गोरखपुर विश्वविद्यालय: ABVP का जमकर बवाल, कुलपति से हाथापाई, कुलसचिव और दरोगा को पीटा
पुलिस किसी प्रकार कुलपति प्रो. राजेश सिंह को कार्यकर्ताओं से बचाकर प्रशासनिक भवन के नीचे पहुंची। कुलपति को आता देख चालक ने गाड़ी को पोर्टिको से बाहर निकाला। कुलपति गाड़ी के पास पहुंचे ही थे कि किसी ने ऊपर से गाड़ी पर गमला फेंक दिया। इससे गाड़ी के आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।
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छात्रों के निलंबन और शुल्क वृद्धि के विरोध में चार दिनों से आंदोलित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को गोरखपुर विश्वविद्यालय में जमकर बवाल किया। कुलपति प्रो. राजेश सिंह से हाथापाई की। बचाव में आए पुलिसकर्मियों से भी भिड़ गए। एक दरोगा का बिल्ला नोच लिया और दूसरे की जमकर पिटाई की। जमीन पर गिराकर पीटा।
कुलसचिव प्रो. अजय सिंह को भी जमीन पर गिराकर पिटाई की। उन्होंने कार्यालय से भागकर जान बचाई। उसके बाद झुंझलाई पुलिस ने लाठियां भांजकर कार्यकर्ताओं को खदेड़ा और कुछ की जमकर पिटाई की। 10 कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया है। रात तक मामले में केस नहीं दर्ज किया गया था। उधर, शासन के मामले को संज्ञान में लेने के बाद रात नौ बजे के करीब डीएम कृष्णा करुणेश और एसपी गौरव ग्रोवर ने कुलपति से उनके आवास पर मुलाकात कर घटना की जानकारी ली।
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एबीवीपी कार्यकर्ता लगातार चार दिनों से दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के सामने धरना दे रहे हैं। शुक्रवार को भी सुबह 10 बजे मुख्य द्वार पर प्रदर्शन के बाद धरने पर बैठ गए। डेढ़ घंटे बाद करीब 11.30 बजे वे नारेबाजी करते हुए प्रशासनिक भवन स्थित कुलपति के कार्यालय पहुंच गए। कार्यकर्ताओं को आता देख कर्मचारियों ने कुलपति कार्यालय का गेट अंदर से बंद कर लिया। कार्यकर्ता गेट के सामने प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान कुलपति कार्यालय में किसी को आने-जाने से रोक दिया गया।
अपराह्न तीन बजे विश्वविद्यालय चौकी प्रभारी अमित चौधरी, एबीवीपी के गोरक्ष प्रांत के संगठन मंत्री हरदेव को वार्ता के लिए कुलपति कार्यालय के अंदर ले गए। हरदेव का आरोप है कि संगठन मंत्री कुलपति से न मिलवाकर नियंता मंडल के सदस्यों से मिलवाया। उन लोगों ने मांगों से संबंधित पत्रक मांगा। इस पर संगठन मंत्री ने कुलपति से वार्ता करने की बात कहकर नाराज होकर बाहर चले गए।
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अपराह्न 3.50 बजे सीओ कैंट योगेंद्र सिंह कुलपति कार्यालय पहुंचे। सीओ की मौजूदगी में पुलिस कुलपति को लेकर कार्यालय से बाहर निकली। बिना वार्ता किए कुलपति को जाता देख एबीवीपी कार्यकर्ता भड़क उठे। पहले तो कुलपति को रोकने का प्रयास किया, लेकिन जब पुलिस के चलते सफल नहीं हुए तो कुलपति से हाथापाई शुरू कर दी।
यह देख पुलिसकर्मियों ने वीसी के चारों ओर घेरा बना लिया और कार्यकर्ताओं को धक्का देकर बाहर करने लगे। इस पर कार्यकर्ताओं और पुलिस में मारपीट हो गई। झड़प के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों के बिल्ले नोच लिए गए। पुलिस कर्मी किसी प्रकार कुलपति को बचाकर लिफ्ट से लेकर नीचे पहुंचे।
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वीसी के जाने के बाद कार्यकर्ताओं की नजर कुलसचिव प्रो. अजय सिंह पर पड़ गई। कुलपति कार्यालय के बाहर उन्हें घेरकर एबीवीपी कार्यकर्ता पीटने लगे। जमीन पर गिरने के बाद भी उनकी पिटाई करते रहे। बचाव में आए कर्मचारियों ने किसी प्रकार कार्यकर्ताओं को रोका। एबीवीपी कार्यकर्ताओं के उपद्रव की सूचना पाकर एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई मौके पर पहुंच गए। इस बीच कैंट थाने के अलावा एम्स, रामगढ़ताल और खोराबार थाने की पुलिस भी बुला ली गई।
कुलपति की गाड़ी पर फेंका गमला
पुलिस किसी प्रकार कुलपति प्रो. राजेश सिंह को कार्यकर्ताओं से बचाकर प्रशासनिक भवन के नीचे पहुंची। कुलपति को आता देख चालक ने गाड़ी को पोर्टिको से बाहर निकाला। कुलपति गाड़ी के पास पहुंचे ही थे कि किसी ने ऊपर से गाड़ी पर गमला फेंक दिया। इससे गाड़ी के आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, एबीवीपी कार्यकर्ताओं का कहना था कि छत से नीचे गमला सुरक्षाकर्मी और कर्मचारियों द्वारा फेंका जा रहा था।