गोरखपुर: टीकाकरण में मदद न करने वाले डॉक्टरों पर होगी कार्रवाई, शासन ने की रिपोर्ट तलब
गोरखपुर जिले में 15 से 18 वर्ष की उम्र के तीन लाख 11 हजार 464 किशोरों को टीका लगना है। अब तक एक लाख 77 हजार 959 किशोरों को टीका लग सका है।
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किशोरों के कोरोना टीकाकरण में सहयोग नहीं करने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई की जाएगी। शासन को पता चला है कि कई डॉक्टर अपने क्षेत्रों के स्कूलों और इंटर कॉलेजों में बूथ नहीं बनवा रहे हैं। इस कारण किशोरों को टीका नहीं लग पा रहा है।
पिछले दिनों शासन ने किशोरों के टीकाकरण की रिपोर्ट तलब की तो पता चला कि कई डॉक्टर किशोरों के टीकाकरण में सहयोग नहीं कर रहे हैं। इस वजह से किशोरों को लक्ष्य के सापेक्ष टीका नहीं लग पा रहा है। अब तक सवा लाख से अधिक किशोरों को टीके की पहली डोज नहीं लग सकी है।
दरअसल, कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के साथ किशोर भी संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। यही कारण है कि शासन ने प्राथमिकता के आधार पर 15 से 18 वर्ष के किशोरों को टीका लगाना शुरू किया है। शासन ने निर्देश दिए हैं कि स्कूलों और कॉलेजों में किशोरों को बुलाकर टीका लगाया जाए।
इसके बावजूद 150 से अधिक स्कूल और इंटर कॉलेज ऐसे हैं, जहां एक भी किशोरों को टीका नहीं लग सका है। ऐसे में शासन ने लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई का फैसला लिया है। ऐसे चिकित्सा प्रभारियों का स्थानांतरण दूसरे क्षेत्रों में किया जाएगा।
गोरखपुर जिले में 15 से 18 वर्ष की उम्र के तीन लाख 11 हजार 464 किशोरों को टीका लगना है। अब तक एक लाख 77 हजार 959 किशोरों को टीका लग सका है। एक लाख 34 हजार 500 किशोरों को एक भी डोज नहीं लगाई गई है।
लापरवाह डॉक्टरों पर होगी कार्रवाई
टीकाकरण के नोडल अधिकारी डॉ. एएन प्रसाद ने कहा कि जो भी चिकित्सा प्रभारी टीकाकरण में लापरवाही बरतेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। शासन ने कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है। लापरवाही करने वाले चिकित्साधिकारियों की सूची तैयार की जा रही है।
शासन ने स्कूलों की सूची मांगी
शासन ने सभी पीएचसी और सीएचसी प्रभारियों से उनके क्षेत्र के स्कूलों की सूची मांगी है। साथ ही यह भी जानकारी भी मांगी है कि क्षेत्र के कितने स्कूलों में टीकाकरण के लिए बूथ बनाए गए हैं। कितने स्कूलों में बूथ नहीं बन सके। स्कूलों में कितने पंजीकृत छात्र हैं, कितने छात्र ऐसे हैं, जो टीके की पहली डोज भी नहीं लगवा सके हैं।