{"_id":"621488b260a96501cb733bdd","slug":"aiims-radiation-therapy-of-cancer-patients-will-start-soon-gorakhpur","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुशखबर: एम्स को मिलीं तीन मशीनें, जल्द शुरू होंगी कैंसर मरीजों की रेडिएशन थेरेपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुशखबर: एम्स को मिलीं तीन मशीनें, जल्द शुरू होंगी कैंसर मरीजों की रेडिएशन थेरेपी
Tue, 22 Feb 2022 12:24 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 22 Feb 2022 12:24 PM IST
सार
एम्स मीडिया प्रभारी डॉ. शंशाक शेखर ने कहा कि तीनों मशीनें स्विटजरलैंड और जर्मनी में खरीद ली गईं हैं। जल्द ही रेडिएशन सेप्टी ऑफिसर की नियुक्ति के बाद यहां मशीनें आ जाएंगी। इन मशीनों के आने के बाद से कैंसर मरीजों को इलाज के लिए कही और जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
विज्ञापन
गोरखपुर एम्स।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में कैंसर रोगियों की रेडिएशन थेरेपी जल्द शुरू होगी। इसके लिए ड्यूअल एनर्जी की रेडियोथेरेपी मशीन सहित तीन अन्य मशीनें स्विटजरलैंड और जर्मनी से खरीद ली गई हैं। एम्स में रेडिएशन सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्ति होने के बाद ही मशीनें वहां से भेज दी जाएंगी।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, पूर्वांचल में एम्स पहला सरकारी अस्पताल होगा, जहां ड्यूअल एनर्जी की रेडियोथेरेपी मशीन आ रही है। इस मशीन से उसी जगह पर अंग की सेंकाई हो सकेगी, जो जगह कैंसर से प्रभावित होगी। अच्छी बात यह है कि प्रभावित अंग के अगल-बगल रेडिएशन का प्रभाव नहीं होगा।
विज्ञापन
एम्स में मशीन आने के बाद मरीजों को निजी अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही बेहद कम खर्चे में मरीजों का इलाज भी हो जाएगा। इसके अलावा स्तन और ओरल कैंसर से जूझ रहे मरीजों की सेंकाई के लिए ब्रेकीथेरेपी मशीन भी मिल गई है। इस मशीन से किसी भी अंग में कैंसर सेल की सटीक पहचान, लोकेशन का पता लगाया जा सकेगा। रेडिएशन की जगह का पता लगाने के लिए सीटी सेम्यूलेटर भी लगाया जाएगा।
विज्ञापन
एम्स मीडिया प्रभारी डॉ. शंशाक शेखर ने कहा कि तीनों मशीनें स्विटजरलैंड और जर्मनी में खरीद ली गईं हैं। जल्द ही रेडिएशन सेप्टी ऑफिसर की नियुक्ति के बाद यहां मशीनें आ जाएंगी। इन मशीनों के आने के बाद से कैंसर मरीजों को इलाज के लिए कही और जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।