Exclusive: गोरखपुर जिले में बदमाशों के 12 नए गैंग पंजीकृत, अभी भी चल रहे हैं 97 गिरोह
गोरखपुर एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने कहा कि बदमाशों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। कुछ महीनों में 12 नए गैंग पंजीकृत किए गए हैं। बदमाशों को जेल भेजने के साथ ही गैंगस्टर की कार्रवाई भी की जा रही है।
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गोरखपुर जिले में बदमाशों के 12 नए गिरोह पंजीकृत किए गए हैं। इन गिरोहों में करीब 100 बदमाश शामिल हैं। पुलिस ने गिरोह के कई सदस्यों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की है। पुलिस ने यह कार्रवाई इसलिए की है कि जेल में बंद पेशेवर बदमाशों को जमानत न मिल सके। गैंगस्टर एक्ट के तहत जमानत निरस्त कराके बदमाशों की संपत्ति जब्त कर कुर्क करने की कार्रवाई पुलिस कर रही है। पुलिस के मुताबिक, अब जिले में पंजीकृत गिरोहों की संख्या 97 हो गई।
जानकारी के मुताबिक, जिले में कई ऐसे पेशेवर बदमाश हैं, जो अलग-अलग घटनाओं में जेल तो कई बार गए, लेकिन उनके गिरोह को सूचीबद्ध नहीं किया गया। एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा के आदेश पर पुलिस अब ऐसे बदमाशों के गिरोह को चिह्नित करके गैंगस्टर की कार्रवाई करा रही है।
पुलिस की रिपोर्ट पर बदमाशों की संपत्ति जब्त कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब जिले में कुल 97 गैंग पंजीकृत हैं। इनमें 411 बदमाशों के नाम शामिल हैं। सिकरीगंज थाने में एक भी गैंग नहीं है।
जब्त होगी भू माफिया ओम प्रकाश पांडेय की संपत्ति
भू माफिया ओमप्रकाश पांडेय की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस रिपोर्ट डीएम के पास भेजी जा चुकी है। जल्द ही डीएम का आदेश होने के बाद जब्तीकरण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
सर्वाधिक 14 गैंग कैंट थाने में पंजीकृत
- - गोरखपुर जिले में सर्वाधिक गैंग कैंट थाने में हैं। कुल 14 गिरोह पंजीकृत हैं, इसमें 71 बदमाश शामिल हैं।
- - कोतवाली में दो गैंग व उसके 12 सदस्य।
- - राजघाट में पांच गैंग के 27 सदस्य।
- - तिवारीपुर में चार गैंग के 18 सदस्य।
- - खोराबार में सात गैंग के 33 सदस्य।
- - रामगढ़ताल में सात गैंग के 33 सदस्य।
- - गोरखनाथ में चार गैंग के 15 सदस्य।
- - शाहपुर में दस गैंग के 15 सदस्य।
- - कैंपियरगंज में दो गैंग के पांच सदस्य।
- - पीपीगंज में तीन गैंग के आठ सदस्य।
- - सहजनवां में चार गैंग के 14 सदस्य।
- - चिलुआताल में चार गैंग के 14 सदस्य।
- - गीडा में एक गैंग के तीन सदस्य।
- - चौरीचौरा में चार गैंग के दस सदस्य।
- - झंगहा में तीन गैंग के 11 सदस्य।
- - पिपराइच में चार गैंग के 12 सदस्य।
- - गुलरिहा में चार गैंग के 12 सदस्य।
- - बांसगांव में दो गैंग के आठ सदस्य।
- - गगहा में दो गैंग के सात सदस्य।
- - बेलीपार में दो गैंग के 15 सदस्य।
- - गोला में तीन गैंग के 15 सदस्य।
- - बड़हलगंज चार गैंग के 18 सदस्य।
- - उरुवा बाजार में एक गैंग के पांच सदस्य।
- - बेलघाट में दो गैंग के 13 सदस्य।
- - खजनी में तीन गैंग के 14 सदस्य।
- - हरपुर बुदहट में एक गैंग के दो सदस्य।
गोरखपुर जिले के 125 हिस्ट्रीशीटर हैं जेल में
कई ऐसे हिस्ट्रीशीटर हैं, जिनपर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है। वर्तमान में गोरखपुर के 125 हिस्ट्रीशीटर जेल में बंद हैं। गोरखपुर में माफिया डॉन श्रीप्रकाश शुक्ला का साथी सत्यव्रत राय हो या फिर रंगदारी वसूलने वाला हत्याभियुक्त प्रदीप सिंह, सब जेल की सलाखों के पीछे हैं। वहीं, जमानत पर रिहा होकर बाहर घूम रहे 1244 हिस्ट्रीशीटरों की सतत निगरानी व आपराधिक संलिप्तता का सत्यापन करके दोबारा जेल भेजने की हिदायत एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने मातहतों को दी है। बुजुर्ग या निष्क्रिय हो चुके 135 हिस्ट्रीशीटरों के घर भी पुलिस दस्तक देती है।
गोरखपुर जिले के ये गैंगस्टर हैं जेल में
जिले के जो कुख्यात हिस्ट्रीशीटर जेल में हैं, उनमें सत्यव्रत राय, प्रदीप सिंह, परवेज अंसारी, प्रदीप यादव, राकेश यादव, लालजी केवट, मनीष साहनी, बहादुर चौहान, दीनानाथ केवट, प्रिंस उर्फ प्रतीक, सलीम, मिथुन पासवान, सुजीत पासवान, सन्नी सिंह, सिंहासन यादव, अविनाश तिवारी, सिंटू राव, अंशुमान चंद, सुभाष शर्मा के नाम शामिल हैं।
केस- एक
24 अप्रैल को मुठभेड़ में पकड़े गए मनोज और अजीत उर्फ सोनू बाबा पर रामगढ़ताल पुलिस ने गैंगस्टर के तहत कार्रवाई की है। ये दोनों पेशेवर बदमाश हैं।
केस- दो
22 फरवरी को पुलिस की रिपोर्ट पर पेशेवर बदमाश श्रीचंद, शिवा, वीरेंद्र, परवेज अंसारी और मनोज के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की है। पुलिस की रिपोर्ट पर डीएम के आदेश पर बदमाश पर कार्रवाई हुई। सभी जेल में बंद हैं। गैंगस्टर की वजह से जमानत नहीं मिल पाई।
केस- तीन
एक मई को कैंट पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले गिरोह के खुलीलुर्रहमान और शेख मुबारक उर्फ मुन्ना पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की है। बिहार और असम के रहने वाले दोनों आरोपित गोरखपुर और आसपास के जिलों में आकर वाहन चोरी करते थे। पुलिस ने आरोपितों को जेल भेजा था।
गोरखपुर एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने कहा कि बदमाशों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। कुछ महीनों में 12 नए गैंग पंजीकृत किए गए हैं। बदमाशों को जेल भेजने के साथ ही गैंगस्टर की कार्रवाई भी की जा रही है। बदमाश जल्दी जेल से बाहर आकर अपराध न करें, इसलिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।