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जरूरी खबर: माटी कला स्वरोजगार करने वालों को 10 लाख का ऋण, इन प्रमाणपत्रों के साथ जमा करें आवेदन
Fri, 02 Jul 2021 11:45 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 02 Jul 2021 11:45 AM IST
सार
2.5 लाख की छूट, राज्य सरकार कारीगरों को उपलब्ध कराएगी सुविधा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
अगर माटी कला से संबंधित कोई स्वरोजगार करना चाहते हैं तो प्रदेश सरकार की योजना के तहत 10 लाख रुपये तक ऋण बैंक से ले सकते हैं। प्रदेश सरकार इस ऋण राशि का 25 प्रतिशत यानी 2.5 लाख रुपये की सब्सिडी देगी। इसके लिए 15 जुलाई तक जिला ग्रामोद्योग अधिकारी के कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते हैं।
पर्यावरण संरक्षण के तहत प्लास्टिक उत्पादों पर रोक लगने तथा मिट्टी से खिलौना, घरेलू उपयोग के प्रेशर कुकर, घड़ा, सुराही, जग, कुल्हड़, गिलास, कटोरी, अचारदानी, कप, प्लेटस, डोंगे जैसे उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए उत्तरप्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग विभाग की ओर से स्वरोजगार संबंधी योजना संचालित की जा रही है।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी एनपी मौर्य ने बताया कि 18 साल से अधिक आयु वर्ग के ग्रामीण या शहरी युवा, मिट्टी कला के विभिन्न उत्पादों के निर्माण के लिए पूंजीगत व कार्यशील पूंजी मिलाकर अधिकतम 10 लाख रुपये तक का ऋण राष्ट्रीयकृत बैंकों से उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें लाभार्थी को कुल लागत का पांच प्रतिशत पूंजीगत मद में स्वयं का अंशदान लगाना अनिवार्य है।
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शेष पूंजीगत बैंक ऋण पर लाभार्थियों को 25 प्रतिशत एकमुश्त मार्जिन मनी (अनुदान) राज्य सरकार द्वारा दिया जाएगा। इस योजना में सभी अभ्यर्थी का साक्षर होना, पांच लाख से अधिक की परियोजना के लिए आठवीं कक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है।
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पर्यावरण संरक्षण के तहत प्लास्टिक उत्पादों पर रोक लगने तथा मिट्टी से खिलौना, घरेलू उपयोग के प्रेशर कुकर, घड़ा, सुराही, जग, कुल्हड़, गिलास, कटोरी, अचारदानी, कप, प्लेटस, डोंगे जैसे उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए उत्तरप्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग विभाग की ओर से स्वरोजगार संबंधी योजना संचालित की जा रही है।
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जिला ग्रामोद्योग अधिकारी एनपी मौर्य ने बताया कि 18 साल से अधिक आयु वर्ग के ग्रामीण या शहरी युवा, मिट्टी कला के विभिन्न उत्पादों के निर्माण के लिए पूंजीगत व कार्यशील पूंजी मिलाकर अधिकतम 10 लाख रुपये तक का ऋण राष्ट्रीयकृत बैंकों से उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें लाभार्थी को कुल लागत का पांच प्रतिशत पूंजीगत मद में स्वयं का अंशदान लगाना अनिवार्य है।
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शेष पूंजीगत बैंक ऋण पर लाभार्थियों को 25 प्रतिशत एकमुश्त मार्जिन मनी (अनुदान) राज्य सरकार द्वारा दिया जाएगा। इस योजना में सभी अभ्यर्थी का साक्षर होना, पांच लाख से अधिक की परियोजना के लिए आठवीं कक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है।
ये प्रमाणपत्र करने होंगे जमा
परियोजना रिपोर्ट, शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, प्रशिक्षण या अनुभव प्रमाण पत्र तकनीकी योग्यता प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र (आरक्षित वर्गों के लिए), आधार कार्ड, एवं कार्यशाला का नजरी नक्सा व चौहद्दी का प्रमाण पत्र (ग्राम प्रधान पार्षद या सभासद द्वारा जारी)।
इन नंबरों पर फोन करके ले सकते हैं जानकारी
0551-2201570 तथा 9450885941, 7897607044 एवं 9839450978
इन नंबरों पर फोन करके ले सकते हैं जानकारी
0551-2201570 तथा 9450885941, 7897607044 एवं 9839450978