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UP News: बस्ती-गोरखपुर मंडल से 152 चिकित्सकों का तबादला, बदले में मिले बस 60

Thu, 07 Jul 2022 12:37 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 07 Jul 2022 12:37 PM IST
सार

गोरखपुर-बस्ती मंडल की स्वास्थ्य व्यवस्था तमाम प्रयासों के बावजूद नहीं सुधर रही है। जिला अस्पताल से लेकर प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक में चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। स्थिति यह है कि गोरखपुर जैसे जिले में सीएचसी और पीएचसी में चिकित्सकों के 351 पद स्वीकृत हैं और तैनाती केवल 153 की है।

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152 doctors transferred from Basti-Gorakhpur division just 60 received in return
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

बस्ती-गोरखपुर मंडल के सातों जिलों से 152 चिकित्सकों का तबादला दूसरे जिलों में किया गया है। बदले में 60 डॉक्टर इन जिलों को मिले हैं। इस कारण पहले से ही चिकित्सकों की कमी झेल रहे इन जिलों में 92 और डॉक्टरों की कमी हो गई है। इसका असर स्वास्थ्य व्यवस्था पर पड़ने लगा है। कई अस्पताल में मरीजों को लंबी लाइन और लंबी प्रतीक्षा के बाद भी समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। कई अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी की वजह से ओपीडी से मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ रहा है। कई सीएचसी और पीएचसी बिना डॉक्टर के हो गए हैं।

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गोरखपुर-बस्ती मंडल की स्वास्थ्य व्यवस्था तमाम प्रयासों के बावजूद नहीं सुधर रही है। जिला अस्पताल से लेकर प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक में चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। स्थिति यह है कि गोरखपुर जैसे जिले में सीएचसी और पीएचसी में चिकित्सकों के 351 पद स्वीकृत हैं और तैनाती केवल 153 की है। बाकी 198 पद खाली हैं। इसके बाद सबसे अधिक 69 पद चिकित्सकों के महराजगंज में खाली हैं।
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देवरिया में भी 66 पद डॉक्टरों खाली हैं। इसका असर मरीजों के इलाज पर पड़ रहा है। मरीजों को इलाज के लिए लंबी लाइन लगानी पड़ती है। इसके बाद डॉक्टर को दिखाने के लिए लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ती है। जिला अस्पतालों से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक में ओपीडी में प्रतिदिन मरीजों की भीड़ लगी रहती है।
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गोरखपुर : 100 विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी  

गोरखपुर जिले में 24 डॉक्टरों के तबादले हुए हैं। बदले में केवल तीन डॉक्टर मिले हैं। इस तरह करीब दो सौ डॉक्टरों की कमी झेल रहे जनपद में 21 डॉक्टर और कम हो गए हैं। जिला अस्पताल में 52 डॉक्टरों की तुलना में 25 नियुक्त हैं। जबकि इस अस्पताल में प्रतिदिन 1500 से अधिक मरीज इलाज के लिए ओपीडी में पहुंचते हैं। हाल ही में जिला अस्पताल के आठ डॉक्टरों का तबादला दूसरे जनपद में किया गया, लेकिन बदले में एक मिला है। वहीं, महिला अस्पताल से दो डॉक्टरों का तबादला किया गया और बदले में कोई नहीं मिला। यहां पर 33 के बजाय 28 डॉक्टरों की तैनाती है। वहीं, सीएचसी और पीएचसी में 230 एमबीबीएस डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन तैनाती केवल 132 डॉक्टरों की है। यानी 98 पद खाली हैं। जबकि 121 विशेषज्ञ डॉक्टरों की तुलना में 21 डॉक्टरों की तैनाती है। यहां पर 100 डॉक्टरों की कमी है। 

