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गोरखपुर में मिले 39 कोरोना पॉजिटिव, 439 हुए सक्रिय मरीज

Fri, 04 Dec 2020 09:20 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 04 Dec 2020 09:20 AM IST
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39 corona positive case got in Gorakhpur
कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI

गोरखपुर जिले में गुरुवार को कोरोना के 39 नए मरीज मिले हैं। इसमें से 21 मरीज शहरी क्षेत्र के हैं। अब जिले में संक्रमितों की संख्या 20165 हो गई है। 323 लोगों की मौत भी इससे हो चुकी है। फिलहाल 19,403 लोग स्वस्थ भी हो चुके हैं। अभी 439 सक्रिय मरीज हैं।

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सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी के मुताबिक गुरुवार को कोरोना संक्रमण के नमूनों की जांच में 2169 निगेटिव व 39 में वायरस की पुष्टि हुई है। इसमें से 21 मरीज शहरी क्षेत्र के हैं।
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सीएमओ ने लोगों से अपील की है कि कोरोना संक्रमण से सावधान रहें। इस समय लापरवाही न बरतें। मास्क जरूर लगाएं और दो गज की दूरी का ख्याल रखें। सभी मिलकर लड़ेंगे तो यह जंग आसानी से जीती जा सकेगी।

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महिला अस्पताल : रात में जांच की व्यवस्था नहीं

गोरखपुर जिला महिला अस्पताल में इनदिनों रात में पैथोलॉजी की व्यवस्था ठीक नहीं है। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की कोई भी जांच यहां नहीं हो पा रही है। मजबूरी में मरीजों को निजी पैथोलॉजी में ही जांच करानी पड़ रही है।

महिला अस्पताल में इमरजेंसी की सुविधा मेटरनिटी विंग से दी जाती है। इस विंग में 24 घंटे पैथोलॉजी की सुविधा देने के लिए छह लैब टेक्नीशियन की ड्यूटी लगाई गई है। स्वास्थ्य विभाग ने इनमें से तीन की ड्यूटी कोरोना जांच में लगा दी है। अब अस्पताल में सिर्फ तीन लैब टेक्नीशियन ही मौजूद हैं। दोपहर दो से रात 10 बजे तक एक टेक्नीशियन की ड्यूटी रहती है। रात 10 बजे से सुबह आठ बजे तक कोई टेक्नीशियन नहीं रहता है।

लौट रहे हैं मरीज
महिला अस्पताल में रात में ज्यादातर इमरजेंसी केस आते हैं। महिलाओं को तत्काल ऑपरेशन या लेबर रूम में भर्ती करने की जरूरत पड़ती है। इसके लिए खून की जांच के साथ ही एचआईवी व हेपेटाइटिस की जांच भी बेहद जरूरी होती है। रैपिड कार्ड की मदद से यह जांच सिर्फ 15-20 मिनट में हो सकती है। इसके लिए लैब टेक्नीशियन का होना बेहद जरूरी है। अस्पताल में टेक्नीशियन न होने से तीमारदारों को मरीजों को लेकर बाहर जाना पड़ रहा है। कुछ प्राइवेट पैथोलॉजी के बिचौलिए शाम होते ही कैंपस में घूमना शुरू कर दे रहे हैं।

महिला अस्पताल एसआईसी माला कुमारी सिन्हा ने कहा कि यह सही है कि तीन टेक्नीशियन कोरोना जांच में ड्यूटी कर रहे हैं। इमरजेंसी में ऑनकॉल लैब टेक्नीशियन को बुलाया जा रहा है। किसी भी मरीज को लौटाया नहीं जा रहा है।

 

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