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Gorakhpur News: फर्जी क्लेम के 50 और मामले पकड़े...दो अस्पतालों को नोटिस
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गोरखपु। इंश्योरेंस फर्जीवाड़े की जांच में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। बीमा कंपनी ने रामगढ़ताल थाना पुलिस को 50 और संदिग्ध बीमाधारकों की सूची भेजी है। इनके नाम पर अस्पतालों में बिना भर्ती किए ही इलाज दिखाकर क्लेम की रकम निकालने का आरोप है। इसमें एजेंटों व अस्पताल कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका है। शुरुआती जांच में कई नाम डिसेंट हॉस्पिटल और कथित एपेक्स हॉस्पिटल से जुड़े हुए पाए गए हैं। दोनों अस्पतालों को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा गया है।
जानकारी के मुताबिक, इंश्योरेंस कंपनी की ओर से भेजे गए 50 नामों में अधिकांश ऐसे लोग हैं जिनके नाम पर बिना भर्ती किए ही इलाज दिखाकर क्लेम पास कराए गए। जबकि मेडिकल रिकॉर्ड में भर्ती या इलाज का कोई सबूत नहीं मिला। कई बीमाधारकों के दस्तावेज फर्जी तरीके से तैयार किए गए और उन्हीं के आधार पर क्लेम राशि जारी कराई गई।
बीमा कंपनी ने पुलिस को बताया है कि यह काम पूरी तरह संगठित तरीके से किया गया है, जिसमें अस्पतालों के कुछ कर्मचारियों, एजेंटों और बाहरी लोगों की मिलीभगत की आशंका है। पुलिस जांच में पहले ही पर्दाफाश हो चुका है कि एक संगठित गिरोह अलग-अलग अस्पतालों में मरीजों के फर्जी दावा पत्र तैयार कराने का ठेका लेता था।
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यही लोग फर्जी भर्ती, नकली मेडिकल रिपोर्ट, फर्जी फार्म और बैंक खाते तैयार कराकर क्लेम की पूरी प्रक्रिया पूरी कराते थे। पुलिस अब इस गिरोह के गुर्गों की गिरफ्तारी और नेटवर्क को तोड़ने में जुटी हुई है।
यह है मामला
नौ सितंबर 2025 को बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारियों ने पुलिस को तहरीर देकर फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया था। कंपनी ने बताया था कि डिसेंट हॉस्पिटल और एपेक्स हॉस्पिटल में फर्जी मरीज भर्ती कराकर इंश्योरेंस क्लेम की रकम निकाली जा रही है। जांच में पता चला कि कई बीमाधारकों के नाम पर फर्जी दस्तावेज बनाए गए और उनके बैंक खाते खुलवाकर एक करोड़ 80 लाख 672 रुपये क्लेम के नाम पर निकाल लिए गए। सबसे बड़ा पर्दाफाश तब हुआ जब जांच में सामने आया कि एपेक्स हॉस्पिटल, जहां कई मरीजों को भर्ती दिखाया गया था, अस्तित्व में ही नहीं है। इसके बाद पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया था। अब नई सूची के आधार पर पुलिस मामले को और विस्तार से खंगाल रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क को बेनकाब करने के लिए दस्तावेजों की फॉरेंसिक, बैंक खातों की जांच और अस्पतालों के रिकॉर्ड की गहन पड़ताल की जाएगी। शहर में इंश्योरेंस फर्जीवाड़े का यह अब तक का सबसे बड़ा मामला माना जा रहा है।
वर्जन
बीमा कंपनी ने रामगढ़ताल थाना पुलिस को 50 और संदिग्ध बीमाधारकों की सूची भेजी है। दो अस्पतालों को बयान के लिए नोटिस दिया गया है।
- योगेंद्र सिंह, सीओ कैंट
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जानकारी के मुताबिक, इंश्योरेंस कंपनी की ओर से भेजे गए 50 नामों में अधिकांश ऐसे लोग हैं जिनके नाम पर बिना भर्ती किए ही इलाज दिखाकर क्लेम पास कराए गए। जबकि मेडिकल रिकॉर्ड में भर्ती या इलाज का कोई सबूत नहीं मिला। कई बीमाधारकों के दस्तावेज फर्जी तरीके से तैयार किए गए और उन्हीं के आधार पर क्लेम राशि जारी कराई गई।
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बीमा कंपनी ने पुलिस को बताया है कि यह काम पूरी तरह संगठित तरीके से किया गया है, जिसमें अस्पतालों के कुछ कर्मचारियों, एजेंटों और बाहरी लोगों की मिलीभगत की आशंका है। पुलिस जांच में पहले ही पर्दाफाश हो चुका है कि एक संगठित गिरोह अलग-अलग अस्पतालों में मरीजों के फर्जी दावा पत्र तैयार कराने का ठेका लेता था।
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यही लोग फर्जी भर्ती, नकली मेडिकल रिपोर्ट, फर्जी फार्म और बैंक खाते तैयार कराकर क्लेम की पूरी प्रक्रिया पूरी कराते थे। पुलिस अब इस गिरोह के गुर्गों की गिरफ्तारी और नेटवर्क को तोड़ने में जुटी हुई है।
यह है मामला
नौ सितंबर 2025 को बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारियों ने पुलिस को तहरीर देकर फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया था। कंपनी ने बताया था कि डिसेंट हॉस्पिटल और एपेक्स हॉस्पिटल में फर्जी मरीज भर्ती कराकर इंश्योरेंस क्लेम की रकम निकाली जा रही है। जांच में पता चला कि कई बीमाधारकों के नाम पर फर्जी दस्तावेज बनाए गए और उनके बैंक खाते खुलवाकर एक करोड़ 80 लाख 672 रुपये क्लेम के नाम पर निकाल लिए गए। सबसे बड़ा पर्दाफाश तब हुआ जब जांच में सामने आया कि एपेक्स हॉस्पिटल, जहां कई मरीजों को भर्ती दिखाया गया था, अस्तित्व में ही नहीं है। इसके बाद पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया था। अब नई सूची के आधार पर पुलिस मामले को और विस्तार से खंगाल रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क को बेनकाब करने के लिए दस्तावेजों की फॉरेंसिक, बैंक खातों की जांच और अस्पतालों के रिकॉर्ड की गहन पड़ताल की जाएगी। शहर में इंश्योरेंस फर्जीवाड़े का यह अब तक का सबसे बड़ा मामला माना जा रहा है।
वर्जन
बीमा कंपनी ने रामगढ़ताल थाना पुलिस को 50 और संदिग्ध बीमाधारकों की सूची भेजी है। दो अस्पतालों को बयान के लिए नोटिस दिया गया है।
- योगेंद्र सिंह, सीओ कैंट