Gorakhpur News: 55 करोड़ का टर्नओवर, 24 हजार जमा किया वाणिज्य कर
वाणिज्य कर विभाग की एसआईबी टीम ने देवरिया की दो फर्मों में टैक्स चोरी पकड़ी। 90 लाख का माल सीज, 14.60 लाख रुपये जुर्माने के साथ टैक्स जमा कराया।
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55 करोड़ का टर्नओवर होने के बाद भी देवरिया के दो व्यापारियों ने सिर्फ 24 हजार रुपये वाणिज्य कर जमा किया है। वाणिज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) ने फर्मों की जांच की तो पूरा मामला पकड़ में आया। इसके बाद टीम ने 90 लाख रुपये का माल सीज करने के अलावा जुर्माना और टैक्स के रूप में व्यापारियों से 14.60 लाख रुपये जमा कराए हैं। यह कर सिर्फ सत्र 2021-22 का है। पूरी जांच में और कर चोरी सामने आ सकती है।
अपर आयुक्त ग्रेड-1 सुनील कुमार राय ने कर चोरी की जानकारी पर चार टीमें गठित की हैं। इन टीमों ने देवरिया की दो फर्मों की जांच की। फर्म माधव ऐग्रो फूड इंटरप्राइजेज देवरिया की जांच में मामला पकड़ा गया कि देवरिया गल्ला मंडी में ब्रांच होने के बावजूद कागजात में यह दर्ज नहीं था।
वहीं, एक ब्रांच कुशीनगर की दूसरी फर्म के मुख्य व्यापार स्थल पर ही घोषित थी। इसी तरह कुशवाहा ऐग्रो फूड इंटरप्राइजेज कुशीनगर खंड-2 में पंजीकृत होने के बाद मुख्य व्यापार स्थल पर ही देवरिया की उक्त फर्म द्वारा अपना ब्रांच घोषित किया गया था। दोनों फर्मों के प्रोपराइटर सगे भाई हैं।
कुशीनगर की उक्त फर्म द्वारा अपनी समस्त बिक्री एवं सप्लाई अपने भाई की देवरिया वाली फर्म को प्रदर्शित की गई। ऑनलाइन उपलब्ध डाटा एनालिसिस, लोकल स्तर से प्राप्त कर चोरी के इनपुट और रेकी के आधार पर वाणिज्य कर विभाग की एसआईबी टीम ने रिपोर्ट तैयार की। कार्रवाई में संयुक्त आयुक्त एसआईबी आरसी दुबे, उपायुक्त एसआईबी रन्तिदेव सिंह समेत गोरखपुर, देवरिया व कुशीनगर जिले के प्रवर्तन व खंड के 10 से अधिक सहायक आयुक्त एवं राज्य कर अधिकारी सम्मिलित रहे।
साल दर साल करोड़ों का कारोबार
सीआईबी की जांच में देवरिया की फर्म द्वारा पिछले पांच वर्षों में करोड़ों का कारोबार मिला है। 2017-18 में 1.60 करोड़, 2018-19 में 9 करोड़, 2019-20 में 15 करोड़, 2020-21 में 35 करोड़ व 2021-22 में 55 करोड़ मिला है। इसके सापेक्ष वर्ष 2021-22 में सिर्फ 24 हजार रुपये टैक्स जमा किया गया है।
गोरखपुर जोन अपर आयुक्त ग्रेड-2 (एसआईबी) राज्य कर राजेश सिंह ने कहा कि देवरिया की फर्म के मोहन रोड स्थित अघोषित व्यापार स्थल पर लेखा-पुस्तकों से बाहर लगभग 90 लाख रुपये का खाद्य तेल का पाया गया, जिसे सीज किया गया। उसके अलावा कुशीनगर की दूसरी फर्म की जांच में उसके अघोषित गोदाम पर लगभग 14 लाख का स्टाक पाया गया, जिसे सीज किया गया।
इसके अतिरिक्त घोषित व्यापार स्थल पर कुल स्टाक लगभग 70 लाख का पाया गया जबकि लेखा-पुस्तकों में स्टाक रुपये 191 लाख का प्रदर्शित किया गया था, इस प्रकार भौतिक सत्यापन पर लगभग 1.21 करोड़ रुपये का स्टॉक कम पाया गया। इसके आधार पर दोनों व्यापारियों से कर व अर्थदंड के रूप में कुल 14.60 लाख रुपये जमा कराया गया।