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तीन घरों के मीटर में थी छेड़छाड़, बिजली चोरी का केस दर्ज
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गोरखपुर। बिजली निगम खंड द्वितीय की तरफ से सोमवार को हाई लॉस फीडरों पर चेकिंग अभियान चलाया। दुर्गाबाड़ी, कोतवाली व रामनगर फीडर से जुड़े मोहल्लों में कनेक्शनों की जांच की गई। टीम ने तीन घरों के बिजली मीटर में शंट लगाकर बिजली का इस्तेमाल करते पाया गया।
इन तीनों कनेक्शनों के मीटर में 19500, 15500 व 33455 यूनिट रीडिंग स्टोर मिली। टीम ने मौके पर ही पूरी रीडिंग का बिल बनाकर उपभोक्ताओं को दिया। मीटर में शंट लगाकर बिजली चोरी करने में तीनों उपभोक्ताओं पर बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज कराया गया।
अधिशासी अभियंता बक्शीपुर यदुनाथ राम ने बताया कि दो एसडीओ के नेतृत्व में दो अलग-अलग टीम बनाकर तीन फीडरों पर चेकिंग की गई। इस दौरान 55 बकाएदारों के कनेक्शन काटे गए। सात कनेक्शनों के बिजली मीटर बदल कर स्मार्ट बिजली मीटर लगाए गए। छह उपभोक्ताओं ने अपने बिजली मीटर से छेड़छाड़ की खुद से जानकारी दी।
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उनसे मौके पर छह माह का राजस्व निर्धारण कर जमा कराया गया। अभियान में 15.50 लाख की वसूली की गई। जांच के दौरान 262 उपभोक्ताओं को बिजली बिल मुहैया कराया गया। उन्होंने बताया कि उपभोक्ता चाहे तो खुद ही मीटर छेड़छाड़ की जानकारी निगम को दे सकते हैं। इससे बिजली जुर्माना व मुकदमे की कार्रवाई से बच सकते है। उनके आवेदन को गोपनीय रखा जाएगा। उनके मीटर को बदल कर स्मार्ट मीटर लगाने के साथ ही छह महीने का चार्ज ही वसूला जाएगा।
औद्योगिक व वाणिज्यिक बकायेदारों की भी क टेगी बिजली
गोरखपुर। बिजली निगम ने अब फिक्स चार्ज में छूट न लेने वाले औद्योगिक और वाणिज्यिक श्रेणी के उपभोक्ताओं की बिजली गुल करने का फैसला किया है। चेयरमैन अरविंद कुमार ने इसे लेकर सभी जोन के मुख्य अभियंताओं को निर्देशित किया है। इसके तहत अब सिर्फ उन्हीं की बिजली नहीं कटेगी जो बिल जमा कर देंगे।
निगम ने अपरिहार्य परिस्थितियों में समान किश्तों में बिजली बिल के भुगतान की सहूलियत देने के निर्देश दिए हैं। बिजली निगम ने बिल जमा करने के लिए ऐसे कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं का फिक्स चार्ज माफ करने का निर्णय लिया था। कहा गया था कि यदि बिल का पूरा भुगतान हो जाएगा तो उपभोक्ता से एक महीने का फिक्स चार्ज नहीं लिया जाएगा।
जून महीने में लागू इस योजना को बाद में 31 जुलाई तक के लिए बढ़ा दिया गया। लेकिन अब भी 65 फीसद से ज्यादा ने बिल नहीं जमा किया है। इनमें सबसे ज्यादा संख्या एक किलोवाट का कनेक्शन लेने वाले वाणिज्यिक उपभोक्ताओं की है। शहरी क्षेत्र में 20 हजार से ज्यादा बकाएदार हैं।
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इन तीनों कनेक्शनों के मीटर में 19500, 15500 व 33455 यूनिट रीडिंग स्टोर मिली। टीम ने मौके पर ही पूरी रीडिंग का बिल बनाकर उपभोक्ताओं को दिया। मीटर में शंट लगाकर बिजली चोरी करने में तीनों उपभोक्ताओं पर बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज कराया गया।
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अधिशासी अभियंता बक्शीपुर यदुनाथ राम ने बताया कि दो एसडीओ के नेतृत्व में दो अलग-अलग टीम बनाकर तीन फीडरों पर चेकिंग की गई। इस दौरान 55 बकाएदारों के कनेक्शन काटे गए। सात कनेक्शनों के बिजली मीटर बदल कर स्मार्ट बिजली मीटर लगाए गए। छह उपभोक्ताओं ने अपने बिजली मीटर से छेड़छाड़ की खुद से जानकारी दी।
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उनसे मौके पर छह माह का राजस्व निर्धारण कर जमा कराया गया। अभियान में 15.50 लाख की वसूली की गई। जांच के दौरान 262 उपभोक्ताओं को बिजली बिल मुहैया कराया गया। उन्होंने बताया कि उपभोक्ता चाहे तो खुद ही मीटर छेड़छाड़ की जानकारी निगम को दे सकते हैं। इससे बिजली जुर्माना व मुकदमे की कार्रवाई से बच सकते है। उनके आवेदन को गोपनीय रखा जाएगा। उनके मीटर को बदल कर स्मार्ट मीटर लगाने के साथ ही छह महीने का चार्ज ही वसूला जाएगा।
औद्योगिक व वाणिज्यिक बकायेदारों की भी क टेगी बिजली
गोरखपुर। बिजली निगम ने अब फिक्स चार्ज में छूट न लेने वाले औद्योगिक और वाणिज्यिक श्रेणी के उपभोक्ताओं की बिजली गुल करने का फैसला किया है। चेयरमैन अरविंद कुमार ने इसे लेकर सभी जोन के मुख्य अभियंताओं को निर्देशित किया है। इसके तहत अब सिर्फ उन्हीं की बिजली नहीं कटेगी जो बिल जमा कर देंगे।
निगम ने अपरिहार्य परिस्थितियों में समान किश्तों में बिजली बिल के भुगतान की सहूलियत देने के निर्देश दिए हैं। बिजली निगम ने बिल जमा करने के लिए ऐसे कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं का फिक्स चार्ज माफ करने का निर्णय लिया था। कहा गया था कि यदि बिल का पूरा भुगतान हो जाएगा तो उपभोक्ता से एक महीने का फिक्स चार्ज नहीं लिया जाएगा।
जून महीने में लागू इस योजना को बाद में 31 जुलाई तक के लिए बढ़ा दिया गया। लेकिन अब भी 65 फीसद से ज्यादा ने बिल नहीं जमा किया है। इनमें सबसे ज्यादा संख्या एक किलोवाट का कनेक्शन लेने वाले वाणिज्यिक उपभोक्ताओं की है। शहरी क्षेत्र में 20 हजार से ज्यादा बकाएदार हैं।