फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   17 dangerous virus bacteria around in Gorakhpur

अलर्ट: आपके इर्द-गिर्द मंडरा रहे हैं 17 खतरनाक वायरस, बारिश में कर देंगे जीना हराम

Wed, 28 Jun 2023 04:26 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 28 Jun 2023 04:26 PM IST
सार

रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (आरएमआरसी) की टीम ने शोध के लिए 2500 नमूने लिए। ये नमूने बीआरडी, जिला अस्पताल, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लिए गए थे। जिन मरीजों के नमूने लिए गए हैं वे हरपीज, फीवर विद रेसेज, हेपेटाइटिस, डायरिया, एक्यूट इंसेफेलाइटिस जैसे वायरस और बैक्टीरिया जैसे लक्षण वाले हैं।

विज्ञापन
17 dangerous virus bacteria around in Gorakhpur
गोरखपुर आईसीएमआर आरएमआरसी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

यूपी में पूर्वांचल के 15 और बिहार के नौ जिलों में वर्षों पूर्व से मिलने वाले वायरस और बैक्टीरिया आज भी लोगों को छका रहे हैं। रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर में हाल ही में हुए शोध में ऐसे 17 वायरस और बैक्टीरिया के बारे में पता चला है। इनमें जापानी इंसेफेलाइटिस, चिकनगुनिया, डेंगू आदि के वायरस-बैक्टीरिया शामिल हैं।

विज्ञापन


ये सेहत के लिए बहुत ही खतरनाक माने जाते हैं। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों पर इनका असर ज्यादा है। आरएमआरसी के शोध में जो वायरस और बैक्टीरिया मिले हैं, वे बरसात में ज्यादा सक्रिय और खतरनाक हो जाते हैं। बारिश में इनसे सबसे सावधानी की जरुरत है, वरना बड़ी परेशानी में डाल सकते हैं।
विज्ञापन


इनमें जापानी इंसफेलाइटिस, स्क्रब टायफस, डेंगू, चिकनगुनिया, लैप्टास्पारोसिस जैसे वायरस और बैक्टीरिया शामिल हैं। इनमें सबसे अधिक असर बरसात में जापानी इंसेफेलाइटिस और डेंगू के वायरस दिखाते हैं। ऐसे में इस वायरस और बैक्टीरिया से बचाव के लिए लोगों को साफ पानी के इस्तेमाल और साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में मौसम की मार: टमाटर ने लगाया शतक, हरी सब्जियां भी 50 के पार

बीआरडी मेडिकल कॉलेज स्थित रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (आरएमआरसी) की टीम ने शोध के लिए 2500 नमूने लिए। ये नमूने बीआरडी मेडिकल काॅलेज, जिला अस्पताल, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लिए गए थे। जिन मरीजों के नमूने लिए गए हैं वे हरपीज, फीवर विद रेसेज, हेपेटाइटिस, डायरिया, एक्यूट इंसेफेलाइटिस जैसे वायरस और बैक्टीरिया जैसे लक्षण वाले हैं।

कुल एकत्र हुए नमूनों में अभी तक 2200 नमूनों की जांच हुई है, जिसमें 17 तरह के वायरस और बैक्टीरिया मिले हैं। इनमें सबसे अधिक हरपीज जोस्टर, हेपेटाइटिस, वेरीसेला जोस्टर और स्क्रब टाइफस बैक्टीरिया और कई वायरस हैं। जांच करने वाली टीम में आरएमआरसी के डॉ. गौरव राज, डॉ. राजीव सिंह, डॉ. नलिनी मिश्रा, डॉ. एसपी बेहरा शामिल रहे हैं।

इसे भी पढ़ें:  यात्रीगण कृपया ध्यान दें: संतकबीरनगर-बांसी का सफर होगा आसान, बिछेगी नई रेल लाइन

ये वायरस जांच में मिले

आरएमआरसी की जांच में जापानी इंसेफेलाइटिस, चिकनगुनिया, डेंगू, हेपेटाइटिस ए, बी, सी व ई, वेरीसेला जोस्टर वायरस, हरपीज सिंपलेक्स वायरस, मीजल्स रुबेला, साइटोमेंग्लो वायरस, एंट्रो वायरस, पार्वो वायरस- बी 19 जैसे खतरनाक वायरस मिले हैं। इनमें सबसे अधिक खतरा जापानी इंसेफेलाइटिस को लेकर है। यह बच्चों में सबसे ज्यादा मिलते हैं। इसके अलावा हेपेटाइटिस तो किसी भी व्यक्ति को हो सकता है। यह भी आ्जीवन दर्द देनी वाली बीमारी है।

इसे भी पढ़ें: प्रदूषण नियत्रंण बोर्ड ने दी चेतावनी: गोरखपुर शहर में संकट खड़ा कर रहा भूगर्भ जल दोहन, 122 होटलों को नोटिस

इन वायरस की भी हुई जांच, रिपोर्ट मिली निगेटिव
आरएमआरसी ने वेस्टनाइल, रोटा वायरस, मंप्स, एस्टीन बार वायरस, जीका वायरस की भी जांच की। लेकिन, राहत की बात यह थी कि एक भी मरीज में इस वायरस की पुष्टि नहीं हुई है। इस पर टीम ने राहत की सांस ली है। क्योंकि, ये पांचों वायरस ज्यादा खतरनाक होते हैं।

ये बैक्टीरिया भी जांच में मिले

जांच में मरीजों में स्क्रब टाइफस, लेप्टोस्पायरोसिस, स्ट्रेप्टोकोकस निमोनी जैसे खतरनाक बैक्टीरिया भी मिले हैं। स्क्रब टायफस और लेप्टास्पायरोसिस बैक्टीरिया सबसे अधिक जेई के मरीजों में मिलता है। इस बात का खुलासा आरएमआरसी के शोध में पहले ही हो चुका है।

इन जिलों के मरीजों की हुई जांच
यूपी के कुशीनगर, गोरखपुर, देवरिया, संतकबीरनगर, महराजगंज, बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलिया, मऊ, आंबेडकरनगर, आजमगढ़, गाजीपुर, अयोध्या और बलरामपुर जिले से नमूने लिए गए थे। इसी तरह बिहार के गोपालगंज, सिवान, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सारण, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, सहरसा और नालंदा।

इसे भी पढ़ें: रवि किशन की बेटी जल्द ज्वाइन करेंगी भारतीय सेना, सांसद बोले- पिता का सिर गर्व से किया ऊंचा

आरएमआरसी के निदेशक डॉ. रजनीकांत ने कहा कि आरएमआरसी की जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि वायरस और बैक्टीरिया का असर मरीजों पर है। इसकी रिपोर्ट आईसीएमआर को भेजी गई है। आईसीएमआर इस वायरस और बैक्टीरिया के अनुसार गाइडलाइन बनाता है, ताकि समय पर मरीजों की जांच और इलाज हो सके।

आरएमआरसी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गौरव राज द्विवेदी ने कहा कि यूपी के पूर्वांचल और बिहार के नौ जिलों से नमूने लिए गए थे। इनमें कुछ नमूने बीआरडी मेडिकल कॉलेज से मंगाए गए थे। जांच में 17 वायरस और बैक्टीरिया मिले हैं। इसकी रिपोर्ट संबंधित अस्पतालों को भेज दी गई है।



 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed