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महराजगंज: पौधों के गायब होने के मामले में प्रशासन सख्त, डीएफओ ने कहा-दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
Sun, 08 Mar 2020 12:31 PM IST
vivek shukla
डिजिटल न्यूज डेस्क, महराजगंज।
डिजिटल न्यूज डेस्क, महराजगंज।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 08 Mar 2020 12:31 PM IST
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MaharajGanj news
- फोटो : अमर उजाला।
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सोहगीरबरवां वन्य जीव प्रभाग के पकड़ी रेंज के सिंहपुर में पांच हेक्टेयर भूमि पर वर्ष 2017 में पौधरोपण हुआ था। लेकिन मौके पर पौधे नहीं दिख रहे हैं। इसके अलावा सागौन के तमाम पेड़ भी थे। जिन्हें काटकर लोग उठा ले गए। इस मामले को अमर उजाला ने 'वन विभाग ने यहां लगाए थे साढ़े पांच हजार पौधे, आपको दिखे क्या' के शीर्षक से खबर सात मार्च को प्रकाशित किया था। इसके बाद प्रशासन समेत वन विभाग की नींद टूटी। वन विभाग ने इस प्रकरण में कार्रवाई करते हुए रेंजर पकड़ी एवं फॉरेस्टर से स्पष्टीकरण तलब किया है।
पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने के लिए किए गए सरकारी प्रयास के हकीकत की तस्वीर अमर उजाला ने प्रस्तुत किया। सिंहपुर में पांच हेक्टयर भूमि में लगे पौधे कहां गए, किसी को कुछ पता नहीं है। वीरान पड़ी भूमि पर खरपतवार शोभा बढ़ा रहे हैं। लोगों का कहना है कि खाली पड़ी भूमि को हरभरा बनाने के मकसद से पौधे लगाए गए। लेकिन उनकी सुरक्षा नहीं होने के कारण पौधे बेकार हो गए।
सड़क के दोनों तरफ की भूमि खाली पड़ी है। वन विभाग को बोर्ड भी गिरा हुआ है। खबर प्रकाशित होने के बाद वन विभाग की नीद टूटी और अब इस पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है। डीएफओ की सख्ती से वन विभाग में खलबली मची हुई है। क्योंंकि डीएफओ ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया।
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डीएफओ पुष्प कुमार कांधला ने कहा कि पकडी रेंजर एवं फरेस्टर से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। पौधो की सुरक्षा को लेकर लापरवाही किस स्तर पर हुई है। इसकी जांच की जा रही है। इस प्रकरण में जो भी कसूरवार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने के लिए किए गए सरकारी प्रयास के हकीकत की तस्वीर अमर उजाला ने प्रस्तुत किया। सिंहपुर में पांच हेक्टयर भूमि में लगे पौधे कहां गए, किसी को कुछ पता नहीं है। वीरान पड़ी भूमि पर खरपतवार शोभा बढ़ा रहे हैं। लोगों का कहना है कि खाली पड़ी भूमि को हरभरा बनाने के मकसद से पौधे लगाए गए। लेकिन उनकी सुरक्षा नहीं होने के कारण पौधे बेकार हो गए।
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सड़क के दोनों तरफ की भूमि खाली पड़ी है। वन विभाग को बोर्ड भी गिरा हुआ है। खबर प्रकाशित होने के बाद वन विभाग की नीद टूटी और अब इस पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है। डीएफओ की सख्ती से वन विभाग में खलबली मची हुई है। क्योंंकि डीएफओ ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया।
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डीएफओ पुष्प कुमार कांधला ने कहा कि पकडी रेंजर एवं फरेस्टर से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। पौधो की सुरक्षा को लेकर लापरवाही किस स्तर पर हुई है। इसकी जांच की जा रही है। इस प्रकरण में जो भी कसूरवार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।