गोरखपुर: विनोद वन में विकसित किया जाएगा आरोग्य वन, चार जुलाई को होगा उद्घाटन
एक हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में लगाए जाएंगे औषधीय गुणों के पेड़-पौधों, आरोग्य वन में शहरवासी सुबह-शाम टहलने के साथ औषधीय पौधों के प्रति जागरूक हो सकेंगे।
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गोरखपुर में रेलवे स्टेशन के पास बनाए जाने वाले आरोग्य वन को अब विनोद वन के एक भाग में विकसित किया जाएगा। इसके लिए एक हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल को चिह्नित किया गया है। चार जुलाई को इसका शुभारंभ किया जाएगा। इसमें सिर्फ औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। आरोग्य वन को वन एवं पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग विकसित कर रहा है।
डीएफओ अविनाश कुमार ने बताया कि आरोग्य वन में शहरवासी सुबह-शाम टहलने के साथ औषधीय पौधों के प्रति जागरूक हो सकेंगे। पहले इस वन को शहर के बीचों बीच विकसित किया जाना था, लेकिन जमीन मिलने में दिक्कत आ रही थी। इस वजह से अब विनोद वन के एक भाग में विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए शासन से अनुमति मिल चुकी है।
कुमार का कहना है कि कोरोना महामारी के दौर में लोगों का रुझान औषधियों पेड़-पौधों की ओर बढ़ा है। पर्यावरण के प्रति लोग संवेदी हुए हैं। इसी वजह से अधिक आक्सीजन प्रदान करने वाले पौधों की मांग बढ़ी है। लोगों के इसी रुझान को देखते हुए विभाग ने आरोग्य वन बनाने का निर्णय लिया।
ये पौधे होंगे
डीएफओ अविनाश कुमार ने बताया कि आरोग्य वन में आंवला, बेल, घृत कुमारी, गिलोय, नीम, सहजन, तुलसी, बबूल, कदंब, सेमल, शीशम, यूकेलिप्टस, आम, अमरूद, जामुन, बेर, पपीता, लीची, हरसिंगार, अर्जुन, लेमन ग्रास, कालमेघ, अश्वगंधा, एलोवेरा, हरड़, बेहड़ा, पीपल, पाकड़, बरगद आदि के पौधे लगाए जाने हैं। उन्होंने बताया कि पौधे शरीर के अंगों के हिसाब से लगाए जाएंगे। मसलन गला, उदर, पेट, फेफड़ा, दिल, गुर्दा समेत शरीर के अन्य अंदरूनी हिस्सों में औषधीय गुण से फायदेमंद होने वाले पौधों को तरजीह दी जाएगी।
आरोग्य वन के पास बनेगा स्मृति स्मारक
आरोग्य वन के एरिया में ही कोरोना से जान गंवाने वाले वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की याद में स्मृति स्मारक बनाया जाएगा। प्रदेश भर में कोरोना काल में वन विभाग के 48 अधिकारियों और कर्मचारियों की जान गई है। गोरखपुर प्रभाग में भी दो कर्मचारियों की जान करोना से गई है। इन्हीं की याद में 21.4 फीट गोल और 6 फीट ऊंचा स्मृति स्मारक बनाया जा रहा है।