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जेल से रिहा होते ही फफक कर रो पड़ी 75 साल की महिला, बोली- घर से ही उठेगी अर्थी

Fri, 29 Jan 2021 04:01 PM IST
vivek shukla विवेक शुक्ला, गोरखपुर।
विवेक शुक्ला, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 29 Jan 2021 04:01 PM IST
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75 year old female prisoner released from Gorakhpur divisional jail from governor support
रिहा हुई महिला कैदी। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर मंडलीय कारागार से 75 वर्ष की महिला कैदी को रिहा किया गया। राजघाट के बसंतपुर सराय की रहने वाली महिला को दहेज हत्या का आरोप सिद्ध होने पर जिला न्यायालय से आजीवन कारावास की सजा हुई थी। उसके आचरण व उम्र को देखते हुए राज्यपाल ने उसकी बाकी की सजा माफ कर दी। आदेश आने के बाद जेल अधिकारियों ने जुर्माने के 50 हजार रुपये कोर्ट में उसके परिजनों से निजी मुचलके के रूप में जमा कराए।
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जानकारी के अनुसार राज्यपाल आनंदीबेन पटेल कुछ माह पहले लखनऊ के नारी निकेतन गयी थीं। वहां महिला कैदियों की हालत देख उन्होंने वाराणसी, लखनऊ, नैनी सहित प्रदेश की कई जेलों से उम्रदराज, बीमार व अच्छे व्यवहार करने वाली महिला कैदियों की सूची मांगी थी।
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सभी जेलों से करीब 800 महिला व पुरुष कैदियों की सूची भेजी गई थी। जिसमें से स्क्रीनिंग के बाद डीजी जेल आनंद कुमार ने 500 कैदियों की सूची शासन को भेजी थी। शासन से अनुमति का पत्र आने के बाद गोरखपुर जेल अधिकारियों ने वृद्धा को रिहा कर दिया। राज्यपाल ने यह सजा अनुछेद 161 के तहत माफ की है।
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जानकारी के अनुसार महिला को राजघाट पुलिस ने दहेज हत्या के आरोप में 2008 में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। तभी से वह जेल में थी। उसे 23 सितंबर 2010 को आजीवन कारावास की सजा हुई थी।

महिला 26 जनवरी 2021 तक 12 वर्ष, आठ माह 13 दिन की अपरिहार सजा व 14 वर्ष, 5 माह, सात दिन की सपरिहार सजा काट चुकी है। जिसके बाद आचरण व उम्र को देखते हुए बाकी की सजा माफ की गई। इस संबंध में वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. रामधनी ने बताया कि शासन से अनुमति आने के बाद महिला कैदी को 50 हजार रुपये का निजी मुचलका भरवाकर रिहा किया गया है। वहीं रिहा होकर निकलते ही महिला फफक कर रोने लगी। बिलखते हुए बोली कि अब मेरी अर्थी घर से ही उठेगी।

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