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Gorakhpur News: जंगल की झोपड़ियों में रहने वाले भगवान के समान
Mon, 06 Apr 2026 02:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Mon, 06 Apr 2026 02:41 AM IST
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श्रीराम वनवासी छात्रावास की ओर से वार्षिकोत्सव का आयोजन
गोरखपुर। वनवासी कल्याण आश्रम के प्रांत सह प्राचरक सुरजीत ने कहा कि सेवा कार्य करने वाले से सेवा के लिए सहयोग करने वाले श्रेष्ठ होते हैं। स्वामी विवेकानंद ने हमें अमृतस्य पुत्राह की संज्ञा देते हुए कहा है कि खेत खलिहान में काम करने वाले, जंगल की झोपड़ियों में रहने वाले हमारे भाई नारायण (भगवान) के समान हैं। उनकी सेवा करना ही नारायण की सेवा है।
वह श्रीराम वनवासी छात्रावास के वार्षिकोत्सव के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सर्वे भवन्तु सुखिन: का संदेश वेदों से हमें मिला है। मानव सेवा कार्य ही श्रेष्ठ कार्य है। हमारा वनवासी समाज सुसंस्कृत है, शिष्टाचारी और राष्ट्रभक्त है। किसी कारण से आर्थिक पिछड़ापन वहां दिखता है, यह उनके स्वभाव व सादे जीवन पद्धति के कारण है।
मुख्य अतिथि डॉ. राजेश गुप्ता ने कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने बताया कि श्रीराम वनवासी छात्रावास से अब तक 325 छात्र शिक्षा ग्रहण कर चुके हैं। ये विभिन्न क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे हैं।
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गोरखपुर। वनवासी कल्याण आश्रम के प्रांत सह प्राचरक सुरजीत ने कहा कि सेवा कार्य करने वाले से सेवा के लिए सहयोग करने वाले श्रेष्ठ होते हैं। स्वामी विवेकानंद ने हमें अमृतस्य पुत्राह की संज्ञा देते हुए कहा है कि खेत खलिहान में काम करने वाले, जंगल की झोपड़ियों में रहने वाले हमारे भाई नारायण (भगवान) के समान हैं। उनकी सेवा करना ही नारायण की सेवा है।
वह श्रीराम वनवासी छात्रावास के वार्षिकोत्सव के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सर्वे भवन्तु सुखिन: का संदेश वेदों से हमें मिला है। मानव सेवा कार्य ही श्रेष्ठ कार्य है। हमारा वनवासी समाज सुसंस्कृत है, शिष्टाचारी और राष्ट्रभक्त है। किसी कारण से आर्थिक पिछड़ापन वहां दिखता है, यह उनके स्वभाव व सादे जीवन पद्धति के कारण है।
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मुख्य अतिथि डॉ. राजेश गुप्ता ने कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने बताया कि श्रीराम वनवासी छात्रावास से अब तक 325 छात्र शिक्षा ग्रहण कर चुके हैं। ये विभिन्न क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे हैं।
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