अलर्ट: आपके इर्द-गिर्द मंडरा रहे हैं 17 खतरनाक वायरस, बारिश में कर देंगे जीना हराम
रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (आरएमआरसी) की टीम ने शोध के लिए 2500 नमूने लिए। ये नमूने बीआरडी, जिला अस्पताल, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लिए गए थे। जिन मरीजों के नमूने लिए गए हैं वे हरपीज, फीवर विद रेसेज, हेपेटाइटिस, डायरिया, एक्यूट इंसेफेलाइटिस जैसे वायरस और बैक्टीरिया जैसे लक्षण वाले हैं।
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यूपी में पूर्वांचल के 15 और बिहार के नौ जिलों में वर्षों पूर्व से मिलने वाले वायरस और बैक्टीरिया आज भी लोगों को छका रहे हैं। रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर में हाल ही में हुए शोध में ऐसे 17 वायरस और बैक्टीरिया के बारे में पता चला है। इनमें जापानी इंसेफेलाइटिस, चिकनगुनिया, डेंगू आदि के वायरस-बैक्टीरिया शामिल हैं।
ये सेहत के लिए बहुत ही खतरनाक माने जाते हैं। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों पर इनका असर ज्यादा है। आरएमआरसी के शोध में जो वायरस और बैक्टीरिया मिले हैं, वे बरसात में ज्यादा सक्रिय और खतरनाक हो जाते हैं। बारिश में इनसे सबसे सावधानी की जरुरत है, वरना बड़ी परेशानी में डाल सकते हैं।
इनमें जापानी इंसफेलाइटिस, स्क्रब टायफस, डेंगू, चिकनगुनिया, लैप्टास्पारोसिस जैसे वायरस और बैक्टीरिया शामिल हैं। इनमें सबसे अधिक असर बरसात में जापानी इंसेफेलाइटिस और डेंगू के वायरस दिखाते हैं। ऐसे में इस वायरस और बैक्टीरिया से बचाव के लिए लोगों को साफ पानी के इस्तेमाल और साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखना होगा।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज स्थित रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (आरएमआरसी) की टीम ने शोध के लिए 2500 नमूने लिए। ये नमूने बीआरडी मेडिकल काॅलेज, जिला अस्पताल, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लिए गए थे। जिन मरीजों के नमूने लिए गए हैं वे हरपीज, फीवर विद रेसेज, हेपेटाइटिस, डायरिया, एक्यूट इंसेफेलाइटिस जैसे वायरस और बैक्टीरिया जैसे लक्षण वाले हैं।
कुल एकत्र हुए नमूनों में अभी तक 2200 नमूनों की जांच हुई है, जिसमें 17 तरह के वायरस और बैक्टीरिया मिले हैं। इनमें सबसे अधिक हरपीज जोस्टर, हेपेटाइटिस, वेरीसेला जोस्टर और स्क्रब टाइफस बैक्टीरिया और कई वायरस हैं। जांच करने वाली टीम में आरएमआरसी के डॉ. गौरव राज, डॉ. राजीव सिंह, डॉ. नलिनी मिश्रा, डॉ. एसपी बेहरा शामिल रहे हैं।
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ये वायरस जांच में मिले
आरएमआरसी की जांच में जापानी इंसेफेलाइटिस, चिकनगुनिया, डेंगू, हेपेटाइटिस ए, बी, सी व ई, वेरीसेला जोस्टर वायरस, हरपीज सिंपलेक्स वायरस, मीजल्स रुबेला, साइटोमेंग्लो वायरस, एंट्रो वायरस, पार्वो वायरस- बी 19 जैसे खतरनाक वायरस मिले हैं। इनमें सबसे अधिक खतरा जापानी इंसेफेलाइटिस को लेकर है। यह बच्चों में सबसे ज्यादा मिलते हैं। इसके अलावा हेपेटाइटिस तो किसी भी व्यक्ति को हो सकता है। यह भी आ्जीवन दर्द देनी वाली बीमारी है।
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इन वायरस की भी हुई जांच, रिपोर्ट मिली निगेटिव
आरएमआरसी ने वेस्टनाइल, रोटा वायरस, मंप्स, एस्टीन बार वायरस, जीका वायरस की भी जांच की। लेकिन, राहत की बात यह थी कि एक भी मरीज में इस वायरस की पुष्टि नहीं हुई है। इस पर टीम ने राहत की सांस ली है। क्योंकि, ये पांचों वायरस ज्यादा खतरनाक होते हैं।
ये बैक्टीरिया भी जांच में मिले
इन जिलों के मरीजों की हुई जांच
यूपी के कुशीनगर, गोरखपुर, देवरिया, संतकबीरनगर, महराजगंज, बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलिया, मऊ, आंबेडकरनगर, आजमगढ़, गाजीपुर, अयोध्या और बलरामपुर जिले से नमूने लिए गए थे। इसी तरह बिहार के गोपालगंज, सिवान, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सारण, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, सहरसा और नालंदा।
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आरएमआरसी के निदेशक डॉ. रजनीकांत ने कहा कि आरएमआरसी की जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि वायरस और बैक्टीरिया का असर मरीजों पर है। इसकी रिपोर्ट आईसीएमआर को भेजी गई है। आईसीएमआर इस वायरस और बैक्टीरिया के अनुसार गाइडलाइन बनाता है, ताकि समय पर मरीजों की जांच और इलाज हो सके।
आरएमआरसी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गौरव राज द्विवेदी ने कहा कि यूपी के पूर्वांचल और बिहार के नौ जिलों से नमूने लिए गए थे। इनमें कुछ नमूने बीआरडी मेडिकल कॉलेज से मंगाए गए थे। जांच में 17 वायरस और बैक्टीरिया मिले हैं। इसकी रिपोर्ट संबंधित अस्पतालों को भेज दी गई है।