सख्ती: बैंकों में जाकर एमआई दुरुस्त करा रहे खाते, 1444 किसानों के खाते में नहीं पहुंचा था भुगतान
मंडल के 1444 किसानों के खाते में नहीं पहुंचा था भुगतान, 10 दिन में 1200 से अधिक किसानों के खाते में पहुंची रकम।
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आधार से खाते लिंक कराने के बाद भी धान खरीद का भुगतान नहीं होने से परेशान मंडल के 1444 किसानों को राहत मिलने लगी है। आरएफसी प्रेम रंजन सिंह की सख्ती के बाद खातों को दुरुस्त कराने के शुरू हुए अभियान के चलते 10 दिन में ही 1200 किसानों के खाते में भुगतान पहुंच गया। आरएफसी का कहना है कि अगले सप्ताह तक सभी किसानों के खातों में धनराशि पहुंच जाएगी।
बैंक में अपने खाते को आधार से लिंक कराने के लिए जरूरी दस्तावेज जमा कराने के बावजूद मंडल सैकड़ों किसानों के खातों में भुगतान की राशि नहीं पहुंच पाई थी। जानकारी होने पर आरएफसी ने सभी मार्केटिंग इंस्पेक्टर (एमआई) को अभियान चलाकर संबंधित बैंकों में खुद जाकर खामियां दुरुस्त कराने का निर्देश दिया। लापरवाही न इसलिए सभी को निर्देश दिए गए थे कि वे बैंक में मौजूदगी की सेल्फी, आरएफसी के मोबाइल पर भेजेंगे।
इस अभियान का असर यह हुआ कि 10 दिन के भीतर ही 1200 से अधिक किसानों के खातों में भुगतान की राशि पहुंच गई। 23 जून को हुई समीक्षा में पाया गया कि अब 231 ही ऐसे किसान बाकी रह गए हैं, जिनका भुगतान लटका हुआ है। इनमें देवरिया के 50, गोरखपुर के 87, कुशीनगर के 66 और महराजगंज के 28 किसान शामिल हैं।
पिछले साल से इस बार अधिक की हुई खरीदारी
इस बार 14 हजार ज्यादा किसानों ने क्रय केंद्रों पर धान बेचा। भुगतान का अंतर भी करीब 150 करोड़ रुपये का है। वर्ष 2020-21 में 33,364 किसानों से 316.85 करोड़ का धान खरीदा गया था। 2021-22 में 47,614 किसानों से 463 करोड़ के धान की खरीदारी हुई है।
आरएफसी प्रेम रंजन सिंह ने कहा कि किसानों को सहूलियत देने के लिए सभी एमआई को निर्देश दिए गए हैं कि वे संबंधित बैंकों में जाकर किसानों के खातों की खामियां दुरुस्त कराएं ताकि सभी को भुगतान किया जा सके। 10 दिन के भीतर 12 सौ से अधिक किसानों के बैंक खाते दुरुस्त कराकर उन्हें भुगतान कर दिया गया है। जल्द ही बाकी किसानों के खातों में भी भुगतान की राशि पहुंच जाएगी।