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Gorakhpur News: जमीन के अंश निर्धारण में खेल-पकड़ा रही स्टांप चोरी, रास्ता खरीदा नहीं, ग्राहकों को बेच दिया
Mon, 29 Apr 2024 11:21 AM IST
रोहित सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Published by: रोहित सिंह
Updated Mon, 29 Apr 2024 11:21 AM IST
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तहसील कार्यालय में रविवार को रियल टाइम खतौनी का कार्य करते हुए कर्मचारी।
- फोटो : गोरखपुर न्यूज
गोरखपुर में रियल टाइम खतौनी बनने के दौरान जमीनों की खरीद में स्टांप चोरी के मामले सामने आ रहे हैं। अंश निर्धारण में खतौनी में क्रेताओं के नाम उतना ही रकबा दर्ज हो रहा है, जितना उन्होंने बैनामा कराया है। कुछ प्लाटिंग में रास्ते की जमीन का बैनामा नहीं कराया गया।
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ऐसे में रास्ते वाली जमीन का हिस्सा कहीं भी भू-अभिलेख में नहीं दिख रहा है। इसके चलते अब प्लाटिंग कर जमीन बेचने वाले धंधेबाज, काश्तकार और खरीदने वालों को बुलाकर फिर से रास्ते की जमीन का रजिस्ट्री करवा रहे हैं।
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दरअसल, स्टांप चोरी का खेल बहुत करीने से किया गया। किसी भी भूखंड की प्लाटिंग में अंतिम भूखंड के बैनामे के दौरान दस्तावेज में संपूर्ण हक हिस्सा की बिक्री लिखा जाता था, जबकि क्रेता उतनी जमीन का स्टांप शुल्क जमा करते थे, जितने आकार में उनके प्लाॅट होते थे।
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दस्तावेज में संपूर्ण हक हिस्सा लिख जाने से विक्रेता का नाम खतौनी से खारिज हो जाता था। अब खतौनी में नामांतरण के लिए दस्तावेजों की जांच की जा रही है तो क्रेताओं के नाम उतना ही हिस्सा दर्ज किया जा रहा है, जितनी जमीन उन्होंने खरीदी है।
इस प्रकार शहर के आसपास हुई कई भूखंडों की प्लाटिंग में विक्रेताओं के नाम खतौनी में आ गए। इस कारण जमीन खरीद कर प्लाटिंग करने वाले लोग काश्तकारों को बुलाकर फिर से बची हुई रजिस्ट्री करा रहे हैं, ताकि खतौनी में विक्रेता का नाम दर्ज होने से विवाद की स्थिति न आए।
ऐसे में पहले बिक चुकी जमीनों के बैनामा के मामले में अब जमीनों का धंधा करने वाले लोगों की समस्या बढ़ गई थी, जबकि सरकार को राजस्व भी प्राप्त हो रहा है।
तहसीलदार सदर विकास सिंह ने बताया कि रियल टाइम खतौनियों में दस्तावेजों के अनुसार ही अंश निर्धारण हो रहा है। इसमें जिसका जितना अंश होगा, वह स्पष्ट रूप से दर्ज होगा।
खतौनी में दर्ज नहीं करा पा रहे नाम
तीन-चार के दौरान हुई रजिस्ट्री में अंश का निर्धारण करने से पहले बैनामे के दस्तावेजों की जांच में स्टांप चोरी करने वालों की मुश्किलें बढ़ा दी है। तप्पा खुटहन के फुलवरिया में एक एकड़ के प्लाट में 64 एयर यानी 16 डिस्मिल जमीन का बैनामा नहीं हुआ था, इस मामले में फिर से बची हुई जमीन का बैनामा होने वाला है।
इसी प्रकार खोराबार के सूबा बाजार में डेढ़ एकड़ के जमीन में 21 डिस्मिल जमीन का बैनामा नहीं होने का मामला सामने आया है। ऐसे लोग भूलेख कार्यालय से रजिस्ट्री कार्यालय तक की दौड़ लगा रहे हैं, लेकिन इस मामले में बची हुई जमीन का बैनामा कराने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं मिल रहा है। 10 दिन बाद सभी खतौनियों को रियल टाइम होने के बाद अंश निर्धारण की जांच तेज होगी तो ऐसे और अधिक मामले सामने आएंगे।
हिस्सा से अधिक बेचा है तो दर्ज नहीं होगा रकबा
रियल टाइम खतौनी में उन लोगों की मुसीबत बढ़ रही है, जिन लोगों ने विक्रेताओं से उनके हिस्से से अधिक जमीन का बैनामा करा लिया है। ऐसे मामले में नामांतरण के दौरान साफ्टवेयर में क्रेता के नाम रकबा दर्ज नहीं हो पा रहा है। शहर के रामपुर उर्फ रामगढ़ में एक व्यक्ति का 24 एयर हिस्सा था, लेकिन उसमें करीब 27 एयर जमीन बेच दी थी, अब रियल टाइम खतौनी में उसका रकबा दर्ज नहीं हो रहा है।
अधिवक्ता की राय
अधिवक्ता मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि रियल टाइम खतौनी में दस्तावेजों के आधार पर अंश का निर्धारण हो रहा है। इस कारण जिन खतौनियों से विक्रेता का नाम हट गया था, उन खतौनियों में भी उनका नाम दर्ज हो रहा है। इस कारण प्लाटिंग में रास्ते की जमीन का स्टांप शुल्क बचाने वालों के सामने नई समस्या आ गई है।
नियम के अनुसार रास्ते की जमीन की प्लाटिंग करनी चाहिए और शहर के प्राधिकरण को समर्पित करना चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति रास्ते पर कब्जा न कर सके। जिन मामले में हिस्से से अधिक जमीन बेची गई है, उनमें बैनामे में संशोधन कराना पड़ेगा।
रविवार को भी खतौनियों का काम
तहसील कार्यालय में रविवार को साप्ताहिक अवकाश के दिन भी सात कर्मचारियों ने खतौनी का काम करने में जुटे थे। जिले के 537 राजस्व गांवों में 54 गांवों की खतौनियों को रियल टाइम करने का कार्य किया जा रहा है।
एसडीएम मृणाली अविनाश जोशी ने पिछले दिनों निरीक्षण किया था और उसके बाद खतौनी के कार्यों के लिए पांच नए कंप्यूटर व प्रिंटर उपलब्ध कराया है, जबकि तीन दिन पहले निरीक्षण में उन्होंने 10 मई तक सभी खतौनियों को रियल टाइम करने का लक्ष्य सौंपा है। इसके बाद जिन खतौनियों में अंश निर्धारण नहीं हो पाया है, उसकी जांच तेजी से की जाएगी।