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स्कूल बस से गिरे छात्र पर पिछला पहिया चढ़ा, मौत
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मृतक छात्र आयुष सिंह की फाइल फोटो।
- फोटो : KHALILABAD
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स्कूल बस से गिरे छात्र पर पिछला पहिया चढ़ा, मौत
बच्चे बस रोकने को चिल्लाते रहे, ड्राइवर ने अनसुना किया, गुस्साई भीड़ ने लगाया जाम
अमर उजाला ब्यूरो
मगहर/संतकबीरनगर। कोतवाली क्षेत्र के मोहम्मदपुर कठार गांव स्थित गैस गोदाम के पास बृहस्पतिवार को स्कूल बस का फाटक खुल जाने से नीचे गिरे छात्र की अपनी ही बस के पहिए से दबकर मौत हो गई। बच्चे बस को रोकने के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन चालक ने बस नहीं रोकी। घटना के बाद चालक बस छोड़कर भाग गया। घटना से गुस्साए लोगों ने शव को सड़क पर रख कर मगहर-कटसहरा मार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना पर एसडीएम, सीओ, डीआईओएस, बीएसए और कोतवाल मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों के समझाने पर तीन घंटे बाद लोग माने।
बयारा गांव निवासी राजेंद्र सिंह ने बताया कि उनका पौत्र आयुष (11) पुत्र विक्रम प्रताप सिंह मगहर स्थित पीएमजीडी एकेडमी में कक्षा चार का छात्र था। बृहस्पतिवार को सुबह पौत्र स्कूल बस से जा रहा था। बस का दरवाजा खराब है। राजेंद्र सिंह का आरोप है कि स्कूल के प्रबंधक मनीष सिंह ही लापरवाही तथा तेज गति से बस चला रहे थे।
कोट
पीएमजीडी एकेडमी की स्कूल बस की हादसे के बाद प्रारंभिक तौर पर जांच की गई। जांच में बस की फिटेनस और इंश्योरेंस नहीं होना पाया गया। पुलिस ने स्कूल बस को सीज कर दिया है। जांच के बाद बस का परमिट समाप्त किए जाने की कार्रवाई की जाएगी।
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- आंजनेय सिंह, एआरटीओ
आयुष बच सकता था, अगर ड्राइवर बाकी बच्चों के चिल्लाने पर ध्यान देता
- गुस्साए लोगों ने स्कूल की मान्यता रद्द करने और मुआवजा दिलाए जाने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
मगहर/संतकबीरनगर। अपनी ही स्कूल बस से कुचलकर छात्र की मौत के मामले में चालक की घोर लापरवाही के अलावा बस की फिटनेस भी संदेह के घेरे में है। स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने वाली बस का दरवाजा ही खराब था, जो कक्षा चार के छात्र आयुष के बाहर गिरने और पहिए के नीचे कुचलने का कारण बना। घटना से गुस्साए लोगों और परिजनों ने बस को जब्त कर स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग करते हुए जाम लगाया। लोगों ने पीड़ित परिजनों को शासन से उचित मुआवजा दिलाने की मांग की।
11 वर्षीय आयुष के बाबा बयारा गांव निवासी राजेंद्र सिंह घटना के बाद गुमसुम हो गए। काफी कुरेदने पर बताया कि उनका लाड़ला पोता बस चालक की लापरवाही का शिकार हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बस को स्कूल प्रबंधक मनीष सिंह चला रहा था। बस में सवार बच्चों ने उन्हें बताया कि बस की गति काफी तेज थी। आयुष बस में आगे की सीट पर बैठा हुआ था। झटका लगने से दरवाजा खुल गया और पौत्र दरवाजे पर आ गया। पौत्र ने खुद को बचाने के लिए दरवाजे का हैंडिल पकड़ लिया। यह देखकर बाकी बच्चे गाड़ी रोकने के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन चालक ने गाड़ी नहीं रोकी। उनका पौत्र बस से नीचे गिर गया और पिछला पहिया उसके सिर पर चढ़ गया।
लोगों ने जाम लगाया, लेकिन तीन घंटे बाद एसडीएम और सीओ के समझाने पर लोग सड़क से हट गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाल अनिल कुमार ने बताया कि इस मामले में बस चालक मनीष सिंह उर्फ सोनू के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
कोट
स्कूल के प्रबंधक मेरा बेटा मनीष सिंह उर्फ सोनू सिंह हैं। मनीष दो-तीन दिनों से बाहर गए हैं। कोई दूसरा व्यक्ति स्कूल बस चला रहा था। बस में परिचालक को रखा गया है। गाड़ी की फिटनेस और इंश्योरेंश के बारे में बेटा मनीष सिंह ही बता पाएगा। वैसे इस हादसे में छात्र की मौत की घटना दुखद है। पीड़ित परिवार के प्रति उनकी पूरी संवेदना है।
- बीके सिंह, संरक्षक, पीएमजीडी एकेडमी, मगहर
कोट
हादसे की सूचना के बाद एसडीएम, डीआईओएस के साथ मैं भी मौके पर गया था। जांच में विद्यालय की मान्यता पाई गई। हादसे में छात्र की मौत हुई है। पुलिस उसकी जांच करके विधिक कार्रवाई करेगी। विद्यालय से संबंधित कोई कमी होगी तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- दिनेश कुमार, बीएसए
