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कोरोना के डर के बीच युवाओं को हो रही है ये बीमारी, अस्पतालों में लग रही है लंबी लाइन

Sun, 22 Mar 2020 02:51 AM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 22 Mar 2020 02:51 AM IST
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Amid fears of Corona becoming young victim of psychosomatic
कोरोना वायरस से सतर्कता बरतते लोग। - फोटो : PTI

कोरोना वायरस के मामले भारत में लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इस वजह से लोगों में डर का माहौल भी हैं। यही डर युवाओं को साइको सोमेटिक का शिकार बनाता जा रहा है। मानसिक रोग विशेषज्ञ के मुताबिक डर के माहौल की वजह से भले ही लोग शारीरिक रूप से बीमार न हो रहे हो, लेकिन यह डर उन्हें मानसिक सेहत को कमजोर करने के लिए काफी है। इसका असर इम्युनिटी (प्रतिरोधक क्षमता) पर भी पड़ रहा है। अगर इसे कंट्रोल नहीं किया गया तो आने वाले वक्त में यह स्थिति बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।

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कोरोना का डर अब लोगों में साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। युवा से लेकर बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं कोरोना वायरस को बखूबी जान भी गए है। लेकिन इन सबके बीच युवा कोरोना वायरस को लेकर पैनिक भी हो रहे है। इसका असर है कि जिला अस्पताल और बीआरडी मेडिकली कॉलेज के मानसिक रोग (सायकायट्रिस्ट) विभाग में 20 में से 8 से 10 युवा इलाज के लिए पहुंच रहे है।
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ओपीडी में युवाओं की संख्या अचानक बढ़ी है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मानसिक विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ तपस कहते हैं वायरस का जो डर है युवाओं के बीच असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है कि आगे उनकी नौकरी रहेगी या नहीं, वायरस से संक्रमित हो गए तो परिवार का क्या होगा। इसकी वजह से युवा साइको सोमेटिक के मरीज बनते जा रहे है। ऐसे लोग मेडिसिन विभाग में इलाज के लिए आ रहे है। बताया कि साइको सोमेटिक में युवाओं को एंग्जायटी, नींद का न आना, अचानक हार्ट अटैक, सांस की परेशानी, इम्युनिटी सिस्टम को कमजोर कर देती है। इसकी वजह से खतरा ज्यादा है। अगर यही सिलसिला चलता रहा, तो युवाओं में बुजुर्गों से ज्यादा खतरा है।   

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सोशल मीडिया बिगाड़ रहा खेल

सोशल मीडिया कोरोना वायरस को लेकर और खेल बिगाड़ रहा है। डॉ तपस ने बताया कि जिन लोगों में पहले से ही डिप्रेशन, ओसीडी (एक बीमारी जिसमें लोग ज्यादा सोचते हैं और उन्हें डर लगता ) जैसी समस्या है, उर पर यह बुरा असर डाल रहा है।

युवा सोशल मीडिया पर ज्यादा जुड़े है, ऐसे में जो चीजें सुन और देख रहे है। तो उनमें मन में और डर और बैचेनी हो रही है। ऐसी स्थिति में मास पैनिक की स्थिति आ जाती है, जो मौजूदा समय में ज्यादा देखने को मिल रही है। इसकी वजह से केस भी बढ़ गए है।

इस तरीके से कर सकते है बचाव
डॉ. तपस ने बताया कि इससे बचने के लिए लोगों को पॉजिटिव सोचना होगा। युवाओं को सोशल मीडिया से दूर रहना होगा। क्योंकि सोशल मीडिया पर नाकारात्मक न्यूज कोरोना वायरस को लेकर ज्यादा आ रही है।

डब्लूएचओ के अनुसार ऐसे बचाएं खुद को बचाएं स्ट्रेस होने से
खानपान पर्याप्त और सही रखें। पूरी नींद लें और समय-समय अपने परिचितों से बातें करें। तनाव मुक्त करने के लिए शराब और सिगरेट का इस्तेमाला बिल्कुन न करें। जरा सी भी परेशानी होने पर डॉक्टर से सलाह लें।
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