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Gorakhpur News: डूब क्षेत्र में 50 खतरे वाले स्थान चिह्नित, सबसे ज्यादा गोला में
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गोरखपुर। नदियों में नहाने के दौरान डूबने से हो रही मौतों पर अंकुश लगाने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग ने मेगा प्लान तैयार किया है। इसके तहत जिले की सभी नदियों का सर्वे कराकर डूब क्षेत्र में 50 खतरे वाले स्थान चिह्नित किए गए हैं। यहां अब साइन बोर्ड लगाया जा रहा है, जिस पर नदियों की गहराई बताकर लोगों को खतरे से आगाह किया गया है।
गोरखपुर-बस्ती मंडल में इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है। इसके तहत आपदा प्रबंधन विभाग ने पहले नदियों का सर्वे किया और बीते पांच सालों में हुई मौतों का विवरण जुटाकर संवेदनशील स्थान तलाशे जहां बार-बार डूबने से मौतें हुई हैं। अब तक कुल 50 हॉट स्पाॅट चिह्नित किए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा गोला में 20 और सदर तहसील में 15 स्थान हैं।
इनमें से 16 जगहों पर साइन बोर्ड लगा दिए गए हैं। जिस पर लिखा है, यह क्षेत्र डूब क्षेत्र है, यहां पर पानी गहरा है कृपया यहां स्नान करने न जाएं। योजना के तहत इन क्षेत्रों के आसपास के गांवों के लोगों को जागरूक भी किया जाएगा। साथ ही भविष्य में कुछ लोगों को नदी में डूबते लोगोंं को बचाने के तरीके भी सिखाए जाएंगे। इसके लिए एनडीआरएफ की मदद से ट्रेनिंग दी जाएगी।
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डूब क्षेत्र वाले स्थानों को चिह्नित किया गया है। यहां खतरे से आगाह करते हुए साइन बोर्ड लगवाया जा रहा है, ताकि नदी में नहाने जाने वाले लोगों को नदी की गहराई और खतरे के बारे में पता चल सके।
- गौतम गुप्ता, आपदा प्रबंधक
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गोरखपुर-बस्ती मंडल में इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है। इसके तहत आपदा प्रबंधन विभाग ने पहले नदियों का सर्वे किया और बीते पांच सालों में हुई मौतों का विवरण जुटाकर संवेदनशील स्थान तलाशे जहां बार-बार डूबने से मौतें हुई हैं। अब तक कुल 50 हॉट स्पाॅट चिह्नित किए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा गोला में 20 और सदर तहसील में 15 स्थान हैं।
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इनमें से 16 जगहों पर साइन बोर्ड लगा दिए गए हैं। जिस पर लिखा है, यह क्षेत्र डूब क्षेत्र है, यहां पर पानी गहरा है कृपया यहां स्नान करने न जाएं। योजना के तहत इन क्षेत्रों के आसपास के गांवों के लोगों को जागरूक भी किया जाएगा। साथ ही भविष्य में कुछ लोगों को नदी में डूबते लोगोंं को बचाने के तरीके भी सिखाए जाएंगे। इसके लिए एनडीआरएफ की मदद से ट्रेनिंग दी जाएगी।
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डूब क्षेत्र वाले स्थानों को चिह्नित किया गया है। यहां खतरे से आगाह करते हुए साइन बोर्ड लगवाया जा रहा है, ताकि नदी में नहाने जाने वाले लोगों को नदी की गहराई और खतरे के बारे में पता चल सके।
- गौतम गुप्ता, आपदा प्रबंधक