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गोरखपुर: नौकरी के नाम पर जालसाजी का आरोप, नर्सिंग होम संचालक गिरफ्तार
Sat, 02 Sep 2023 02:18 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 02 Sep 2023 02:18 PM IST
सार
गगहा के बडगो निवासी रामअशीष गुप्ता ने 12 अगस्त को केस दर्ज कराया। रामअशीष ने एसएसपी को दिए प्रार्थनापत्र में लिखा कि गांव के राकेश वर्मा उर्फ सोनू से घर का परिचय था। एक दिन उन्होंने बताया कि उनके एक जानने वाले हैं और वह नौकरी दिलवा देंगे। कई लोगों को नौकरी दिलवा भी चुके हैं।
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गिरफ्त में आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
गोरखपुर जिले में गगहा पुलिस ने नौकरी के नाम पर जालसाजी कर रुपये हड़पने के आरोपी व नर्सिंग होम संचालक विक्रम कुमार मद्धेशिया को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि विक्रम ने एक रिश्तेदार के सचिवालय में होने का झांसा देकर रुपये हड़पे। रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी दे रहा था। शुक्रवार को पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया। पकड़ा गया आरोपी विक्रम हाटा बाजार, शिवपुर का रहने वाला है।
जानकारी के मुताबिक, गगहा के बडगो निवासी रामअशीष गुप्ता ने 12 अगस्त को केस दर्ज कराया। रामअशीष ने एसएसपी को दिए प्रार्थनापत्र में लिखा कि गांव के राकेश वर्मा उर्फ सोनू से घर का परिचय था। एक दिन उन्होंने बताया कि उनके एक जानने वाले हैं और वह नौकरी दिलवा देंगे। कई लोगों को नौकरी दिलवा भी चुके हैं। फिर राकेश वर्मा ने वैभव नर्सिंग होम के संचालक विक्रम से मुलाकात कराई। वैभव को 30 हजार रुपये नकद दिए। बैंक खाते में कई बार में सात लाख रुपये भेजे।
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पीएनबी खाते से भी दो लाख रुपये व एक लाख दस हजार रुपये नकद दिए। कुल मिलाकर 13 लाख रुपये से अधिक देने के बाद भी नौकरी नहीं मिली। एक फर्जी नियुक्ति पत्र दिया गया। जब शिकायत की गई तो कहा कि पहले प्राइवेट जाॅब दिला देते हैं। प्राइवेट नौकरी भी कूटरचित दस्तावेज पर दिलाने की कोशिश की गई। बाद में पीड़ित ने रुपये मांगे तो आनाकानी करने लगा।
एसएसपी के आदेश पर केस दर्ज कर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। दूसरे आरोपी राकेश वर्मा की पुलिस तलाश कर रही है। एसपी साउथ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर पुलिस जांच कर रही थी। एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया।
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जानकारी के मुताबिक, गगहा के बडगो निवासी रामअशीष गुप्ता ने 12 अगस्त को केस दर्ज कराया। रामअशीष ने एसएसपी को दिए प्रार्थनापत्र में लिखा कि गांव के राकेश वर्मा उर्फ सोनू से घर का परिचय था। एक दिन उन्होंने बताया कि उनके एक जानने वाले हैं और वह नौकरी दिलवा देंगे। कई लोगों को नौकरी दिलवा भी चुके हैं। फिर राकेश वर्मा ने वैभव नर्सिंग होम के संचालक विक्रम से मुलाकात कराई। वैभव को 30 हजार रुपये नकद दिए। बैंक खाते में कई बार में सात लाख रुपये भेजे।
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पीएनबी खाते से भी दो लाख रुपये व एक लाख दस हजार रुपये नकद दिए। कुल मिलाकर 13 लाख रुपये से अधिक देने के बाद भी नौकरी नहीं मिली। एक फर्जी नियुक्ति पत्र दिया गया। जब शिकायत की गई तो कहा कि पहले प्राइवेट जाॅब दिला देते हैं। प्राइवेट नौकरी भी कूटरचित दस्तावेज पर दिलाने की कोशिश की गई। बाद में पीड़ित ने रुपये मांगे तो आनाकानी करने लगा।
एसएसपी के आदेश पर केस दर्ज कर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। दूसरे आरोपी राकेश वर्मा की पुलिस तलाश कर रही है। एसपी साउथ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर पुलिस जांच कर रही थी। एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया।