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गोरखपुर: टीबी के 250 सामान्य मरीज बन गए एमडीआर, झोलाछाप से इलाज कराकर बढ़ा ली बीमारी

Thu, 16 Jun 2022 01:22 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 16 Jun 2022 01:22 PM IST
सार

डॉ. रामेश्वर मिश्रा ने बताया कि अगर लगातार दो हफ्ते से खांसी आए, बलगम में खून आए, रात में बुखार के साथ पसीना आए, तेजी से वजन घट रहा हो और भूख न लगे तो नजदीकी डीएमसी या टीयू पर टीबी जांच निशुल्क करवाएं। बताया कि जिले में 49 डेजिगनेटेड माइक्रोस्कोपी सेंटर (डीएमसी) हैं, जहां माइक्रोस्कोपिक जांच की मदद से टीबी की पुष्टि हो जाती है।

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250 normal patients of TB became MDR
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

विस्तार

गोरखपुर में झोलाछाप (बिना डिग्री वाले) ने जिले के 250 टीबी के सामान्य मरीजों को मल्टी ड्रग रेसिस्टेंट (एमडीआर) बना दिया। ये मरीज ऐसे थे, जिनमें सामान्य टीबी के लक्षण थे, लेकिन झोलाछाप से इलाज कराने के चक्कर में इन लोगों ने मर्ज बढ़ा दिया।

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अब स्थिति ऐसी हो गई है कि जिला क्षय विभाग इन मरीजों की निगरानी करने में जुट गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन मरीजों पर अब टीबी की सामान्य दवा काम नहीं करेगी। जरा सी लापरवाही पर जान भी जा सकती है।
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जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. रामेश्वर मिश्रा ने बताया कि टीबी का सही समय पर और सही दिशा में इलाज न होने से एक सामान्य मरीज मल्टी ड्रग रेसिस्टेंट (एमडीआर) का मरीज बन जाता है। बताया कि जिले में 250 मरीज ऐसे हैं, जो सामान्य मरीज थे, लेकिन अब यह एमडीआर की श्रेणी में आ गए हैं, जो बेहद गंभीर हैं।
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इन मरीजों ने समय से जांच भी नहीं करवाई। झोलाछाप के चक्कर में पढ़कर एमडीआर की श्रेणी में आ जा रहे हैं। ऐसे लोगों को सलाह दी जा रही है कि समय पर टीबी की जांच जरूर करवाएं। साथ ही नियमित तौर पर दवा लेते रहें।

एमडीआर के लक्षण

डॉ. रामेश्वर मिश्रा ने बताया कि अगर लगातार दो हफ्ते से खांसी आए, बलगम में खून आए, रात में बुखार के साथ पसीना आए, तेजी से वजन घट रहा हो और भूख न लगे तो नजदीकी डीएमसी या टीयू पर टीबी जांच निशुल्क करवाएं। बताया कि जिले में 49 डेजिगनेटेड माइक्रोस्कोपी सेंटर (डीएमसी) हैं, जहां माइक्रोस्कोपिक जांच की मदद से टीबी की पुष्टि हो जाती है। इनके अलावा कुल 24 टीबी यूनिट (टीयू) हैं, जिनमें से कुछ स्थानों पर माइक्रोस्कोपिक जांच के अलावा ट्रूनेट जांच की भी सुविधा उपलब्ध है।

यहां करा सकते हैं टीबी की जांच

जिला अस्पताल, जिला क्षय रोग केंद्र, सहजनवां, कैंपियरगंज, खोराबार, उरुवा, भटहट, पिपराइच, बड़हलगंज और एम्स में ट्रूनेट जांच की सुविधा उपलब्ध है। इस जांच से एमडीआर मरीजों का पता लगाया जाता है। इनके अलावा जिला क्षय रोग केंद्र, बीआरडी मेडिकल कॉलेज और बड़हलगंज में सीबीनॉट मशीन से भी जांच की सुविधा उपलब्ध है।

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