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Gorakhpur News: माफिया राकेश के बाद अब अजीत-सुधीर की बारी, सजा दिलाने के लिए पुलिस उठा रही ये खास कदम

Tue, 02 Apr 2024 10:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Tue, 02 Apr 2024 10:55 AM IST
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After Mafia Rakesh, now it's number of mafia Ajit-Sudhir's tu in gorakhpur
सुधीर सिंह व अजीत शाही। (file) - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर में अपराध से अर्जित माफिया की संपत्ति पर बुलडोजर चलाकर उनकी कमर तोड़ने के बाद पुलिस अब कोर्ट में मजबूत साक्ष्य के साथ पैरवी पर भी जोर देने लगी है। माफिया राकेश यादव को हाल ही में कोर्ट से प्रक्रिया पूरी होने के बाद सजा हुई है। अब पुलिस ने माफिया अजीत शाही और सुधीर सिंह के दो-दो केस को टारगेट कर लिया है, जिसमें तेजी से पैरवी कराई जा रही है।
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कोर्ट में शासकीय अधिवक्ता की मदद से साक्ष्य प्रस्तुत किए जा रहे हैं तो दोनों के ही केसों में 16 से अधिक लोगों की गवाही भी हो चुकी है। खबर है कि इन मामलों में भी कोर्ट से सजा हो सकती है।
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दरअसल, जिले के टॉप टेन बदमाशों में शामिल माफिया राकेश यादव हो या फिर अजीत शाही, सुधीर सिंह, सभी पर केस तो कई हैं, लेकिन कोर्ट से सजा नहीं हो पाती है। किसी में गवाह मुकर जाते हैं तो किसी में गवाही ही नहीं हो पाती है, लेकिन अब पुलिस ऑपरेशन कन्वेंशन के तहत इनके केस को चिह्नित कर गवाही और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत कर रही है। इसका फायदा पुलिस को यह मिला कि पहली बार माफिया को कोर्ट से सजा हो सकी है।
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माफिया अजीत शाही। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
यही वजह है कि पुलिस अब दूसरे बदमाशों पर दर्ज केस की सूची तैयार कर उस पर कार्रवाई कराने के लिए पैरवी कर रही है। पुलिस का माॅनिटरिंग सेल माफिया के केस में गवाही कब और किसकी होनी है, इसे अपडेट कराता है और गवाह को कोर्ट तक पहुंचा कर गवाही भी करा रहा है।

माफिया अजीत पर दर्ज हैं 33 केस
अजीत शाही कैंट थाना क्षेत्र के आवास विकास कॉलोनी का रहने वाला है। अजीत शाही के खिलाफ कैंट, खोराबार, शाहपुर, गुलरिहा, गोरखनाथ और देवरिया जिले में कुल 33 केस दर्ज हैं। अजीत शाही माफिया गैंग डी-4, वर्ष 2010 में रजिस्टर्ड है। माफिया के ऊपर पहला केस 1991 में मारपीट और धमकी का हुआ था।

उसके बाद शहर के कैंट, खोराबार, शाहपुर, गुलरिहा, गोरखनाथ और खामपार देवरिया मिलाकर कुल 33 केस दर्ज हुए हैं। इनमें से कई में माफिया अजीत शाही कोर्ट से बरी भी हो चुका है। पुलिस रिकाॅर्ड में उसे अब तक किसी मामले में पुलिस सजा नहीं दिला पाई है। वर्तमान में जमानत पर बाहर है। अब हाल के दिनों में इस पर दर्ज केस में पुलिस ने पैरवी तेज कर दी है।

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ब्लॉक प्रमुख माफिया सुधीर सिंह।(फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
सुधीर पर दर्ज हैं 40 केस, 200 करोड़ से अधिक की संपत्ति हो चुकी जब्त

पूर्व  ब्लाक प्रमुख सुधीर सिंह वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में सहजनवां से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। उसके विरुद्ध गोरखपुर, महराजगंज व लखनऊ के अलग-अलग थानों में हत्या, हत्या की कोशिश, लूट, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर, गुंडा एक्ट के 40 केस दर्ज हैं।

उसका दो सौ करोड़ से अधिक की संपत्ति गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त भी की जा चुकी है। राजनीति में आने के साथ ही माफिया सुधीर सिंह ने खुद को बचाने का ताना-बाना भी खूब बुना, लेकिन कानून के शिकंजे में फंसने के बाद उस पर ही हाल के महीनों में रंगदारी, धमकी और जमीन कब्जाने जैसे मामले दर्ज किए जा चुके हैं। अब पुलिस इसे भी सजा दिलाने के लिए दो केस की मॉनिटरिंग शुरू कर दी है।

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एसएसपी गौरव ग्रोवर - फोटो : अमर उजाला
एसएसपी गौरव ग्रोवर ने बताया कि पुलिस सभी माफिया और बदमाशों को ऑपरेशन कन्वेंशन के तहत सजा दिलाने के लिए शासकीय अधिवक्ता की मदद से पैरवी कर रही है। हाल में माफिया राकेश यादव को कोर्ट से सजा भी हुई है। अन्य माफिया के ट्रायल पर चल रहे केस में समय से गवाह और साक्ष्य प्रस्तुत करने की प्रक्रिया चल रही है।

 
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