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बच्चे बस रोकने को चिल्लाते रहे, ड्राइवर ने अनसुना किया, गुस्साई भीड़ ने लगाया जाम
अमर उजाला ब्यूरो
मगहर/संतकबीरनगर। कोतवाली क्षेत्र के मोहम्मदपुर कठार गांव स्थित गैस गोदाम के पास बृहस्पतिवार को स्कूल बस का फाटक खुल जाने से नीचे गिरे छात्र की अपनी ही बस के पहिए से दबकर मौत हो गई। बच्चे बस को रोकने के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन चालक ने बस नहीं रोकी। घटना के बाद चालक बस छोड़कर भाग गया। घटना से गुस्साए लोगों ने शव को सड़क पर रख कर मगहर-कटसहरा मार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना पर एसडीएम, सीओ, डीआईओएस, बीएसए और कोतवाल मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों के समझाने पर तीन घंटे बाद लोग माने।
बयारा गांव निवासी राजेंद्र सिंह ने बताया कि उनका पौत्र आयुष (11) पुत्र विक्रम प्रताप सिंह मगहर स्थित पीएमजीडी एकेडमी में कक्षा चार का छात्र था। बृहस्पतिवार को सुबह पौत्र स्कूल बस से जा रहा था। बस का दरवाजा खराब है। राजेंद्र सिंह का आरोप है कि स्कूल के प्रबंधक मनीष सिंह ही लापरवाही तथा तेज गति से बस चला रहे थे।
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पीएमजीडी एकेडमी की स्कूल बस की हादसे के बाद प्रारंभिक तौर पर जांच की गई। जांच में बस की फिटेनस और इंश्योरेंस नहीं होना पाया गया। पुलिस ने स्कूल बस को सीज कर दिया है। जांच के बाद बस का परमिट समाप्त किए जाने की कार्रवाई की जाएगी।
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- आंजनेय सिंह, एआरटीओ
आयुष बच सकता था, अगर ड्राइवर बाकी बच्चों के चिल्लाने पर ध्यान देता
- गुस्साए लोगों ने स्कूल की मान्यता रद्द करने और मुआवजा दिलाए जाने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
मगहर/संतकबीरनगर। अपनी ही स्कूल बस से कुचलकर छात्र की मौत के मामले में चालक की घोर लापरवाही के अलावा बस की फिटनेस भी संदेह के घेरे में है। स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने वाली बस का दरवाजा ही खराब था, जो कक्षा चार के छात्र आयुष के बाहर गिरने और पहिए के नीचे कुचलने का कारण बना। घटना से गुस्साए लोगों और परिजनों ने बस को जब्त कर स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग करते हुए जाम लगाया। लोगों ने पीड़ित परिजनों को शासन से उचित मुआवजा दिलाने की मांग की।
11 वर्षीय आयुष के बाबा बयारा गांव निवासी राजेंद्र सिंह घटना के बाद गुमसुम हो गए। काफी कुरेदने पर बताया कि उनका लाड़ला पोता बस चालक की लापरवाही का शिकार हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बस को स्कूल प्रबंधक मनीष सिंह चला रहा था। बस में सवार बच्चों ने उन्हें बताया कि बस की गति काफी तेज थी। आयुष बस में आगे की सीट पर बैठा हुआ था। झटका लगने से दरवाजा खुल गया और पौत्र दरवाजे पर आ गया। पौत्र ने खुद को बचाने के लिए दरवाजे का हैंडिल पकड़ लिया। यह देखकर बाकी बच्चे गाड़ी रोकने के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन चालक ने गाड़ी नहीं रोकी। उनका पौत्र बस से नीचे गिर गया और पिछला पहिया उसके सिर पर चढ़ गया।
लोगों ने जाम लगाया, लेकिन तीन घंटे बाद एसडीएम और सीओ के समझाने पर लोग सड़क से हट गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाल अनिल कुमार ने बताया कि इस मामले में बस चालक मनीष सिंह उर्फ सोनू के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
कोट
स्कूल के प्रबंधक मेरा बेटा मनीष सिंह उर्फ सोनू सिंह हैं। मनीष दो-तीन दिनों से बाहर गए हैं। कोई दूसरा व्यक्ति स्कूल बस चला रहा था। बस में परिचालक को रखा गया है। गाड़ी की फिटनेस और इंश्योरेंश के बारे में बेटा मनीष सिंह ही बता पाएगा। वैसे इस हादसे में छात्र की मौत की घटना दुखद है। पीड़ित परिवार के प्रति उनकी पूरी संवेदना है।
- बीके सिंह, संरक्षक, पीएमजीडी एकेडमी, मगहर
कोट
हादसे की सूचना के बाद एसडीएम, डीआईओएस के साथ मैं भी मौके पर गया था। जांच में विद्यालय की मान्यता पाई गई। हादसे में छात्र की मौत हुई है। पुलिस उसकी जांच करके विधिक कार्रवाई करेगी। विद्यालय से संबंधित कोई कमी होगी तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- दिनेश कुमार, बीएसए