गोरखपुर: टीकाकरण से वंचित मिले 4784 बच्चे, सर्वे में सामने आई बात
दो वर्ष तक लगभग सभी बीमारियों के लगते हैं टीके, बूथों तक गर्भवती भी नहीं पहुंच रहीं टीका लगवाने, एक लाख से ज्यादा घरों के सर्वे में सामने आई बात।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर जिले में एक लाख से ज्यादा घरों के सर्वे में 4784 बच्चे टीकाकरण से वंचित पाए गए हैं। उन्हें दो वर्ष तक लगभग सभी बीमारियों के टीके स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाए जाते हैं। यह तथ्य भी सामने आया है कि बूथों तक गर्भवती भी नियमित टीकों को लगवाने के लिए नहीं पहुंच रही हैं। ऐसे में विभाग ने एएनएम और स्वास्थ्य कर्मियों पर नाराजगी जताई है। सात हजार ऐसे लोग मिले हैं जिन्होंने कोविड वैक्सीन का कोई भी डोज नहीं लगवाया है जबकि इनकी उम्र 45 वर्ष से ऊपर हैं। इनमें करीब तीन हजार गंभीर मरीज हैं जिन्हें हर हाल में टीका लगना जरूरी है।
कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर से पहले शासन बच्चों पर विशेष नजर रखे हुए हैं। यही वजह है कि पीडियाट्रिक और नियो नेटल आईसीयू की संख्या बढ़ाई जा रही है। उनके नियमित टीकाकरण पर जोर दिया जा रहा है। लेकिन सितंबर में हुए डोर टू डोर सर्वे में जो बात सामने आई है वह बेहद चिंता जनक है। सर्वे के मुताबिक इन नवजातों को केवल जन्म के समय लगने वाला बीसीजी का टीका व पोलियो की पहली खुराक ही पिलाई गई है।
जानकारी के मुताबिक इस सर्वे के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ऐसे बच्चों को हर हाल में टीका लगवाने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ डॉ सुधाकर पांडेय ने सख्त निर्देश दिए हैं कि ऐसे बच्चों के जन्म के साथ उनके माता-पिता को नियमित टीकाकरण कार्ड उपलब्ध कराया जाए जिससे कि वह समय से स्वास्थ्य केंद्रों पर टीका लगवा सके। बताया कि ज्यादातर अभिभावकों को पता ही नहीं था कि बच्चों को टीका कब-कब लगवाना है।
फैक्ट फाइल
- घरों में हुआ सर्वे- 178524
- बच्चों को नहीं लगा टीका- 4748
- गर्भवती को नहीं लगा टीका-2164
- 45 वर्ष से अधिक लोगों को नहीं लगा टीका- 7373
- बुखार के मरीज मिले- 1204
- टीबी के मरीज मिले- 26
- सांस फूलने की समस्या- नौ मरीज
सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने कहा कि बच्चों के टीकाकरण पर विभाग का ज्यादा जोर है। स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक बुधवार और शनिवार को नियमित टीकाकरण कराया जाए। आशा और एएनएम को भी निर्देश दिया गया है कि वह अपने क्षेत्रों में जाकर टीकाकरण से वंचित लोगों की सूची तैयार कर उन्हें टीका लगवाएं।