Gorakhpur News: तीन माह में खाली करवाई नगर निगम की 34 एकड़ भूमि, कब्जा लेने के साथ लगाया चेतावनी का बोर्ड
नगर निगम में शामिल जंगल शिकारी उर्फ खोराबार, महेवा मुस्तकील, मिर्जापुर, नौसढ़, जंगल तुलसीराम बिछाया, लच्छीपुर, सिक्टौर, गुलरिहा, बिलंदपुर खात्ता, करमहा, उमरपुर, जंगल बहादुर अली, हरसेवकपुर, महादेव झारखण्डी, जंगल नकहा, सेमरी आदि में नगर निगम ने अपनी जमीनों पर से अवैध कब्जा हटवाया है।
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गोरखपुर नगर आयुक्त के नेतृत्व में पिछले तीन महीने में नगर निगम की जमीनों पर से अवैध कब्जे हटवाने को लेकर सख्त अभियान चलाया गया। इस दौरान 40 स्थानों से करीब 34 एकड़ भूमि को खाली करवाया गया। इन जमीनों की बाजार में कीमत लगभग 325 करोड़ है।
इन जमीनों पर दबंग-मनबढ़ों या अपराधियों का अवैध कब्जा था। ये कब्जा वर्षों पुराना था। अब, खाली कराई गई जमीनों पर व्यावसायिक गतिविधियों के द्वारा लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की योजना है। इसके अलावा मॉल, शॉपिंग कांप्लेक्स और पेट्रोल पंप खोलकर नगर निगम के राजस्व को भी बढ़ाने की भी योजना है।
कब्जा हटाने के बाद नगर निगम ने इन जमीनों पर चेतावनी का बोर्ड भी लगा दिया है। इसके अलावा कंटीले तार एवं सीमेंट के पिलर भी खड़े कर दिए हैं। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने भी नगर निगम की जमीनों पर अवैध कब्जे को लेकर कड़ा रुख दिखाया। फरवरी में कार्यभार ग्रहण करने के बाद ही उन्होंने रणनीति बनाई।
जुलाई से निगम की जमीनों को खोजने का काम शुरू किया। इसके अलावा जमीनों के अदालतों में लंबित मामलों में भी पैरवी भी तेज की गई है, ताकि जल्द निगम के पक्ष में निर्णय आए। शुक्रवार को अपर नगर आयुक्त निरंकार सिंह ने कब्जे से मुक्त कराए गए स्थलों का भ्रमण किया। इन जमीनों में ट्रांसपोर्टनगर के पास खाली कराई गई जमीन पर पेट्रोल पंप खोले जाने के लिए नगर निगम की तरफ से निविदा निकाली जा चुकी है।
इन स्थानों पर हैं ये जमीनें
नगर निगम में शामिल जंगल शिकारी उर्फ खोराबार, महेवा मुस्तकील, मिर्जापुर, नौसढ़, जंगल तुलसीराम बिछाया, लच्छीपुर, सिक्टौर, गुलरिहा, बिलंदपुर खात्ता, करमहा, उमरपुर, जंगल बहादुर अली, हरसेवकपुर, महादेव झारखण्डी, जंगल नकहा, सेमरी आदि में नगर निगम ने अपनी जमीनों पर से अवैध कब्जा हटवाया है।
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि नगर निगम ने अपना लैंड बैंक तैयार किया है। सरकारी जमीनों के खाली कराए जाने का फायदा अन्य सरकारी विभागों को भी होगा। अभी तक कराए गए 21 जमीनों के वैल्युवेशन के मुताबिक, 250 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति है। बाकी जमीनों के वैल्यूवेशन का काम चल रहा। इसके अलावा निगम की टीम अन्य जमीनों पर भी काम कर रही है। अवैध कब्जों को आगे भी खत्म कराया जाएगा।