गोरखपुर: भू-माफिया ओमप्रकाश पांडेय पर जालसाजी का एक और केस, चार महीने में दर्ज हुए 15 मुकदमें
अभी दस दिन पहले पुलिस ने दर्ज किया था तीन केस, आरोपी अब भी फरार, कमिश्नर के आदेश पर कैंट पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर में भू-माफिया ओमप्रकाश पांडेय के खिलाफ कैंट पुलिस ने बुधवार को एक और केस दर्ज कर लिया है। शिकायत लेकर पहुंचे बिहार के राजकिशोर सिंह के साथ ओमप्रकाश ने जमीन के नाम पर जालसाजी की है। कमिश्नर के आदेश पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। हालांकि अब तक पुलिस आरोपित को दबोच नहीं पाई है। पुलिस का दावा है कि उसकी तलाश जारी है जबकि एक के बाद एक मुकदमे दर्ज होते जा रहे है मगर आरोपी पकड़ में नहीं आ रहा है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
यह वही ओमप्रकाश है जिसकी शिकायत पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने शहर में जनता दर्शन के दौरान अधिकारियों से सवाल किया था कि क्या अब भी भू-माफिया बचे हुए है? इसके बाद ही पुलिस ने केस दर्ज किया था लेकिन अब तक उसे पकड़ नहीं पाई है। जानकारी के मुताबिक, सिवान निवासी राजकिशोर ने कमिश्नर को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि वह गोरखपुर में जमीन लेना चाहता था।
गांव की एक महिला से ओमप्रकाश की बातचीत थी और उसके जरिए ही उससे मुलाकात हुई थी। 7 मार्च 2011 को पत्नी बसंती देवी के नाम पर 14 लाख में महादेव झारखंडी में एक जमीन खरीदी थी। मगर कब्जा दखल आज तक नहीं हो पाया। पीड़ित की तहरीर पर केस दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
23 अगस्त को हुई थी गैंगस्टर की कार्रवाई
23 अगस्त को कैंट इंस्पेक्टर सुधीर सिंह की तहरीर पर पुलिस ने भू-माफिया ओमप्रकाश और उसके तीन अन्य साथियों पर गैंगस्टर के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस ने ओमप्रकाश के अलावा सनी देवल, धीरज साहनी और संजय को आरोपित बनाया है लेकिन अभी तक किसी को नहीं पकड़ सकी है।
ओमप्रकाश पर चार महीने में 15 केस
भू-माफिया ओमप्रकाश पर चार महीने में जालसाजी के 15 केस दर्ज किए जा चुके हैं। 30 अगस्त को पूर्व नौसैनिक मनीष कुमार मिश्रा ने केस दर्ज कराया था। कुशीनगर के कसया के सुकदेव निवासी दुर्गावती देवी, रमेश मिश्रा, किरन राय, लक्ष्मीपुर बुजुर्ग निवासी अलका पांडेय, कुबेरस्थान के सिंहन, जोड़ी निवासी मंजू देवी,कोहरवलिया निवासी मीरा देवी ने केस दर्ज कराया था। इसके पहले बिहार की बिरति, सिवान की रेणु सिंह और देवरिया की बबिता द्विवेदी ने केस दर्ज कराया था।