कुशीनगर जिला अस्पताल में पांच डॉक्टर बचे

कुशीनगर जिले में डॉक्टरों के स्वीकृत 219 पदों में 178 की तैनाती थी। इनमें से 23 डॉक्टरों का स्थानांतरण कर दिया गया है, जबकि बदले में 11 डॉक्टर मिले हैं। इस तरह जिले में 12 डॉक्टरों की और कमी हो गई है। वहीं, सीएमओ के अधीन आने वाले अस्पतालों में डॉक्टरों के 189 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 165 डॉक्टर तैनात थे। शासन स्तर से 15 चिकित्सकों का स्थानांतरण किया गया है, जबकि सात मिले हैं। उधर, जिला अस्पताल में डॉक्टरों के 30 पद स्वीकृत हैं। 13 की तैनाती थी। इनमें से आठ डॉक्टरों का स्थानांतरण हो गया है। अब पांच डॉक्टर बचे हैं। हालांकि, बदले में चार डॉक्टर मिले हैं, लेकिन अभी किसी ने ज्वाइन नहीं किया है।

 

महराजगंज : 19 डॉक्टरों का तबादला मिले तीन

महराजगंज जिले से 19 डॉक्टरों का तबादला हुआ है और मिले हैं केवल तीन डॉक्टर। जिले के प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 175 पद स्वीकृत हैं। लेकिन तैनाती 106 डॉक्टरों की थी। इनमें से 14 चिकित्सकों का स्थानांतरण हो गया है और तीन मिले हैं। इस तरह खाली पद 95 हो गए हैं। वहीं, जिला अस्पताल में चिकित्सकों के 37 पद स्वीकृत हैं और तैनाती 20 की है। इनमें से चार चिकित्सकों का स्थानांतरण हो गया है, लेकिन कोई नहीं मिला है। अब यहां 16 डॉक्टर बचे हैं।

वहीं, जिला महिला अस्पताल में आठ पद चिकित्सकों के स्वीकृत हैं, जिसमें से तीन तैनात थे। अब एक डॉक्टर का तबादला कर दिया गया है, लेकिन मिला कोई नहीं है। दो डॉक्टरों के भरोसे महिला अस्पताल चल रहा है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आईए अंसारी कहते हैं कि जल्द ही डॉक्टर आ जाएंगे। वर्तमान में तैनात चिकित्सक बेहतर ढंग से लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। जबकि हकीकत यह है कि मरीजों को घंटों लाइन में लगने के बाद भी समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है।

 

संतकबीरनगर : 17 चिकित्सकों का तबादला और मिले दो

संतकबीरनगर जिले में 17 चिकित्सकों का तबादला किया गया है और बदले में दो मिले हैं। जिले की सीएचसी और पीएचसी के लिए चिकित्सकों के कुल 103 पद सृजित हैं। इसकी तुलना में 73 चिकित्सक तैनात थे। इनमें से भी 12 का स्थानांतरण किया गया है और मिले केवल दो हैं। इस तरह दस डॉक्टर और कम हो गए। वहीं, जिला अस्पताल के लिए डॉक्टरों के 33 पद सृजित हैं। जिनमें से 27 की तैनाती थी। इनमें से पांच का स्थानांतरण किया गया है और मिला कोई नहीं है। इस तरह जिला अस्पताल में अब 22 डॉक्टर ही बचे हैं। सीएमओ डॉ इंद्रविजय विश्वकर्मा कहते हैं कि चिकित्सकों के स्थानांतरण से व्यवस्था कुछ हद तक खराब हुई है, लेकिन जो भी चिकित्सक हैं उन्हीं से काम चलाया जा रहा है। उम्मीद है कि कुछ और चिकित्सक जिले को मिलेंगे।

