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पूर्वोत्तर रेलवे: चपरासी से लिपिक बनने को दी परीक्षा, सभी रेलकर्मी हो गए फेल, बोले- बहुत कठिन था सवाल
Tue, 17 Aug 2021 07:14 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 17 Aug 2021 07:14 PM IST
सार
परीक्षा में सभी 13 रेलकर्मी फेल हो गए हैं। ये रेलकर्मी लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे थे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
पूर्वोत्तर रेलवे के यांत्रिक कारखाना में चपरासी से लिपिक बनने का सपना पाले हुए रेलकर्मियों को जोर का झटका लगा है। पदोन्नति परीक्षा में सभी रेलकर्मी फेल हो गए हैं। ये रेलकर्मी लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे थे।
रेलवे यांत्रिक कारखाना में चतुर्थ श्रेणी से तृतीय श्रेणी में पदोन्नति के लिए अवर लिपिक लेवल-2 ग्रेड पे पद पर छह अगस्त को लिखित परीक्षा हुई थी। परीक्षा में 13 रेलकर्मियों ने भाग लिया। इसमें तीन महिला रेलकर्मी भी शामिल थीं। परीक्षा 90 मिनट की हुई थी जिसमें 100 सवाल पूछे गए थे।
इसमें 10 सवाल राजभाषा से संबंधित थे जिन्हें हल करना अनिवार्य था। माइनस मार्किंग नहीं थी। परीक्षा का परिणाम आठ अगस्त को घोषित किया गया है। रेलकर्मियों का कहना है कि परीक्षा में सवाल बहुत कठिन पूछे गए थे।
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रेलकर्मियों ने पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखी। जिसके बाद संघ के महामंत्री विनोद कुमार राय ने महाप्रबंधक से मिलकर सवालों की जांच कराकर फिर से परीक्षा कराने की मांग की है। महामंत्री ने कहा कि कर्मचारियों के स्तर के हिसाब से सवाल पूछे जाने चाहिए।
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रेलवे यांत्रिक कारखाना में चतुर्थ श्रेणी से तृतीय श्रेणी में पदोन्नति के लिए अवर लिपिक लेवल-2 ग्रेड पे पद पर छह अगस्त को लिखित परीक्षा हुई थी। परीक्षा में 13 रेलकर्मियों ने भाग लिया। इसमें तीन महिला रेलकर्मी भी शामिल थीं। परीक्षा 90 मिनट की हुई थी जिसमें 100 सवाल पूछे गए थे।
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इसमें 10 सवाल राजभाषा से संबंधित थे जिन्हें हल करना अनिवार्य था। माइनस मार्किंग नहीं थी। परीक्षा का परिणाम आठ अगस्त को घोषित किया गया है। रेलकर्मियों का कहना है कि परीक्षा में सवाल बहुत कठिन पूछे गए थे।
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रेलकर्मियों ने पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखी। जिसके बाद संघ के महामंत्री विनोद कुमार राय ने महाप्रबंधक से मिलकर सवालों की जांच कराकर फिर से परीक्षा कराने की मांग की है। महामंत्री ने कहा कि कर्मचारियों के स्तर के हिसाब से सवाल पूछे जाने चाहिए।