की हत्या कर दी। हालांकि पुलिस वालों का कहना था कि मनीष शराब के नशे में धुत थे और गिरने की वजह से उनकी मौत हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मनीष के शरीर पर कई जगह चोट के निशान मिले। मनीष की पत्नी मीनाक्षी की तहरीर पर पुलिस ने छह पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। जिसकी विवेचना कानपुर एसआइटी रही है।