बस्ती : 21 चिकित्सकों का स्थानांतरण और मिले 15

बस्ती जिले से 21 चिकित्सकों का स्थानांतरण किया गया है, जबकि मिले 15 हैं। इस तरह छह डॉक्टरों की कटौती कर दी गई है। जबकि जिले में पहले से ही डॉक्टरों की कमी थी। 164 पदों की तुलना में केवल 110 चिकित्सकों की तैनाती थी। जिला अस्पताल से 9 चिकित्सकों का तबादला किया गया है, लेकिन मिले दो हैं। जिला महिला अस्पताल से दो डॉक्टरों का तबादला किया गया है और एक मिला है। वहीं, सीएचसी और पीएचसी के 10 डॉक्टरों का तबादला किया गया और बदले में 12 मिले हैं। प्रभारी सीएमओ डॉ. जय सिंह का कहना है कि स्थानांतरण से जिले की चिकित्सा व्यवस्था पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है, जबकि जिला चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. आलोक वर्मा ने कहा कि जिला अस्पताल का फिजीशियन विभाग स्थानांतरण के चलते बंद हो गया है। इसके अलावा सर्जरी, हड्डी सर्जरी पर भी स्थानांतरण का प्रभाव पड़ा है।

 

सिद्धार्थनगर : 30 डॉक्टरों का स्थानांतरण, मिले 16

सिद्धार्थनगर में जिला अस्पताल और सीएचसी-पीएचसी मिलाकर 30 डॉक्टरों का स्थानांतरण किया गया है, लेकिन बदले में 16 डॉक्टर मिले हैं। इस तरह 14 डॉक्टरों की कमी कर दी गई, जबकि जिले में पहले से ही स्वीकृत पदों की तुलना में डॉक्टरों की कमी थी। सीएचसी व पीएचसी के लिए डॉक्टरों के 168 पद स्वीकृत हैं, लेकिन तैनाती 136 की ही थी। इनमें से 24 का तबादला कर दिया गया और बदले में 16 डॉक्टर मिले हैं। वहीं, जिला अस्पताल में 24 डॉक्टर तैनात थे, जिसमें से 6 का स्थानांतरण किया गया और मिला कोई नहीं है। अब जिला अस्पताल में 18 डॉक्टर ही बचे हैं।  

देवरिया : बेहोशी के चिकित्सक का तबादला होने से आपरेशन बंद

देवरिया जिले के सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात 14 चिकित्सकों का स्थानांतरण किया गया है। जबकि बदले में 10 चिकित्सक मिले हैं। सीएचसी रुद्रपुर में तैनात बेहोशी के चिकित्सक का तबादला होने के बाद आपरेशन नहीं हो पा रहा है। उधर, मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल के महिला अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट सहित चार चिकित्सकों का स्थानांतरण होने से एक्सरे आदि नहीं हो पा रहे हैं। जिले में चिकित्सकों के 206 पद सृजित हैं, जिनमें से 66 पद पहले से ही रिक्त चल रहे थे। यानी 140 पदों पर ही डॉक्टरों की तैनाती है। प्रभारी सीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह का कहना है कि चिकित्सकों का स्थानांतरण शासन स्तर से किया गया है। दूसरे जिलों से चिकित्सकों के आने के साथ उनकी तैनाती कर दी जाएगी।

 

किस जिले से कितने डॉक्टर स्थानांतरित हुए और कितने मिले

जिला स्थानांतरण मिले कमी
गोरखपुर 24 03 21
कुशीनगर 23 11 12
महराजगंज 19 03 16
संतकबीरनगर 17 02 15
बस्ती 21  15 06
सिद्धार्थनगर 30 16 14
देवरिया 18 10 08
कुल योग 152 60 92

 

किस जिले में कितने डॉक्टरों के पद सृजित कितने तैनात और कितने खाली
 

जिला स्वीकृत पद खाली  तैनाती
गोरखपुर 351  198 153
कुशीनगर 219  41   178
महराजगंज 175 69 106
संतकबीरनगर 103 30  73
बस्ती   164 54 110
सिद्धार्थनगर 168 32 136
देवरिया 206 66 140
कुल योग 1386 490 896
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