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Gorakhpur News: खराब प्रदर्शन वाले तीन अधिकारियों को कृषि मंत्री ने दी चेतावनी
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गोरखपुर। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने खराब प्रदर्शन करने वाले तीन अधिकारियों को अंतिम चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि यदि 15 नवंबर तक उनके प्रदर्शन में सुधार नहीं आया तो उन्हें सेवा से बाहर कर दिया जाएगा। इसके लिए उन्होंने स्क्रीनिंग के भी निर्देश दिए हैं।
कृषि मंत्री सोमवार को एनेक्सी भवन में आयोजित मंडलीय रबी उत्पादकता गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान खराब प्रदर्शन पर सहायक निबंधक, सहकारी समितियां देवरिया, जिला कृषि अधिकारी, सिद्धार्थनगर एवं जिला कृषि अधिकारी बस्ती की स्क्रीनिंग के निर्देश दिए। उन्होंने उर्वरक एवं बीज की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों का हित सर्वोपरि है। किसानों के हित में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ उनको मिलना चाहिए। उन्होंने वाराणसी से मऊ को 500 एमटी, गोरखपुर से सिद्धार्थनगर को 500 एमटी उर्वरक दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कहीं जानबूझकर उर्वरक की किल्लत पैदा की जाएगी तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से खेती के लिए वैज्ञानिक विधि अपनाने और पराली न जलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से चलाई जा रही योजनाओं से किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं।
पूर्व अपर निदेशक कृषि डॉ. आनंद त्रिपाठी ने कहा कि किसान परंपरागत धान, गेंहू की खेती की जगह वाणिज्यक खेती कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं। निदेशक उद्यान डॉ. बीपी राम ने उद्यान विभाग, डॉ. एसके सिंह ने पशुपालन और नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजयेंद्र सिंह ने मखाना की खेती के बारे में जानकारी दी।
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इस अवसर पर प्रमुख सचिव कृषि रविंद्र, निदेशक कृषि डॉ. पंकज त्रिपाठी, संयुक्त कृषि निदेशक अरविंद सिंह, उप कृषि निदेशक धनंजय सिंह, जिला कृषि अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
कई उत्पादों की लगी प्रदर्शनी
एनेक्सी भवन के बाहर कृषि से संबंधित स्टाल लगाए गए थे। वहां कृषि से संबंधित कई उत्पाद रखे गए थे। प्रदर्शनी में छोटे ट्रैक्टर को भी रखा गया था। यह वह ट्रैक्टर है, जिसे किसान हाथ से पैदल चलकर चला सकते हैं। यह छोटे किसानोें के लिए उपयोगी है। विभिन्न प्रकार के ट्रैक्टरों की कीमत 23 हजार से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक है।
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कृषि मंत्री सोमवार को एनेक्सी भवन में आयोजित मंडलीय रबी उत्पादकता गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान खराब प्रदर्शन पर सहायक निबंधक, सहकारी समितियां देवरिया, जिला कृषि अधिकारी, सिद्धार्थनगर एवं जिला कृषि अधिकारी बस्ती की स्क्रीनिंग के निर्देश दिए। उन्होंने उर्वरक एवं बीज की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों का हित सर्वोपरि है। किसानों के हित में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ उनको मिलना चाहिए। उन्होंने वाराणसी से मऊ को 500 एमटी, गोरखपुर से सिद्धार्थनगर को 500 एमटी उर्वरक दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कहीं जानबूझकर उर्वरक की किल्लत पैदा की जाएगी तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से खेती के लिए वैज्ञानिक विधि अपनाने और पराली न जलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से चलाई जा रही योजनाओं से किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं।
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पूर्व अपर निदेशक कृषि डॉ. आनंद त्रिपाठी ने कहा कि किसान परंपरागत धान, गेंहू की खेती की जगह वाणिज्यक खेती कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं। निदेशक उद्यान डॉ. बीपी राम ने उद्यान विभाग, डॉ. एसके सिंह ने पशुपालन और नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजयेंद्र सिंह ने मखाना की खेती के बारे में जानकारी दी।
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इस अवसर पर प्रमुख सचिव कृषि रविंद्र, निदेशक कृषि डॉ. पंकज त्रिपाठी, संयुक्त कृषि निदेशक अरविंद सिंह, उप कृषि निदेशक धनंजय सिंह, जिला कृषि अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
कई उत्पादों की लगी प्रदर्शनी
एनेक्सी भवन के बाहर कृषि से संबंधित स्टाल लगाए गए थे। वहां कृषि से संबंधित कई उत्पाद रखे गए थे। प्रदर्शनी में छोटे ट्रैक्टर को भी रखा गया था। यह वह ट्रैक्टर है, जिसे किसान हाथ से पैदल चलकर चला सकते हैं। यह छोटे किसानोें के लिए उपयोगी है। विभिन्न प्रकार के ट्रैक्टरों की कीमत 23 हजार से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक है।