गोरखपुर: नहीं काम आई घेराबंदी, पुलिस टीम पर फायर कर पशु तस्कर फरार
पादरी बाजार के पास पुलिस ने की थी चौकसी, आधी रात बाद बदमाश आए पर नहीं पकड़ पाई पुलिस, शाहपुर पुलिस ने दर्ज किया केस, तस्करों की तलाश में रात भर दबिश दे रही पुलिस।
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गोरखपुर में पशु तस्करों की तलाश में पुलिस ने शनिवार की रात में खूब घेराबंदी की लेकिन बदमाश हाथ नहीं आ सके। बदमाशों को पुलिस ने पादरीबाजार के पास घेरा जरूर मगर वे फायरिंग करते हुए भाग निकले। बदमाशों को पकड़ पाने में नाकाम होने के बाद पुलिस ने शाहपुर थाने में केस दर्ज कराया है। इस दौरान शहर में कई जगहों पर घेराबंदी भी की गई थी।
जानकारी के मुताबिक, शनिवार की रात पुलिस को पशु तस्करों के आने की सूचना मिली थी। पुलिस ने गुलरिहा से पिपराइच, पिपराइच से गुलरिहा और शाहपुर आने वाले रास्तों पर नाकेबंदी कर दी। कौवाबाग चौकी के पास से जेल बाईपास होते हुए पादरीबाजार की ओर भी लोगों को नहीं जाने दिया जा रहा था।
इस दौरान पुलिस के साथ ही क्राइम ब्रांच की टीम को भी लगाया गया था। क्राइम ब्रांच और पुलिस की टीम ने घेराबंदी की और रात एक बजे के करीब बदमाश और पुलिस का आमना सामने हो गया लेकिन अंधेरे का फायदा बदमाशों ने उठा लिया और फायरिंग करते हुए फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने रातभर दबिश दी लेकिन पशु तस्कर पकड़ में नहीं आए।
पूरी रात रही नाकाबंदी, वाहनों की सघन चेकिंग भी जारी
तस्कर पुलिस पर फायरिंग कर महराजगंज रोड पर भागे। क्राइम ब्रांच और पुलिस की टीम ने महराजगंज के श्यामदेउरवां तक उनका पीछा किया लेकिन वे हाथ नहीं लगे। इस दौरान रात करीब एक बजे पुलिस टीम तस्करों की तलाश में कुशीनगर भी रवाना हुई।
पुलिस का दावा है कि जल्द ही तस्कर पुलिस की गिरफ्त में होंगे। उधर, एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु खुद पूरी रात इस अभियान की मॉनिटरिंग करते रहे। मोबाइल व वायरलेस सेट पर पूरी रात मातहतों को तस्करों के खिलाफ जाल बिछाने के दिशा-निर्देश देते रहे। सभी चौराहों और मुख्य सड़कों की नाकाबंदी कर दी गई थी।
रात में तीन बजे दोबारा मिल गई थी बदमाशों की लोकेशन
थानेदारों से लेकर क्राइम ब्रांच की टीम अगल-अलग इलाकों में निकल पड़ी। रात करीब तीन बजे पुलिस को फिर इन तस्करों की लोकेशन मिली। काफी अधिक संख्या में तस्करों के एक जगह होने पर उन्हें पकड़ने के लिए फिर से पुलिस जाल बिछाने लगी। तत्काल फोर्स की मांग की गई। एसएसपी के निर्देश पर फोर्स रवाना भी हो गई।
कुशीनगर के तस्करों के सक्रिय होने का संदेह
जिले में कुशीनगर के तस्करों के होने का संदेह है। पहले भी कई बार कुशीनगर के तस्कर पकड़े जा चुके हैं। इन तस्करों की पडरौना से रोजाना शाम 5-6 गाड़ियां निकलती हैं। इन गाड़ियों में पिकअप और मार्शल होती हैं। एक गाड़ी पर 10 से 12 तस्कर सवार होते हैं। देर शाम शहर में सन्नाटा होते ही ये शहर में दाखिल हो जाते हैं। चौराहों व कालोनियों में घूमने वाले आवारा पशुओं को उठाते, गाड़ियों पर लादते और फिर निकल लेते हैं।
तस्करों की गाड़ियों में भरे होते हैं लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर
तस्करों के जानवरों को पकड़ने के दौरान ज्यादातर लोग समझते नगर निगम की टीम छुट्टा जानवरों को उठा रही है । अगर कोई विरोध करता तो तस्कर बिना देर किए उसपर जानलेवा हमला कर देते हैं। इन तस्करों की गाड़ियों में हमला करने के लिए लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर भरे होते हैं। ताकि पकड़े जाने से पहले ये विरोध करने वालों पर टूट पड़ें। ये अवैध असलहों से भी पूरी तरह लैस होते है।
पुलिस पर भी हमला व फायरिंग करने से भी ये बिल्कुल नहीं चूकते। शहर में ऐसी दो घटनाएं सामने भी आ चुकी हैं। दो दिन पूर्व शाहपुर की आवास-विकास कॉलोनी में इन तस्करों का विरोध करने वाले इंजीनियर पुत्र पर इन्होंने जानलेवा हमला कर दिया। वहीं, बीते मंगलवार को कैंट के छात्रसंघ चौराहे पर एक दरोगा पर की गाड़ी पर भी तस्करों ने ईंट-पत्थर चलाए।
हाल के दिनों में तीन घटनाएं
आवास विकास कॉलोनी में इंजीनियर के घर पर पथराव से पहले पशु तस्करों ने कुछ दिन पहले इसकी कॉलोनी में एक और जगह पथराव किया था। इसके बाद बेतियाहाता के पास पुलिस वालों को पशु तस्करों ने निशाना बनाया था। पुलिस वालों को भागकर जान बचानी पड़ी थी।
एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु ने कहा कि पुलिस पशु तस्करों की तलाश में लगी है। जल्द ही तस्करों को दबोचा जाएगा और उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।