फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   11 km tied up from Domingarh bridge to Gahasad but rains caused by rain

अमर उजाला लाइव: बरसात में बंधे पर चलिए संभलकर, मिट्टी धंसने से रास्ते हुए खतरनाक

Mon, 14 Aug 2023 12:43 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 14 Aug 2023 12:43 PM IST
सार

सिंचाई विभाग अधीक्षण अभियंता दिनेश सिंह ने कहा कि नदी के बढ़ाव को देखते हुए लगातार निगरानी की जा रही है। बंधों की सुरक्षा के लिए समुचित उपाय किए गए हैं। इसमें कोई लापरवाही नहीं की जाएगी।

विज्ञापन
11 km tied up from Domingarh bridge to Gahasad but rains caused by rain
उतरासोत गांव के सामने बांध पर बना गड्ढा। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

बारिश से बंधों की हालत खराब होने लगी है। पानी बरसते ही जगह-जगह रेनकट हो जा रहे हैं। एक तरफ पीडब्ल्यूडी के कर्मचारी इन गड्ढों को भरवा रहे हैं तो दूसरी ओर मिट्टी खिसक जा रही है। इसलिए बंधों पर वाहन लेकर चलने में किसी तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है। अधिकारियों का कहना है कि नदियों की स्थित और वर्षा को देखते हुए बंधों की नियमित निगरानी की जा रही है। गड्ढों को पाटने का काम कराया जा रहा है।

विज्ञापन


डोमिनगढ़ पुल से गाहासाड़ बंधे की शुरूआत होती है। इस बंधे पर पीडब्ल्यूडी के निर्माण खंड तीन की ओर से वर्ष 2021 में पिच रोड बनाकर चौड़ीकरण कराया गया था। बंधे से एक दर्जन से अधिक गांवों के लाेग आवागमन करते हैं। साथ ही बंधा गोरखपुर शहर को सीधे जंगल कौड़िया कालेसर बाईपास से होते हुए लखनऊ हाइवे से जोड़ता है। इस पर रोजाना 10 हजार से अधिक छोटे बड़े वाहनों का आवागमन होता है। बारिश होने से बंधे पर बनी सड़क की हालत खराब हो जा रही है। जगह जगह रेनकट बन जा रहे हैं।
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें:  मां-बाप ने पड़ोसी पर लगाया आरोप: मासूम की संदिग्ध हाल में मौत, जहर देकर हत्या की आशंका
विज्ञापन
विज्ञापन

रविवार की दोपहर 02.00 बजे रोहिन नदी के डोमिनगढ़ पुल के पास ही बंधे की सड़क कई जगहों पर धंसी नजर आई। यहां पुल के दोनों सड़क के रेनकट को पाटने का काम मजदूर कर रहे थे। मिट्टी की बोरियां भरकर रखी जा रही थीं। मजदूरों ने बताया कि पानी बरसने पर ऐसी स्थिति हो गई है। इसके लिए गड्ढों को पाटा जा रहा है। यहां से आगे जाने पर निषाद चौराहे के इर्दगिर्द भी रेनकट मिले, जिन्हें पाटने के लिए मिट्टी गिरी थी। गांव के कमलेश ने बताया कि ऐसी हालत हर जगह जगह नजर आएगी। इन गड्ढों को पाटा जाता है। लेकिन पानी बरसने पर मिट्टी बह जाती है।

इसे भी पढ़ें: मियां-बीवी के झगड़ों में तबाह हो रही मासूमों की जिंदगी, कातिल आसानी से बना रहे शिकार

वाहन चलाने में चूके तो दुर्घटना तय है

11 km tied up from Domingarh bridge to Gahasad but rains caused by rain
रेनकट भरते मजदूर। - फोटो : अमर उजाला।

