Gorakhpur News: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की सजा, कोर्ट ने लगाया 70 हजार अर्थदंड
अभियोजन पक्ष की ओर से वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी रामध्यान राम एवं विशेष लोक अभियोजक अरविंद श्रीवास्तव का कहना था कि घटना 31 दिसंबर 2019 की सुबह नौ बजे की है।
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नाबालिग से दुष्कर्म करने के जुर्म में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट रोहित सिंह ने पिपराइच थाना क्षेत्र के ग्राम नथुवन निवासी अभियुक्त अर्जुन चौहान को 10 साल के कठोर कारावास व एक लाख 70 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न देने पर दो साल का कारावास अलग से भुगतना होगा।
जानकारी के मुताबिक, अभियोजन पक्ष की ओर से वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी रामध्यान राम एवं विशेष लोक अभियोजक अरविंद श्रीवास्तव का कहना था कि घटना 31 दिसंबर 2019 की सुबह नौ बजे की है।
अभियुक्त वादिनी की बच्ची को बहला फुसलाकर कर भगा ले गया और दुष्कर्म किया। पुलिस ने जांच कर चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर शुक्रवार को फैसला सुनाया।
आत्महत्या दुष्प्रेरित की अभियुक्त पत्नी समेत दो को 10 साल की सजा
आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर जनपद न्यायाधीश तेज प्रताप तिवारी ने गोरखनाथ थाना क्षेत्र के नथमलपुर कौड़ियहवा निवासी अभियुक्त उषा देवी और उसके पिता मगरू को 10 साल के कठोर कारावास व 11 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता यशपाल सिंह एवं सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जयनाथ यादव का कहना था कि वादी कन्हैया बस्ती जिले के गौर थाना क्षेत्र के ग्राम भरथरी का निवासी है। उसने अपने लड़के रामजी की शादी अभियुक्त उषा देवी के साथ की थी। शादी के बाद उषा देवी बार-बार मायके भाग कर चली जाती और वहीं रहने लगी।
उसके दबाव पर रामजी भी अपने ससुराल में ही रहने लगा। रामजी की पत्नी उषा देवी और उसके परिवार वाले उसके ऊपर दबाव बनाने लगे कि अपने घर वालों से एक लाख रुपये मांग कर लाओ। इसके लिए उसे प्रताड़ित भी करने लगे। इसी से क्षुब्ध आकर रामजी ने 14 नवंबर 2008 को आत्महत्या कर ली।