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Gorakhpur News: तारिक से संपर्क रखने वाले गोरखपुर के युवकों की भी तलाश
Sat, 08 Jul 2023 12:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sat, 08 Jul 2023 12:19 AM IST
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लखनऊ में गिरफ्तार तारिक अतहर ।
गोरखपुर। कोतवाली क्षेत्र के खूनीपुर निवासी तारिक अतहर की लखनऊ में गिरफ्तारी के बाद उसके संपर्क में रहने वाले युवाओं की तलाश शुरू कर दी गई है। जांच में सामने आया है कि वह टेलीग्राम एप की मदद से राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से जुड़ी सामग्री को डाउनलोड कर युवाओं को बांटता था।
आईएसआईएस से प्रभावित तारिक की शुरुआती पढ़ाई गोरखपुर में हुई है। इसके बाद वह लखनऊ चला गया। लंबे समय तक वह गुजरात में भी रहा है। इस दौरान उसके संपर्क में रहने वालों की पहचान करने में पुलिस व एलआईयू जुट गई है। खबर है कि उसके पकड़े जाने के बाद से मोहल्ले में तरह-तरह की चर्चाएं हैं, लेकिन उसकी इस तरह की गतिविधियों के बारे में किसी को जानकारी नहीं है।
जानकारी के मुताबिक, तारिक शरियत कानून लागू करने के पक्ष में युवाओं को एकजुट कर रहा था। उसकी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी होने के बाद एसटीएफ ने लिखा पढ़ी में उसकी गिरफ्तारी शुक्रवार को दिखाई है। पुलिस के अनुसार, उससे पूछताछ में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पता चला है कि धार्मिक संदेश भेजकर वह युवाओं को अपने पक्ष में कर रहा था। इसके लिए उसे आतंकी संगठन से फंडिंग होने की भी आशंका है।
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हालांकि, जांच एजेंसियों को आतंकी संगठन से फंडिंग के पुख्ता सबूत नहीं मिल पाया है। गोरखपुर में उसकी गतिविधियों से पुलिस अंजान है। पुलिस की मानें तो वह लंबे समय तक बाहर रहा है। यहां पर उसकी कोई खास गतिविधि नहीं है, लेकिन वह रहने वाला यहीं का है तो उससे किसी का संपर्क में न हो, यह संभव नहीं है। इसी वजह से पुलिस व खुफिया तंत्र पूरी कुंडली खंगाल रही है।
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आईएसआईएस से प्रभावित तारिक की शुरुआती पढ़ाई गोरखपुर में हुई है। इसके बाद वह लखनऊ चला गया। लंबे समय तक वह गुजरात में भी रहा है। इस दौरान उसके संपर्क में रहने वालों की पहचान करने में पुलिस व एलआईयू जुट गई है। खबर है कि उसके पकड़े जाने के बाद से मोहल्ले में तरह-तरह की चर्चाएं हैं, लेकिन उसकी इस तरह की गतिविधियों के बारे में किसी को जानकारी नहीं है।
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जानकारी के मुताबिक, तारिक शरियत कानून लागू करने के पक्ष में युवाओं को एकजुट कर रहा था। उसकी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी होने के बाद एसटीएफ ने लिखा पढ़ी में उसकी गिरफ्तारी शुक्रवार को दिखाई है। पुलिस के अनुसार, उससे पूछताछ में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पता चला है कि धार्मिक संदेश भेजकर वह युवाओं को अपने पक्ष में कर रहा था। इसके लिए उसे आतंकी संगठन से फंडिंग होने की भी आशंका है।
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हालांकि, जांच एजेंसियों को आतंकी संगठन से फंडिंग के पुख्ता सबूत नहीं मिल पाया है। गोरखपुर में उसकी गतिविधियों से पुलिस अंजान है। पुलिस की मानें तो वह लंबे समय तक बाहर रहा है। यहां पर उसकी कोई खास गतिविधि नहीं है, लेकिन वह रहने वाला यहीं का है तो उससे किसी का संपर्क में न हो, यह संभव नहीं है। इसी वजह से पुलिस व खुफिया तंत्र पूरी कुंडली खंगाल रही है।