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तेज रफ्तार बनती है हादसों की वजह: बेटा भर रहा फर्राटा, मां-बाप दे रहे जुर्माना

Thu, 02 Mar 2023 02:23 PM IST
vivek shukla शिवम सिंह, गोरखपुर।
शिवम सिंह, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 02 Mar 2023 02:23 PM IST
सार

एसपी ट्रैफिक डॉ. एमपी सिंह ने कहा कि तेज रफ्तार वाहन चलाने वालों में ज्यादातर युवा होते हैं। आर्थिक रूप से चोट देने के साथ ही जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। शिक्षण संस्थानों में जाकर उन्हें जागरूक किया जा रहा है। ज्यादातर हादसे तेज रफ्तार की वजह से होते हैं। जगह-जगह इसे लेकर होर्डिंग भी लगाई जाएगी।

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27 people being fined for high speed everyday On an average
कचहरी चौराहे के पास बिना हेलमेट लगाए स्कूटी चला रहे युवक को समझाते ट्रैफिक पुलिसकर्मी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

सड़कों पर तेज रफ्तार से वाहन चलाकर एक तरफ युवा अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। वहीं, इसका खामियाजा मां-बाप को भी जुर्माना भरकर भुगतना पड़ रहा है। यातायात पुलिस चालान का डंडा चलाकर सुधारने की कोशिश करती है, लेकिन युवा इससे बेफिक्र हैं। हर रोज औसतन 27 लोगों का हाईस्पीड में चालान कट रहा है। इसमें ज्यादातर युवा हैं।

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यह हाल तब है, जब सड़क पर चलने वाला हर शख्स यह जानता है कि तेज रफ्तार से हादसे होते हैं और जान भी चली जाती है। पिछले वर्ष जिले में 1282 हादसों में 530 लोगों की जान गई। इसमें 816 मामलों में ओवरस्पीड हादसे की वजह बनकर सामने आए थे। अब यातायात पुलिस, शिक्षण संस्थानों में जाकर युवाओं को जागरूक कर रही है।
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यातायात विभाग के मुताबिक, स्टंट, रेड लाइट जंप, मोबाइल पर बात करने, बाइक पर तीन सवारी चलने वालों से सख्ती के साथ जुर्माना वसूल किया जा रहा है। इन सब के बीच युवाओं में तेज रफ्तार से वाहन चलाने का शगल भी मुसीबत का कारण बन रहा है। हेलमेट पर सख्ती के बाद अब यातायात पुलिस ने तेज रफ्तार पर लगाम लगाने की कोशिश शुरू की है। इसके लिए जागरूक करने के साथ ही जुर्माना लगाकर आर्थिक चोट भी पहुंचाई जा रही है।
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केस एक
पीपीगंज में 25 फरवरी को तेज रफ्तार से स्टंट करने के फेर में 21 वर्षीय मोनू यादव की मौत हो गई। मौत से घर में मातम छा गया। उसके दो युवा दोस्त भी घायल हो गए।

केस दो
गीडा इलाके में 23 फरवरी को तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्राॅली ने छात्रा दीपशिखा की जान ले ली। वह कोचिंग से घर लौट रही थी और रास्ते में नाबालिग चालक के तेज रफ्तार ट्रैक्टर की चपेट में आ गई थी।

फैक्ट फाइल
  • 1282 हादसे हुए वर्ष 2022 में
  • 530 लोगों ने इन हादसों में जान गंवाई
  • 106 हादसे सर्वाधिक खोराबार क्षेत्र में
  • 44 मौतें सबसे अधिक कैंपियरगंज क्षेत्र में
  • 08 हादसे सबसे कम हरपुर बुदहट क्षेत्र में

तेज रफ्तार पर कटे चालान
  • जनवरी- 815
  • फरवरी- 502

एसपी ट्रैफिक डॉ. एमपी सिंह ने कहा कि तेज रफ्तार वाहन चलाने वालों में ज्यादातर युवा होते हैं। आर्थिक रूप से चोट देने के साथ ही जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। शिक्षण संस्थानों में जाकर उन्हें जागरूक किया जा रहा है। ज्यादातर हादसे तेज रफ्तार की वजह से होते हैं। जगह-जगह इसे लेकर होर्डिंग भी लगाई जाएगी।




 
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