बारिश की वजह से नदी का पानी उफान पर है। राप्ती के कोलिया, घुनघुनकोठा, मंझरिया, उतरासोत सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों पर खतरा बना रहता है। करीब 11 किलोमीटर तक जगह जगह सड़क पर गड्ढे मिले, जिनको पाटने का काम मजदूर कर रहे थे। कोलिया गांव के डाेमिनगढ़ से गाहासाड़ जाते हुए बाईंलेन पर करीब तीन मीटर चौड़ा रेनकट मिला। इसे पाटने के लिए मजदूर बोरी डाल रहे थे। लोग दुर्घटना के शिकार न हो। इसके लिए लाल निशान लगाया गया था।

इसे भी पढ़ें: विकास की गति पर बारिश का झटका, गोरखपुर में हर काम लटका

नदी का पानी देखा तो हो सकते हैं दुर्घटना के शिकार
दोपहर 02.40 बजे उतरासोत गांव के सामने बाइक सवार आशीष कुमार और नीतेश कुमार मिले। दोनों नदी की ओर देखते हुए जा रहे थे। बाइक चला रहे नीतेश ने आशीष से कहा कि देखो लग रहा है कि बाढ़ आ जाएगी। तभी पीछे बैठे आशीष चिल्लाए कि आगे देखो नहीं तो गिर जाएंगे। बंधे की हालत ऐसे हो गई है कि यदि नदी का पानी देखने में ध्यान बंटा तो दुर्घटना के शिकार हो जाएंगे।

ग्रामीणों ने डीएम को दिया पत्र, कार्रवाई की मांग
राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश महासचिव विजय कुमार यादव की नेतृत्व में ग्रामीणों ने डीएम को पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। लोगों ने कहा है कि डोमिनगढ़ से जीरो प्वाइंट कालेसर तक जगह जगह सड़क पर गड्ढे हाे गए हैं। इनकी मरम्मत कराया जाना जनहित में है। क्षेत्र के रामनरेश, केशव, केवल, अधारे सहित अन्य लोगों ने बताया कि मरम्मत के अभाव में कभी कोई बड़ी घटना हो सकती है। नदी में बाढ़ आने पर बंधा टूट सकता है।

इसे भी पढ़ें: शिवालयों में गूंजा हर-हर महादेव, जलाभिषेक के लिए लगी भक्तों की लाइन

लोगों ने क्या कहा

11 km tied up from Domingarh bridge to Gahasad but rains caused by rain
बांध पर बने रेनकट। - फोटो : अमर उजाला।
बारिश होने से जगह जगह गड्ढे हो गए हैं। इनको पाटा जा रहा है, लेकिन मिट्टी बह जा रही है। यदि कोई संभलकर नहीं चलेगा तो दुर्घटना का शिकार हो जाएगा। -रामनिहाल, उतरासोत

हम लोग अक्सर इस रास्ते से आते जाते हैं। सड़क तो अच्छी बनी थी। लेकिन अब गड्ढे हो गए हैं। दो वाहनों के आने जाने में दिक्कत हो रही है।-नितेश कुमार, खलीलाबाद

बोरे भरकर जगह जगह गड्ढों को पाटा जा रहा है। लेकिन किनारे पर जाना किसी वाहन चालक के लिए खतरनाक हो सकता है। ऐसे में संभलकर चलने की जरूरत है। -आशीष कुमार, खलीलाबाद

इसे भी पढ़ें: श्रावस्ती में बैराज से छोड़ा गया पानी, राप्ती में नजर आएगा असर


रेनकट को भरने में लापरवाही हुई तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो जाएगा। इसलिए इसकी बराबर निगरानी करने की जरूरत है। -संतोष कुमार, टिकरिया

पीडब्ल्यूडी खंड तीन के अधीशासी अभियंता अरविंद कुमार ने कहा कि बंधे की सड़क पर रेनकट की मरम्मत का निर्देश दिया गया है। आवागमन में कोई असुविधा न हो। इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

सिंचाई विभाग अधीक्षण अभियंता दिनेश सिंह ने कहा कि नदी के बढ़ाव को देखते हुए लगातार निगरानी की जा रही है। बंधों की सुरक्षा के लिए समुचित उपाय किए गए हैं। इसमें कोई लापरवाही नहीं की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed